Pages

Saturday, November 21, 2009

now fever of t-20

अब चढ़ेगा टी-10 का फीवर



VARANASI (20 Nov, i next): टी-20 के बाद अब क्रिकेट प्रेमियों पर टी-10 का बुखार चढ़ने वाला है. डीएलडब्ल्यू के स्पो‌र्ट्स ग्राउंड पर 11 दिसम्बर से टी-10 गली क्रिकेट स्टार्ट हो रहा है. वाराणसी गलीज ग्रुप बी में है, इसमें पटना, गोरखपुर व बलिया गलीज भी हैं.इसके लिए वाराणसी के प्लेयर्स का कोचिंग कैम्प डीएलडब्ल्यू ग्राउंड पर चल रहा है.
इस टूर्नामेंट में ग्रुप मैचों में सभी टीमें एक-दूसरे के खिलाफ मैच खेलेंगी. इन मैचों का लाइव टेलीकास्ट डीडी स्पो‌र्ट्स पर सुबह 11 बजे से किया जायेगा जबकि डीडी नेशनल पर हाईलाइट्स दिखाये जायेंगे.
वाराणसी टीम
डीएलडब्ल्यू में चल रहे कैम्प के कोच बृजेश कुमार हैं. वाराणसी टीम में आशीष सिंह, अखिलेश शुक्ला, आजम हाशमी, अमित कुमार, रवि पाण्डेय, आरेख कुमार, अमरेन्द्र पाण्डेय, संजय पाल, रिंकू वर्मा, जितेन्द्र पटेल, चंद्रकांत पाण्डेय, हेमंत राय, अमित सिंह, अजय उपाध्याय, अंकुश वर्मा व पंकज सिंह शामिल हैं.

royals GHOST

is ready to run


NEW DELHI (20 Nov, Agency): रॉल्स रायस ने फैंटम के बाद अब इंडियन मार्केट में अपनी टेक्निकली सबसे एडवांस कार घोस्ट को उतारने की तैयारी की है. कंपनी ने उम्मीद जताई है कि कम से कम 45 करोड़पति इस कार के सरल डिजाइन को देखकर अट्रैक्ट होंगे. कंपनी ने शुक्रवार को सुपर लग्जरी घोस्ट का प्रदर्शन किया. इस कार की प्राइस 2.5 करोड़ रुपए है. कंपनी को उम्मीद है कि घोस्ट की पहली डिलीवरी अगले साल पहली तिमाही में मिल जाएगी. 6.6 लीटर ट्विन-टर्बो कार के साथ वी-12 इंजन लगा है.
रॉल्स रायस के रीजनल डायरेक्टर एशिया प्रशांत कालिन केली ने जर्नलिस्ट्स से कहा कि हमें 2010 में भारत में 75 यूनिट्स की बिक्री की उम्मीद है. इनमें से 50 से 60 इकाइयां घोस्ट की होंगी. पिछले साल कंपनी ने भारत में 15 कारें बेची थीं.

China turning into crorepati’s country

China turning into crorepati’s country



BEIJING (20 Nov, Agency): देश में भले ही इस साल अरबपतियों की संख्या दोगुनी हो गई है, लेकिन पड़ोसी देश चीन को भी कम नहीं आंका जा सकता. धीरे-धीरे कम्युनिस्ट देश करोड़पतियों का देश बनता जा रहा है. एक स्टडी के मुताबिक ग्लोबल रिसेशन के बावजूद इस साल यहां करोड़पतियों की संख्या 4 लाख 50 हजार को पार कर जाएगी.गुरुवार को फो‌र्ब्स ने भारत के सौ सबसे अमीर लोगों की लिस्ट जारी की थी. इसमें यह फैक्ट उजागर हुआ था कि हमारे यहां के टॉप-10 धनकुबेरों की प्रॉपर्टी चीन के 10 सबसे ज्यादा अमीरों की तुलना में करीब चौगुनी है. यह डेटा निश्चित ही तमाम भारतीयों के लिए फख्र की बात हो सकती है. लेकिन यह तुलना चंद मुट्ठीभर लोगों की है. सच यह है कि जिस तरह से चीन में करोड़पति बढ़ रहे हैं, उससे हमें मुंह नहीं चुराना चाहिए.बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी) के आंकड़ों के मुताबिक मंदी के बावजूद चीन में लोगों की पर्सनल प्रॉपर्टी लगातार बढ़ रही है. बीसीजी ग्रेटर चाइना के मैनेजिंग डायरेक्टर फ्रेकी लींग ने कहा कि धन के मामले में चीन सबसे का सबसे अधिक संपन्न बाजार है.

market hot in winter

ठंड ने दी दस्तक मार्केट हुआ गर्म



VARANASI (20 Nov, inext ): हाल की बारिश ने लोगों को ठंड का एहसास कराया है. फुहार पड़ने के बाद लोगों ने कम्बल तो निकाले ही, गर्म कपड़ों का मार्केट जो अब तक ठंडा चल रहा था अचानक गर्म होने लगा. कस्टमर्स के बढ़ने से उनकी शॉप वाले फील गुड कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि अगर स्वेटर, जैकेट और कोट वगैरह अभी नहीं खरीदे तो बाद में बचे आइटम ही मिलेंगे. डिमांड को ध्यान में रखते हुए शॉप की पर्स ने वुलेन के ब्रांडेड कलेक्शन की कई रेंज मार्केट में उतारी हैं.
बच्चों के लिए है खास
किड्स के लिए गर्म कपड़ों की खरीदारी सबसे ज्यादा की जा रही है. मार्केट में किड्स के लिए भी कई ब्रैंडेड कंपनियों के बेहतर ऑप्शन अवेलेबल है. जिनी एण्ड जॉनी के कौशल ने बताया कि किड्स वुलेन आइटम्स में पामट्री, जीजे, लिवाइस, प्यूमा, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ, रॉकियंस और बेबी ड्रीम्स के कई रेंज के डिफरेंट कलर्स और डिजाइन्स लोगों को अट्रेक्ट कर रहे हैं.
फ्लेट नीट और ब्लेजर इन डिमांड
यूथ तो ब्लेजर के दीवाने हैं. कॉटन्स बाय सेन्चुरी के मैनेजर आलोक जैन का कहना है कि वुमेंस और मेंस प्रॉडक्ट का काफी स्टॉक आ चका हैं. ग‌र्ल्स को फ्लैट नीट पसंद आ रही है. मेंस वीयर में पुलोवर और ब्लेजर नंबर वन बना हुआ है. सिगरा स्थित एलेन कूपर शॉप की मनोरमा जायसवाल का कहना है कि महज पाचं दिनों में वुलेन आइटम्स की परचेगिंग 20 से 25 परसेंट तक बढ़ गई है. हमने तो यंगस्टर की डिमांड और मैरिज सीजन को ध्यान में रखते हुए डिफरेंट वॅरायटी भी मंगा ली है. ग‌र्ल्स लॉन्ग और शार्ट टॉप के साथ ही स्वेट्स टीशर्ट विद हुड को ज्यादा अच्छा रिस्पॉन्स दे रहीं हैं. बॉएज कैजुअल और इम्ब्रायडरी वाले डिजाइनर ब्लेजर की परचेजिंग ज्यादा कर रहे हैं. इन ब्रांडेड शॉपवालों ने विंटर की शुरूआत में ही कस्टमर्स को अट्रैक्ट करने के लिए ऑफर देने शुरू कर दिये हैं. कॉटन्स बाय सेन्चुरी में विंटर के सभी आइटम्स पर 15 परसेंट की छूट दी जा रही है. ऐलेन कूपर तो इसमें एक कदम आगे ही है. यहां वूलेन आइटम्स पर 70 परसेंट तक की छूट मिल रही है.
varanasi@inext.co.in


Wednesday, November 4, 2009

शिक्षक को कभी हार नहीं माननी चाहिए


गुरू कुम्हार शिष्य कुम्भ है, गढ़ी-गढ़ी काढ़े खोट, भीतर हाथ सहार दें, बाहर बाहे चोट एक शिक्षक अपने शिष्य के जीवन में अहम भूमिका निभाता है. उसके चारित्रिक उत्थान अथवा पतन में उसका योगदान उतना ही अहम होता है जितना एक कुम्हार का घड़े की बनावट में, बदलते युग में शैक्षिक धारणाओं ने भी करवट ली है. आज एक बालक के जीवन में मिठास घोल, उसके मित्र बनकर हम जितना उसका जीवन साकार कर सकते है उतना किसी और तरीके से नहीं. शिक्षा में नए तरीकों को आजमा कर भी हम उनकी जिज्ञासा जागृत कर सकते हैं as change is the essence of life. हमें उनकी बातों को समझ उनमें ज्ञान की अलख जगानी होगी. As the one real object of education is to settle the mind of the young and unflame their intellects. शिक्षक को कभी हार नहीं माननी चाहिए. यह सोचना कि ये कार्य इस बच्चे के बस का नहीं, वास्तव में निराशावाद होना दर्शाता है. मुझमें हमेशा इस विश्वास की ज्योती जलती है कि देर से ही सही पर ये बच्चा जरूर सीखेगा और अंत में मेरे विश्वास की जीत होती है. तब मुझमें अपने यकीन को बनाए रखने का प्रोत्साहन और बढ़ जाता है.
I’l sum up by saying that being freindly, patient confident and loving to teach your subject are the ,1,1ualities of a good teacher who serves his children and ultimately the society.

cooking craze in boys

कुकरी क्लासेज में भावी दूल्हों की बढ़ती संख्या

NEW DELHI (29 Oct, Agency): शादी के पहले दुल्हन को दी जाने वाली पति के दिल का रास्ता पेट से होकर गुजरने वाली सीख महानगरों में पलटती नजर आ रही है. कुकरी क्लासेज में भावी दूल्हों की बढ़ती संख्या बताती है कि दुल्हन के दिल तक पहुंचने के लिए दूल्हे भी अब उनके पेट से होकर गुजरने वाले रास्ते का सहारा ले रहे हैं. पकड़ रहा जोर दिल्ली में कुकरी क्लासेज की सीरीज चलाने वाली ज्योति अग्रवाल ने कहा कि मेरे पास कई ऐसे लड़के और वर्किंग मेन्स आते हैं जो कुकिंग की एबीसी से लेकर विशेष व्यंजन बनाना तक सीखना चाहते हैं. शादी होने से पहले भी कई लड़के खाना बनाने में दिलचस्पी लेते हैं. हालांकि आनुपातिक तौर पर इनकी संख्या अभी कम है, लेकिन फिर भी धीरे-धीरे यह ट्रेडिशन जोर पकड़ रहा है. वक्त की मांग ऐसे समय में जब हसबैंड-वाइफ दोनों वर्किंग हैं. दोनों के पास ही एक-दूसरे के लिए कम समय है. हसबैंड भी चाहते हैं कि वाइफ के हर काम में उसका सहयोग करें. टीवी शोज में भी दिखाया जा रहा है कि हसबैंड को परफेक्ट होना चाहिए, ऐसे में परफेक्शन के पैमाने में खाना बनाना भी शामिल हो रहा है. राजधानी में कुकरी क्लासेज चलाने वाली नमिता वर्मा ने बताया कि देश के जाने-माने सभी शेफ मेन हैं और इसके चलते भी मेंस कैटेगरी की महिलाओं का एकाधिकार माने जाने वाले इस क्षेत्र में दिलचस्पी बढ़ रही है. नमिता ने कहा कि मेरे पास कई लड़के ऐसे भी आए, जिन्होंने अपनी वुड बी के कहने पर कुकरी संबंधी कई किताबों से पाक कला के कुछ नुस्खे सीखे. इसके बाद फॉर्मल ट्रेनिंग लेने के लिए उन्होंने क्लास का रुख किया. अब लड़कों को कुकरी क्लास में आकर कुकिंग सीखने में भी झिझक नहीं है.

magic of glass

एचबीटीआई रिसर्च
KANPUR (29 Oct): सिर्फ एक गिलास का कमाल कुछ ही दिनों में आपके हाथ में होगा. इससे आप तत्काल भरपूर एनर्जी बिना किसी नुकसान के पा सकेंगे.और तो और इससे पेट के रोग भी दूर होंगे. यह इंस्टेंट एनर्जी ड्रिंक बनेगा डेयरी के वेस्टेज प्रोडक्ट्स से. इस बारे में एचबीटीआई रिसर्च कर रहा है. रिसर्च के बाद इसे पेटेंट कराने का भी प्लान है. यह स्टेट गवर्नमेंट और संस्थान की कमाई का जरिया भी बनेगा.
एचबीटीआई के बायोकेमिकल इजीनियरिंग डिपार्टमेंट के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अलक कुमार सिंह के नेतृत्व में इंस्टेंट एनर्जी बूस्टर बनाने पर रिसर्च हो रहा है. दो दिन पूर्व काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी से इस प्रोजेक्ट के लिए स्वीकृति लेटर भेजकर 7 लाख रुपए इनीशियल फंड भी रिलीज कर दिया गया है. डॉ. सिंह ने आई नेक्स्ट को बताया कि शहर में डेली हजारों लीटर डेयरी प्रोडक्ट्स लिक्विड वेस्टेज के तौर पर निकलता है. इसमें दही और पनीर से निकला पानी सबसे महत्वपूर्ण अवयव है. इसे वे कहा जाता है. इसे लोग और डेयरी वाले गंगा में बहा देते हैं. इससे गंगा का सामान्य बीओडी स्तर 200 से बढ़कर 70 हजार तक पहुंच जाता है. यानी गंगा दूध-दही के इस वेस्ट बाई प्रोडक्ट से भी काफी प्रदूषित हो रही है. उनका विभाग इसी बहा दिए जाने वाले वेस्ट प्रोडक्ट से इंस्टेंट एनर्जी ड्रिंक तैयार करने पर रिसर्च कर रहा है. वे की आर्गेनिक केमिकल निकालकर उसमें मिलने वाले प्योर लैक्टोस को अलग कर लिया जाएगा.
इसे ड्राई या लिक्विड फार्म में लोगों को दिया जाएगा. सबसे ज्यादा बड़ी बात ये है कि ये ग्लूकोज सहित वे में मिलने वाले सोडियम, पोटैशियम व मैग्नीशियम जैसे पदार्थो को बच्चों की बेहद कारगर इलेक्ट्रोलाइट व दवा बनाने में प्रयोग किया जाएगा.

Winter Coming

i next reporter

अभी तक अपने आने की आहट भर देने वाला जाड़े का मौसम सचमुच आ गया है. गर्मियों में चुभने वाली धूप भी अब अपनी लगती है. सुबह घर से निकलने पर स्वेटर चाहिए. वहीं शाम को लौटने पर सिहरन का अहसास होता है. मॉर्निग वाक पर निकलने से पहले मफलर और शॉल का ध्यान आ जाता है. सुबह-सवेरे कुछ ऐसी ही तस्वीरों को आई नेक्स्ट ने अपने कैमरे में कैद किया.

Monday, November 2, 2009

diwali Real Meaning

तमस से धवल की ओर ले जाने वाला पर्व है दीपावली

गोल के प्रति "devoted" रहें तो कदम चूमेगी सफलता

कोई भी काम कठिन नहीं होता है, बशर्ते कि हम उसे एक मिशन के रूप में लें तब. हमारी नजर गोल पर रहे और उसके प्रति हम पूरी तरह समर्पित रहें तो हमें सफलता मिलने से कोई नहीं रोक सकता है. कुछ ऐसा ही मामला है सीबीएसई के ग्रेडिंग सिस्टम के साथ. यह ठीक है कि बोर्ड ने ग्रेडिंग सिस्टम लागू कर स्टूडेंट्स और स्कूल की परेशानी को थोड़ा बढ़ा दिया है. लेकिन, अगर स्टूडेंट्स अपने गोल के प्रति एकाग्रचित रहें और उसी लेवल के मेहनत करें तो बेशक वे गोल को एचीव कर लेंगे. कहें तो सीबीएसई ग्रेडिंग सिस्टम से स्टूडेंट्स को परेशान होने की जरूरत नहीं है. बस, खुद को बेस्ट साबित करने पर उनका ध्यान होना चाहिए. उनमें ग्रेड ए पर पहुंचने की चाहत होनी चाहिए. ग्रेडिंग सिस्टम को अपनाने में थोड़ी मुश्किलें है. इससे स्टूडेंट्स में सेल्फ जजमेंट, कांपटीशन आदि की भावना में कमी आएगी. दूसरों से आगे बढ़ने की होड़ नहीं रहेगी. लेकिन, जो स्टूडेंट्स अच्छे हैं, उन्हें इससे कोई दिक्कतें नहीं होगी. हां, जेनरल स्टूडेंट्स में प्राब्लम हो सकती है, लेकिन मेरिटोरियस व लेबोरियस स्टूडेंट्स तो बेस्ट बनेंगे ही. इसमें टीचर्स का रोल भी काफी अहम है. स्टूडेंट्स को ग्रेडिंग के हौवा से वे ही निकाल सकते हैं. अंततोगत्वा यही कह सकते हैं कि स्टूडेंट्स का वील पावर स्ट्रांग हो और टीचर का सही हेल्प मिल जाए तो नो डाउट सफलता उनके कदम चूमेगी.

more saved indian woman

भारतीय महिलाएं ज्यादा सुरक्षित

KANPUR (22 Oct): दूसरे देशों की तुलना में भारतीय महिलाओं के लिए ज्यादा कानून है. वे अन्य देशों की तुलना में ज्यादा सुरक्षित हैं. अमेरिकी जैसे देश में महिलाओं की सबसे ज्यादा पिटाई होती है. यह बातें आईआईटी कानपुर के प्रो. वीके पटनायक ने कही. वह डीजी कॉलेज में महिलाओं में मानवाधिकार के लिए सामाजिक संघर्ष विषय पर आयोजित सेमिनार में बोल रहे थे. मेन स्पीकर आगरा यूनिवर्सिटी के एक्स वीसी प्रो. एसवी पांडेय ने कहा कि 1994 में कन्या भ्रूण हत्या पर कानून तो बन गया, पर इम्पलीमेंट नहीं हो पाया है. राघवेन्द्र अवस्थी, डॉ. विवेक द्विवेदी, डॉ. मीता जमाल आदि उपस्थित थे.

अब तो अच्छा पढ़ाओ

KANPUR (22 Oct): अपनी रैंकिंग और प्रदर्शन में सुधार नहीं कर पा रहे इंजीनियरिंग कॉलेजों के लिए बुरी खबर. यूपीटीयू उनकी सीटें घटाने की रिक्वेस्ट एआईसीटीई से करेगा. अगर जरूरी हुआ तो मान्यता भी खत्म की जा सकती है. कॉलेजों के लिए इस सेशन में अपनी पढ़ाई का स्तर, फैकल्टी, संसाधन, रिजल्ट्स और प्लेसमेंट रेट आदि सुधारना अब एक मजबूरी है. सूत्रों के अनुसार यह एक्शन इसी साल जनवरी में जारी एक शासनादेश के आधार पर लिया जा रहा है.
सूची तैयार
यूपीटीयू सोर्सेज के अनुसार खराब प्रदर्शन करते आ रहे गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के कई इंजीनियरिंग कॉलेजों की एक सूची तैयार की गई है. इसमें कानपुर व आसपास के भी आधा दर्जन कॉलेज हैं. नए खुले कॉलेजों को नोटिस के बजाए मौखिक चेतावनी देकर अगले साल तक का समय दिया गया है. अगर वे सुधार नहीं लाते हैं तो उनके यहां की सीटें आधी करने की रिक्वेस्ट ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजूकेशन (एआईसीटीई) को भेज दी जाएगा. यूपीटीयू के शीर्ष ऑफिसर्स के अनुसार एक्स्ट्रीम केसेज में कॉलेजों की मान्यता भी छीनी जा सकती है.

Antaragni ‘09 begins

KANPUR (22 Oct): The four day annual cultural fest of IIT Kanpur ‘Antaragni-09’ begin with much fanfare on Thursday. The biggest college cultural festival of North India is here with the theme i am the change. The SAC (Students Activity Centre) is filled with students from 152 colleges, registering for competitions & workshops, making new friends and enjoying themselves with full abandon. The SAC is lit up to welcome the participants and the hospitality cell of the organizing team is working full time to help them settle in.
The programs kickstarted with Prima Nocte, the opening night show where Sitar Funk Niladri Kumar and the band Advaita of the UK SoundPad fame performed. As far as competitions are concerned, the preliminary rounds of Ritambhara (fashion), Synchronicity (rock bands) and stand-up comedy also took place. The well known cartoonist K V Gautam conducted a workshop on caricatures. The fun stuff at the mall went on, with antakshari, casino and gone in 50 seconds (50s challenges) planned for this evening.
The morning of day 2 will begin with preliminary rounds of Darpan (stage play) and Nukkad (street play). In the Dance competitions, there will be Roots (folk dance), Jitterbug prelims (western group dance) and Natraj (Indian classical Dance). Also, the word games prelims (under English literary events) will be held..

जागो वोटर जागो

KANPUR (22 Oct): भारत की कुल आबादी का केवल 20 प्रतिशत भाग ही मतदाता सूची में पंजीकृत है. इसमें से केवल 10 प्रतिशत लोग ही मताधिकार का प्रयोग करते हैं. केवल तीन प्रतिशत वोट के आधार पर सरकार बनती है. इसी का परिणाम है कि 110 करोड़ लोगों में से मात्र 6 करोड़ लोग ही नेता बनाते हैं. यह बात डीबीएस द्वारा आयोजित जनसभा में वक्ताओं ने कही.
राजनीतिक शास्त्र विभाग द्वारा मतदान व्यवहार व राजनैतिक जागरुकता अभियान के तहत आयोजित विशाल रैली को प्रिंसिपल डॉ. अशोक कुमार श्रीवास्तव ने हरी झंडी दिखाई. स्टूडेंट्स ने नारे लगा व पंफलेट्स बांटकर लोगों में मतदान के प्रति जागरुकता जगाने का प्रयास किया.
बाद में सीटीआई में एक जनसभा का आयोजन किया गया. इस मौके पर डॉ. अरविन्द शुक्ला, डॉ. विपिन कौशिक, डॉ. शिखा सक्सेना आदि उपस्थित रहे.

Coolest night

KANPUR ( 22 Oct): मानसून सीजन के बाद हुई हैवी रेनफॉल का असर साफ नजर आ रहा है. बुधवार को मिनिमम टेंपरेचर ने पिछले सभी रिकार्डो को पीछे छोड़ दिया. बुधवार की रात 39 वर्षो में 21 अक्टूबर की सबसे ठंडी रात साबित हुई. सीएसए मौसम विभाग के 39 सालों की हिस्ट्री में इस डेट को पहले कभी भी मिनिमम टेंपरेचर 14 के नीचे नहीं गया है. केवल दो बार 14 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक आमतौर पर नवंबर के सेकेंड वीक में मिनिमम टेंपरेचर इतना रहता है.
मानसून सीजन के बाद अक्टूबर के फ‌र्स्ट वीक में हुई हैवी रेनफॉल को सर्दी की मुख्य वजह माना जा रहा है. सीएसए के मौसम विभागाध्यक्ष डॉ. अनिरूद्ध दुबे ने बताया कि बारिश से एटमॉस्फियर से ड्राइनेस खत्म हो गई है. माइश्चर हो गया है. इसी वजह से रात का टेंपरेचर डाउन हो रहा है. हिल एरिया से आ रही पश्चिमी हवाएं भी इसमें अहम रोल निभा रही हैं. सीबी सिंह ने कहा कि आसमान में क्लाउड न होने की वजह से दिन का टेंप्रेचर बढ़ रहा है.

HBTI

KANPUR (22 Oct): इसे देशभक्ति का जज्बा ही कहेंगे कि पिछले चार-पांच सालों में टेक्निकल स्टूडेंट्स का रुझान देश सेवा वाली नौकरी की तरफ बढ़ रहा है.
7 अक्टूबर को एचबीटीआई कैम्पस के लगभग 500 स्टूडेंट्स में से 40 इंडियन आर्मी के लिए इंटरव्यू दिया और उनमें से 13 का सेलेक्शन भी हो गया. कुछ समय पहले टेक्निकल स्टूडेंट्स सेना में जाने की अपेक्षा किसी मल्टीनेशनल कंपनी में जाना ज्यादा अच्छा समझते थे. मल्टीनेशनल कंपनी का बड़ा पैकेज और उसकी चमक-धमक स्टूडेंट्स को लुभाती थी. यही कारण है कि कुछ समय पहले तक कैम्पस सेलेक्शन में मात्र 10 या 15 स्टूडेंट्स ही सेना में जाते थे.

तो 100 साल तक जी सकेंगे बच्चे [Life expectancy increases by 50%]

PARIS (2 Oct, Agency): अगर लाइफ एक्सपेक्टेंसी (जीवन प्रत्याशा) की प्रवृत्ति इसी प्रकार रही तो रिच कंट्रीज में अभी जन्म ले रहे बच्चों में आधे से ज्यादा 100 साल तक जी सकेंगे. मेडिकल जर्नल द लैंसेट में पब्लिश एक स्टडी में यह दावा किया गया है. स्टडी के मुताबिक 20वीं सदी में ज्यादातर डेवलेप कंट्रीज में लाइफ एक्सपेक्टेंसी में करीब 30 परसेंट की वृद्धि हुई है. सदर्न डेनमार्क यूनिवर्सिटी के डेनिश एजिंग रिसर्च सेंटर के प्रो. केर क्रिस्तेनसेन ने अपनी स्टडी के रिजल्ट में यह बात कही है. क्रिस्तेनसेन ने कहा, 1950 में 80 साल की एज की 15-16 परसेंट महिलाएं और 12 परसेंट पुरुष थे. 2002 में 80 साल से ज्यादा एज की महिलाओं और पुरुषों का डेटा 37 परसेंट और 25 परसेंट हो गया. जापान में 80-90 साल की एज के लोगों में 50 परसेंट से अधिक महिलाएं हैं. स्टडी के मुताबिक, अगर डेवलप कंट्रीज में पिछली दो शताब्दियों से 21वीं सदी तक लाइफ एक्सपेक्टेंसी में वृद्धि की दर इसी प्रकार रही तो फ्रांस, जर्मनी, इटली, ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा, जापान और अन्य देशों में 2000 से जन्मे अधिकतर बच्चे की लाइफ एक्सपेक्टेंसी ज्यादा होगी और वे अपना सौवां बसंत देख पाएंगे.

Post from Finland : Er...Nokia country

We just got back from doing a two week immersion into the Hindi speaking heartland of India, Kanpur, home of the Indian Institute of Technology who boasts Infosys founder Narayanan Moorthy as alumnus, and boy were Finns worthy of national media attention, this was very unexpected since most of the time, when attempting to explain the research and why we needed to interview you on mass communication, primary education and packaging or take photographs in your shop, school or neighbourhood, we had to start by explaining what Finland was, Yes Virginia its an honest to god real country right up north where Santa Claus lives somewhere near Lake Inari I believe. My colleague pictured in one of the leading newspapers. He found himself agreeing that this centre of the informal ragpicking industry in north India would make a great tourist spot. Poor chap he’s not fully Finndian yet. One of the easiest ways to introduce and give context to Finland, I found was to start by saying You know Nokia? and the people would nod. Now why dis i need to do it this way and simply describe it as part of the Nordic countries in Europe bordering Russia? Well primarily because we couldn’t assume education particularly geography among our target user groups so we had to start with what they knew in this case in India, Nokia with over 70% penetration in Indian mobile handset market. You do the math except interestingly enough not a single person told us they thought it was Japanese. I wonder if that has something positive to say to us? Anyways then I’d say OKAY. Where we are from is where Nokia is from but we’re not working for Nokia. We’re um actually on an academic project rented by the Helsinki School Of Economics. On a project they are conducting for the forest industry, Finlands very own Detroit at a similar place it imploded so ,1,1uietly and so gracefully. Now may be we’ll get sustainable transportation solutions. Any way other than the challenges of contextualizing Finland. The trip was an eye opener in many ways. My early thoughts and insights on the BoP consumer and their design preferences were right on the button.Good to get that validation from two different continents, it helps with comparative context and knowledge. Since it seems this letter did’nt really have a big point to make.I’ll wrap it up now and write again later. -Niti Bhan by e-mail

बूंद-बूंद से घड़ा भरता है |

KANPUR (27 Oct): मंदी आई तो कानपुराइट्स बचत के पुराने तरीके पर लौटने लगे. शेयर बाजार में पैसा लगाने का वे जोखिम नहीं लेना चाहते, तभी तो वे गवर्नमेंट की विभिन्न बचत स्कीम्स में जमकर पैसा जमा कर रहे हैं. यानी शेयर बाजार में एक साथ बड़ा दांव मारने के बजाय बूंद-बूंद घड़ा भरने पर विश्वास कर रहे हैं. तभी तो विभिन्न सेविंग स्कीम्स में कानपुराइट्स पिछले कुछ महीने में करोड़ों रुपए जमा कर चुके हैं. सबसे ज्यादा इंवेस्टमेंट एमआईएस में किया जा रहा है.
Easy process
कानपुराइट्स एनएससी, केवीपी, एमआईएस, पीपीएफ सहित अन्य सेविंग स्कीम्स में करीब पौन चार सौ करोड़ रुपए जमा कर चुके हैं. लोगों में पैसा इंवेस्ट करने का सबसे ज्यादा इंट्रेस्ट मंथली इंकम स्कीम (एमआईएस) में दिखा. इसमें सितंबर तक करीब 128 करोड़ रुपए जमा हो चुका है. इस स्कीम में स्टूडेंट से लेकर रिटायर्ड लोग मिनिमम 1,500 रुपए से इंवेस्ट कर सकते हैं. सिक्स इयर की इस स्कीम में सालाना आठ परसेंट इंट्रेस्ट मिलता है. साथ ही स्कीम पूरी होने पर जमा धनराशि पर पांच परसेंट बोनस भी मिलता है. इसके अलावा डाक विभाग की केवीपी और एनएससी में लोगों ने जमकर इंवेस्ट किया.

Wednesday, October 7, 2009

Gandhi on Facebook & Twitter’

Gandhi on Facebook & Twitter

संयुक्त राष्ट्र गांधी संयुक्त राष्ट्र पर डाक टिकट जारी: शराब के अंतर्राष्ट्रीय दिवस हिंसा, संयुक्त राष्ट्र चिह्नित किया है उसके जन्म के 140 वीं वर्षगांठ के अवसर पर Mahathma गांधी की एक डाक टिकट जारी किया. संयुक्त राष्ट्र, विश्व शरीर की डाक एजेंसी डाक प्रशासन, एक डॉलर के एक दुनिया द्वारा डिजाइन मशहूर आधारित कलाकार Ferdie Pacheco मियामी टिकट लाल, नीले और सोने में राष्ट्र के पिता के साथ, जारी की. भी लिफाफे डाक टिकट और संयुक्त 'राष्ट्र मुहर के साथ चिह्नित बिक्री पर थे. कई संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधियों, एक भारतीय मिशन द्वारा आयोजित समारोह में मौजूद अपने जन्म के 140 वीं वर्षगांठ मनाने के लिए, महात्मा गांधी के जीवन के प्रभाव को दोहराया. "कई मायनों में, महात्मा गांधी के संयुक्त राष्ट्र previsioned. , हरदीप सिंह पुरी भारत के संयुक्त राष्ट्र के राजदूत का काम है कि हम मानव अधिकारों के क्षेत्र में कर की ज्यादातर नस्लीय भेदभाव, जिसे वे पर ध्यान केंद्रित के खिलाफ संघर्ष में अपनी उत्पत्ति बकाया है "कहा. महासभा अली Treki के राष्ट्रपति और गैर मुसलमानों के बीच सांप्रदायिक सौहार्द के लिए गांधी की प्रतिबद्धता पर जोर दिया मुसलमानों. गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित, संयुक्त राष्ट्र Susan चावल के लिए अमेरिकी दूत ने कहा कि गांधी ने लाखों अमेरिकियों को प्रभावित किया. महात्मा सामाजिक नेटवर्किंग साइटों को गले लगा लिया होगा को जनता के बीच अपनी पहुंच व्यापक लंदन (3, एजेंसी अक्टूबर): अगर वह आज जीवित है, तो भारत के पिता महात्मा गांधी, हो सकता है प्रौद्योगिकी को अपने बचने पर काबू पाने और सॉफ्टवेयर की जुटाने की शक्ति को गले लगा जैसे के रूप में Facebook और चहचहाना बड़े पैमाने पर लोकतंत्र समर्थक विरोध प्रदर्शन आयोजित करने के लिए, जॉर्ज लंदन के Paxton गांधी फाउंडेशन के आधार पर दावा करता है. गांधी, जो जीवन का एक आसान तरीका है वापसी की भी वकालत "कई बार बहुत विरोधी प्रौद्योगिकी लग रहा था," कह के रूप में नेशनल ज्योग्राफिक, 1,1 uotes Paxton,. गांधी का मानना है कि प्रौद्योगिकी था अक्सर गरीबों की कीमत पर किया जाता था, Paxton कहा. "भारत में बेरोजगार, और प्रौद्योगिकी की शुरूआत उन्हें लाभ नहीं था की भारी संख्या रहे थे," उन्होंने कहा. "कारखानों के मालिकों को लाभ यह था, वगैरह." इसलिए गांधी अक्सर एक चरखा के पास फोटो था, Paxton कहा. सरल उपकरण भारत के ग्रामीण को कपास की है, जो उनकी आय के पूरक और महंगी, कारखाने, कपड़ों की एक वैकल्पिक प्रस्ताव कर सकता है गरीबों द्वारा इस्तेमाल किया जा सकता है. लेकिन गांधी के आंदोलन को ब्रिटिश शासन से, अंत में 1947 में हासिल की भारत मुक्त करने के लिए होता बिना अपने दिन के Googles: तार असंभव है, समाचार पत्र, टेलीफोन.

Tiger conservation efforts must begin now Tiger Year

बाघ संरक्षण के लिए अब शुरू होगा बाघ वर्ष


NEW DELHI/ WASHINGTONL: इंडिया के नेशनल एनीमल बाघ को बचाने के लिए सरकार ने नई पहल की है. बाघ संरक्षण के लिए 1973 में शुरू हुआ प्रोजेक्ट टाइगर भी कोई खास परिणाम नहीं दे पाया. अब इंडियन गवर्नमेंट ने बाघ संरक्षण पर इंटरनेशनल कम्युनिटी का ध्यान आकर्षित करने के लिए नेक्स्ट इयर को बाघ वर्ष के रूप में मनाने का फैसला किया है. वेलेंटाइन डे पर शुरू होने वाले इस बाघ वर्ष की शुरुआत जिम कार्बेट राष्ट्रीय पार्क से होगी. इन्वायरमेंट मिनिस्टर जयराम रमेश ने इस बात की घोषणा की. इस संबंध में भारत के प्रपोजल को प्रतिष्ठित स्मिथसोनियन संस्थान में आयोजित एक बैठक के दौरान स्वीकार किया गया. इस बैठक में विश्व बैंक सहित कई अन्य एजेंसियों के अधिकारी भी शामिल थे.
दी जाएगी जानकारी
इस दौरान जयराम रमेश ने कहा, 14 फरवरी 2010 से शुरू हो रहे बाघ वर्ष का समापन नवंबर 2010 में रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान में होगा. इस आयोजन के दौरान बाघ संरक्षण के क्षेत्र में भारत के प्रयासों के बारे में सबको जानकारी दी जाएगी. दुनियाभर में फैले बाघ की कुल आबादी का 60 परसेंट भारतीय जंगलों में है. अभी तक दुनिया के किसी देश ने इतना व्यापक संरक्षण कार्यक्रम नहीं चलाया, जितना कि भारत ने.
बता दें कि रूस सितंबर 2010 में विश्व बाघ शिखरवार्ता का आयोजन करने जा रहा है. उन्होंने कहा, व‌र्ल्ड बैंक के प्रेसीडेंट राबर्ट बी. जोलिक की भी इस परियोजना में काफी रुचि है. जोलिक इस साल दिसंबर में भारत दौरे पर आने वाले हैं.

Surfer saved by Tsunami waves

Tsunami के लहरों से बचा Surfer


LONDON (3 Oct, Agency): सुनामी का नाम सुनकर ही मन में दहशत पैदा हो जाती है. 2004 का वो मंजर आंखों के आगे झूल जाता है जब साउथ इंडिया समेत साउथ-ईस्ट एशिया के कई तटीय शहरों में सुनामी ने कहर बरपाया था, लेकिन क्या आप सोच सकते हैं कि 20 फीट ऊपर उठती दैत्याकार लहरों में सर्फिंग करते हुए भी कोई बच सकता है? शायद नहीं. लेकिन ब्रिटेन के डेवोन में रहने वाले टाम गोगोला ने कुदरत के कहर को मात देकर मौत पर फतह हासिल कर ली.
साउथ प्रशांत महासागर के समोआ द्वीप में पिछले दिनों सुनामी ने भयंकर तबाही मचाई थी. टाम समोआ पर छुट्टियां मनाने गए थे. जिस समय सुनामी आया, उस समय गोगोला समुद्र की लहरों से अठखेलियां कर रहे थे. 22 वर्षीय टाम के पास उस वक्त करने के लिए कुछ नहीं था. सुनामी की लहरों को चीरने के लिए वे सर्फिंग बोर्ड पर तनकर खड़े रहे.

Rajasthan to launch Aaata-Daal scheme

Aaata-Daal scheme in Rajasthan


जयपुर (3, एजेंसी अक्टूबर): खाद्यान्न की कालाबाजारी नियंत्रित करने के लिए, राजस्थान शनिवार को सरकार 'के शुभारंभ की घोषणा की Aaata-दाल' योजना को दालों और सस्ती दरों पर गेहूं की जनता के लिए उपलब्ध है.
सुविधा शुरू में राज्य के सात कल से मंडल मुख्यालय में बनाया जाएगा. गेहूं और दालों 4 अक्टूबर से 861 डेयरी बूथ और 42 सहकारी राज्य भर में उपभोक्ता केन्द्रों पर उपलब्ध होगा, और प्रत्येक राशन कार्ड धारक एक महीने में गेहूं का वजन 10 किलो और दालों की 4 किलो उचित दरों पर खरीद सकते हैं, बाबू लाल Naagar, राज्य खाद्य और आपूर्ति मंत्री ने आज यहां बताया था.
के लिए केवल आदिवासी और अल्पसंख्यकों को
यह सुविधा आदिवासी और अल्पसंख्यक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों पर उपलब्ध राज्य है, जहां डेयरी जूते की संख्या कम कर रहे हैं की आबादी वाले क्षेत्रों में होगी, उन्होंने कहा. कई राज्य के मंत्रियों और सांसदों के साथ कल को जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, भरतपुर, अजमेर, उदयपुर और कोटा मंडल मुख्यालय में योजना का शुभारंभ करेंगे.
अधिक योजनाएं
नगर ने कहा कि खाद्य तेलों को भी उपलब्ध कराया जाएगा अगर दर आने वाले दिनों में बढ़ा रहे हैं, जबकि एक अन्य योजना के मिट्टी के तेल की कालाबाजारी पर नियंत्रण के लिए जो वर्तमान में प्रक्रिया में है जल्द ही शुरू किया जाएगा.

The foreign friend

i next desk : - इंडियन मार्केट ग्रो कर रहा है. वजह है बड़ी तादाद में हो रहा फॉरेन इनवेस्टमेंट, जिसके चलते एक्स्प‌र्ट्स का मानना है कि हर साल की तरह इस साल मानसून का निगेटिव इफेक्ट मार्केट पर नहीं पड़ेगा. मार्केट में बढ़ते मनी फ्लो का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस साल अभी तक फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एफएफआई) द्वारा इंडियन शेयर मार्केट में 60 हजार करोड़ (करीब 12 अरब डॉलर) इनवेस्ट किए जा चुके हैं, जबकि अकेले सितंबर महीने में 18 हजार 344 करोड़ का इनवेस्टमेंट किया गया था. 30 सितंबर को खत्म हुए मानसून के बाद से ही मार्केट ने नए बेंचमार्क सेट किए हैं. इसी ड्यूरेशन में बीएसई सेंसेक्स 15.5 परसेंट की उछाल के साथ 17127 तक पहुंच गया.एक राय नहीं एक्सप‌र्ट्सकुछ एक्सप‌र्ट्स का मानना है कि इंडेक्स का यह ह्यूंज डाइवरजेंस मानसून ट्रेंड के कारण हो रहा है. उनके मुताबिक रेनफाल के दौरान इंडियन इकोनॉमी डाउन हुई और अब मानसून के बाद यह नए मुकाम की ओर है. हालांकि कुछ अन्य एक्सप‌र्ट्स का मानना है कि इकोनॉमी अब भी बहुत ज्यादा हाई नहीं हुई है. मानसून में रेनफाल की कमी के कारण जीडीपी ग्रोथ में कमी आई जिसके चलते एग्रो कमोडिटी प्राइजेस ग्लोबली इनक्रीज हुए. इसके साथ ही खाने की चीजों में भी बढ़ोत्तरी हुई.37 साल बादइंडियन मेटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट (आईएमडी) के मुताबिक उसने 22 सितंबर को 12 स्टेट्स के 299 डिस्ट्रिक्ट में सूखे की स्थिति पर निगाह रखी और पाया कि इस साल मानसून में 23 परसेंट की कमी आई जो 1972 के बाद सबसे खराब सिचुएशन थी. आईएमडी के मुताबिक सूखे की स्थिति मिड जून के बाद और खराब हो गई. इस इश्यू की गंभीरता को देखते हुए नेशनल रेनफेड अथॉरिटी ने पैन इंडिया ड्रॉट मैनेजमेंट स्ट्रैटजी के साथ एक मसौदा तैयार किया.बारिश की कमीएक्सप‌र्ट्स के मुताबिक बारिश की कमी के चलते देश का एग्रीकल्चर और डॉमेस्टिक कंजंप्शन इफेक्टेड हुआ जिसके चलते जरूरी चीजें जैसे खाने का सामान और घरेलू चीजों के दाम आसमान पर पहुंच गए. इसी के चलते सरकारी फाइनेंस भी प्रभावित हुआ क्योंकि सूखे से निपटने के लिए सरकार को रिलीफ फंड जारी करने पड़े. इस साल मानसून का डिस्ट्रिब्यूशन भी नॉर्मल नहीं रहा. सीजन की 70 परसेंट बारिश जुलाई और अगस्त के बीच हुई. जून में 46 परसेंट बारिश हुई जो नॉर्मल से कम थी, जबकि अगस्त और सितंबर में बारिश की फिर कमी हुई. इन्हीं सब चीजों ने इस साल एग्रो कमोडिटीज प्राइजेज को आसमान पर पहुंचा दिया.

Is running ghost of recession

भाग रहा है मंदीका भूत

NEW DELHI (3 Oct, Jnn): ग्लोबल रिसेशन का भूत अभी भले ही दुनिया के अन्य देशों से पूरी तरह न भागा हो, लेकिन इंडिया इससे अब पूरी तरह उबर गया है. कुछ ऐसा ही इशारा देशी आईटी कंपनीज ने पूरे एक साल से बंद पड़े रिक्रूटमेंट को खोलकर दिया है. इन कंपनीज ने एक बार फिर जोर-शोर से रिक्रूटमेंट प्रॉसेस शुरू कर दिए है. अब देश की प्रमुख आईटी कंपनी एचसीएल टेक्नोलॉजी को ही ले लीजिए. नोएडा स्थित यह कंपनी अगले कुछ महीने में 2 हजार लोगों को नौकरी देने जा रही है. इनमें बड़ी तादाद में फ्रेशर शामिल होंगे. इस कंपनी ने फाइनेंसियल इयर 2008-09 के दौरान 15 हजार इंप्याइज का रिक्रूटमेंट किया था.
विदेशों में भी बढ़ाया बिजनेस
इतना ही नहीं यह कंपनी छंटनी की मार से कराह रहे अमेरिका में भी 200 लोगों को नौकरी देगी. कंपनी में फिलहाल 60 हजार के करीब इंप्लाइज हैं. एचसीएल अपनी फ्यूचर प्लानिंग्स को लेकर उम्मीदों से लबरेज हैं. इन कंपनी ने हाल ही में अमेरिका व यूरोप में न सिर्फ बड़े कनज्यूमर बनाए हैं, बल्कि कई बिजनेस ओवरटेक भी किए हैं. पिछले साल ही कंपनी ने ब्रिटेन की आईटी फर्म एक्सान ग्रुप को ओवरटेक किया था. कंपनी ने यह डील करीब 44 करोड़ पौंड में की थी.

Students in Kanpur, teacher in Delhi

i next reporter
KANPUR (3 Oct): सेंट्रल गवर्नमेंट ने सिटी के स्टूडेंट्स को दीपावली का तोहफा दिया है. जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज और यूपीटीयू से एफीलिएटिड शहर के कई इंजीनियरिंग कॉलेजों सहित यूनिवर्सिटी के 46 डिग्री कॉलेजों में बीएसएनएल दस-दस ब्राडबैंड लाइनें बिछा रहा है. इसके माध्यम से जहां ये संस्थान व कॉलेज नेशनल नॉलेज नेटवर्क से जुड़ जाएंगे, वहीं 24 घंटे इंटरनेट व वर्चुअल क्लासेज भी होंगी. शहर के छात्र आईआईटी व एम्स जैसे संस्थानों के प्रोफेसरों के लेक्चर्स देख-सुन सकेंगे. शनिवार को यूनिवर्सिटी में हुई मीटिंग में बीएसएनएल अधिकारियों ने बताया कि कई प्राइवेट कॉलेजों व संस्थानों में तो सर्वे के बाद लाइनें बिछाने का काम भी शुरू हो चुका है. इस काम के लिए हर साल खर्च की 75 परसेंट राशि सेंट्रल गवर्नमेंट चुकाएगी. सेल्फ फाइनेंस कॉलेज एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विनय त्रिवेदी ने बताया कि सेंट्रल गवर्नमेंट की इस स्कीम के तहत सीएसजेएम कानपुर यूनिवर्सिटी से जुड़े मंडल भर के 40 डिग्री कॉलेज चुने गए हैं. इनमें बहुत से प्राइवेट कॉलेज भी हैं. उद्देश्य सिटी के कॉलेजों और प्रोफेशनल संस्थानों को नेशनल नॉलेज नेटवर्क से जोड़ने का है. हर कॉलेज को 10-10 आई पी एड्रेस (दस कंप्यूटरों पर ब्रॉड बैंड कनेक्टिविटी) की रेंज दी जा रही है. बैठक में शामिल बीएसएनएल के एजीएम आरपी चक ने बताया कि अधिकांश प्राइवेट कॉलेजों में तो सर्वे के दो राउडं भी पूरे हो चुके हैं. अब लाइनें बिछाने काम शुरू है. वहीं खास बात ये है कि इसके इंस्टॉलेशन में आने वाले 50 हजार रुपए खर्च में से कुल 75 परसेंट यूनिवर्सिटीज के माध्यम से केंद्र सरकार ही कॉलेजों को दे रही हैं.

Postman lentils, rice brought to rate

डाकिया दाल, चावल के रेट लाया
Deepali SinghKANPUR (3 Oct): महंगाई की मार लोगों की कमर तोड़ रही है. दाल, चीनी, आलू आदि के रेट सुरसा के मुंह की तरह बढ़ रहे हैं. देश में कहां कितनी महंगाई और कहां रेट कम हैं, इसका पता लगाने के लिए गवर्नमेंट ने नया तरीका अपनाया है. यह तरीका ऐसा है जिससे महंगाई की सटीक जानकारी लग सकेगी. उसी से महंगाई पर लगाम कसने का रास्ता भी खोजा जा सकेगा. गवर्नमेंट का यह रास्ता पोस्ट ऑफिस से होकर गुजरता है. उसने उसे ही दाल, चावल आदि खाद्य पदार्थो के रेट पता करने की जिम्मेदारी सौंपी है.डाकिया अब साहूकार भी हो गया है. वह घर-घर लेटर पहुंचाने के साथ बाजार से राशन के रेट भी पता कर रहे हैं.191 वस्तुएंयह काम आम आदमी की सुविधा और प्राइस इंडेक्स मेंटेन करने के लिए शुरू किया है. इसके लिए सेंट्रल स्टैटिसटिक्स डिपार्टमेंट ने पोस्टल डिपार्टमेंट के साथ टाईअप किया है. इसके तहत पोस्टमैनों को आटा, चावल, दाल, नमक और चीनी जैसी 191 चीजों के रेट हर महीने पता करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. पोस्टल डिपार्टमेंट इन रेट लिस्ट को सेंट्रल स्टैटिसटिक्स डिपार्टमेंट को फारवर्ड करेगा. इसके जरिए प्राइस इंडेक्स ठीक किया जाएगा. साथ ही सिटी और रूरल एरिया के रेट को वैरीफाई भी किया जा सकेगा. सिटी के 20 और यूपी के 149 पोस्ट ऑफिसेज को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है.

Wednesday, September 30, 2009

बिल क्लिंटन भी डर गए थे


NEW YORK (29 Sept, Agency):1999 में इंडिया और पाकिस्तान के बीच करगिल वार के दौरान न्यूक्लियर वेपंस के इस्तेमाल की धमकी से तत्कालीन प्रेसीडेंट बिल क्लिंटन भी डर गए थे. इसी डर की वजह से वह यहां का दौरा करके दोनों देशों के बीच सुलह कराने की कोशिश भी करना चाहते थे. यह खुलासा किया है क्लिंटन के प्रेसीडेंटशिप के दौरान लिखी गई एक बुक ने. पुलित्जर अवार्डी राइटर और हिस्टॉरियन टेलर ब्रांच ने इस बुक में दावा किया है कि कारगिल वार के दौरान क्लिंटन इस कदर बेचैन हो उठे थे कि वह दोनों देशों के बीच न्यूक्लियर वार रोकने के लिए किसी भी समय फ्लाइट पकड़ने को बेताब थे. उन्हें डर था कि पाकिस्तान वार के डर से इंडिया पर न्यूक्लियर अटैक कर सकता है. ब्रांच ने अपनी बुक में दावा किया कि करगिल वार के चरम पर पहुंचने पर बिल क्लिंटन ने उन्हें बताया कि पाकिस्तान ने अपनी पॉलिसी के तहत इंडिया के साथ टेंशन बढ़ाने और इंटरनेशनल कम्युनिटी का ध्यान अटैक्ट करने के लिए अपने सोल्जर्स को चोरी छिपे लाइन ऑफ कंट्रोल को पार करा दिया था. 700 पन्नों की इस बुक द क्लिंटन टेप्स: रेसलिंग हिस्ट्री विद द प्रेजीडेंट में ब्रांच लिखते हैं कि क्लिंटन ने मुझे कश्मीर के बारे में यह कहकर चौंका दिया था कि हालात के बारे में जो कहा जा रहा है, असल में ये उससे कहीं अधिक गंभीर मामला हैं. ब्रांच का कहना है कि क्लिंटन ने उनसे कहा कि सिर्फ चार महीने पहले ही दोनों कंट्रीज के बीच शांति यात्रा शुरू हुई है. उन्होंने पीसफुली बात करने के लिए बस और ट्रेन सर्विसेज शुरू की थीं. दोनों देशों ने कश्मीर पर उस विवाद को खत्म करने के लिए ज्वाइंटली एफर्ट किए जिसकी वजह से उनके बीच बंटवारे के बाद तीन वार हुए. ब्रांच लिखते हैं कि इस नए संकट ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया, जिससे यह पता चला कि पॉलिटिक्स कितनी तेजी से बदल सकती है.

रोंगटे खड़े कर देने वाला इम्तिहान


Dhaka (29 Sept, Agency):बांग्लादेश के प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमातुल मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के आतंकियों को भी मिशन पर जाने से पहले कड़ा इम्तिहान देना होता है.जेएमबी सुसाइड मिशन पर उन्हें ही भेजा जाता है जो जान देने के लिए तैयार हों और जिन्होंने दीन-दुनिया से खुद को दूर रखा हो. जेएमबी ने 2005 में देशभर में कई बम ब्लास्ट किए थे. रोंगटे खड़े कर देने वाला इम्तिहान न्यूजपेपर द डेली स्टार की एक रिपोर्ट केमुताबिक जेएमबी का मेंबर बनने के लिए टेररिस्ट्स को रोंगटे खड़े कर देने वाला इम्तिहान पास करना होता है. ट्रेनिंग ले रहे टेररिस्ट में खुद को बम से उड़ा देने का दुस्साहस होना चाहिए. जेएमबी अपने संगठन में नए लोगों कीभर्ती तब तक नहीं करता जब तक कि उसे यह यकीन न हो जाए कि कुछ समय बाद वापस लौटने पर वह संगठनको नुकसान नहीं पहुंचाएगा. तीन दिन की special training सुसाइड मिशन पर भेजे जाने से पहले जेएमबी अपनेसदस्यों को जिहाद की खातिर जान देने के लिए प्रेरित करता है. अफसरों की राय में यह छद्म परीक्षा आतंकियों केतीन दिन की स्पेशल ट्रेनिंग का हिस्सा होती है. उस समय टेरस्टि्स को भी पता नहीं होता कि यह महज एक टेस्टहै या वास्तविक मिशन. इस ट्रेनिंग के दौरान इन लोगों की बॉडी में बाम्ब बांध दिए जाते हैं. इसके बाद उनसे यहकहा जाता कि वे मैदान के चक्कर लगाएं साथ ही यह वार्निग भी दी जाती है कि इस 30 मिनट के वॉक के दौरानकिसी भी समय उनका बाम्ब ब्लास्ट कर सकता है. ट्रेनिंग के दौरान टेररिस्ट्स को पूरी तरह से दुनिया से दूर रहनाहोता है. उन्हें सिखाया जाता है कि जिहाद के लिए जिंदगी और परिवार दोयम दर्जे की चीजें हैं. Rickshaw चलानाजरूरी एक खतरनाक टेररिस्ट बनने के लिए सिर्फ बंधूक या बम चलाना ही नहीं बल्कि रिक्शा चलाना भी जरूरीहोता है. संगठन में भर्ती होने वाले नए लोगों को कुछ दिन रिक्शा चलाने की ट्रेनिंग दी जाती है. दरअसल, ट्रेनर्स कामानना है कि रिक्शा चलाकर टेररिस्ट आम लोगों के टच में रहता है. और सही मौका तलाशकर वारदात को अंजामदे सकता है.

Wednesday, September 23, 2009

web designer and Blogger Tips: Digg adds nofollow to some links

web designer and Blogger Tips: Digg adds nofollow to some लिंक्स

You Can Take Knowledge Here About SEO

Digg adds nofollow to some links

rel="nofollow" tag added by digg.

Why digg add rel="nofollow" tag with some external link. Actually digg this done after consultation with SEO/SEM and link spam field’s leading experts. But don't worry digg add rel=”nofollow” tag to only external link that are suspicious.

This includes all external links from comments, user profiles and story pages below a certain threshold of popularity. Abuse( for example link spamming ) was a big problem for Digg team ,Actually many digg user add hyper link to their site in comment,user profiles and story pages to get advantage of link back or to get popularity.But at some time its only link spamming.

Sunday, September 20, 2009

Don’t worry about "china"

NEW DELHI (19 Sept, Agency): हाल में चीन की ओर से भारतीय सीमा में घुसपैठ की खबरों के बीच भारत ने कहा है कि चीन से लगती सीमा पर हालात ठीक हैं. इसमें चिंता करने की कोई बात नहीं है. मीडिया से इस मामले को तूल नहीं देने के लिए कहा गया है. शनिवार को हर स्तर पर भारत सरकार की ओर से यही संदेश दिया गया.
No border threat

आर्मी चीफ, नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर और फॉरेन सेक्रेटरी ने भी भारत-चीन सीमा के हालात को खतरनाक मानने से इंकार कर दिया. साथ ही, कहा कि मीडिया ने अगर मामले को तूल दिया तो स्थिति बिगड़ सकती है.
Stable situation

फॉरेन सेक्रेटरी निरुपमा राव ने मीडिया में हाल में आई चीनी घुसपैठ की खबरों को हाइप करार दिया. उन्होंने कहा कि आम धारणा के विपरीत भारत-चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा पर काफी शांति और स्थिरता है. राव ने इस बात से भी इंकार किया कि पिट्सबर्ग में जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान मनमोहन सिंह का चीनी पीएम से मिलने का प्रोग्राम है.
Media
संयम बरते
नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर एम.के. नारायणन ने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में आगाह किया कि मीडिया में अगर इस मुद्दे को ज्यादा उछाला गया तो कोई भी पक्ष धैर्य खो सकता है. नतीजतन कोई अवांछित घटना या हादसा भी हो सकता है, जो पड़ोसी देश के साथ समस्या पैदा कर सकता है. उन्होंने कहा कि चीन से घुसपैठ में कोई वृद्धि नहीं हुई है और न ही सीमा पर खतरनाक हालात हैं.
तूल देने की जरूरत नहीं
उधर, चेन्नई में आर्मी चीफ जनरल दीपक कपूर भी इसी सुर में बोले. उन्होंने कहा कि चिंता वाली कोई बात ही नहीं है. एक दिन पहले पीएम मनमोहन सिंह ने भी कहा था कि पिछले साल की तुलना में इस साल चीन से घुसपैठ की घटनाओं में कोई इजाफा नहीं हुआ है.
उचित जवाब दे रही है Army
उन्होंने भी मामले को तूल नहीं देने की जरूरत बताई थी. कपूर ने यह भी कहा कि सेना पाकिस्तान द्वारा सीज फायर के उल्लंघन का माकूल जवाब दे रही है. जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों की घुसपैठ की कोशिशों के बारे में उन्होंने कहा कि सर्दियों से पहले ऐसे प्रयास किए जाएंगे. ऐसे खतरों से निपटने के लिए सेना तैनात की गई है.

Monday, August 31, 2009

check free back links







Shopping


Business, Finance


Health


Sport


Travel


Education


SEO, Computer


Food


Home and garden


Real state


Art And Craft


Casino


Mobile Phone


Entertainment


Autos


Directory