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Wednesday, October 7, 2009

Tiger conservation efforts must begin now Tiger Year

बाघ संरक्षण के लिए अब शुरू होगा बाघ वर्ष


NEW DELHI/ WASHINGTONL: इंडिया के नेशनल एनीमल बाघ को बचाने के लिए सरकार ने नई पहल की है. बाघ संरक्षण के लिए 1973 में शुरू हुआ प्रोजेक्ट टाइगर भी कोई खास परिणाम नहीं दे पाया. अब इंडियन गवर्नमेंट ने बाघ संरक्षण पर इंटरनेशनल कम्युनिटी का ध्यान आकर्षित करने के लिए नेक्स्ट इयर को बाघ वर्ष के रूप में मनाने का फैसला किया है. वेलेंटाइन डे पर शुरू होने वाले इस बाघ वर्ष की शुरुआत जिम कार्बेट राष्ट्रीय पार्क से होगी. इन्वायरमेंट मिनिस्टर जयराम रमेश ने इस बात की घोषणा की. इस संबंध में भारत के प्रपोजल को प्रतिष्ठित स्मिथसोनियन संस्थान में आयोजित एक बैठक के दौरान स्वीकार किया गया. इस बैठक में विश्व बैंक सहित कई अन्य एजेंसियों के अधिकारी भी शामिल थे.
दी जाएगी जानकारी
इस दौरान जयराम रमेश ने कहा, 14 फरवरी 2010 से शुरू हो रहे बाघ वर्ष का समापन नवंबर 2010 में रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान में होगा. इस आयोजन के दौरान बाघ संरक्षण के क्षेत्र में भारत के प्रयासों के बारे में सबको जानकारी दी जाएगी. दुनियाभर में फैले बाघ की कुल आबादी का 60 परसेंट भारतीय जंगलों में है. अभी तक दुनिया के किसी देश ने इतना व्यापक संरक्षण कार्यक्रम नहीं चलाया, जितना कि भारत ने.
बता दें कि रूस सितंबर 2010 में विश्व बाघ शिखरवार्ता का आयोजन करने जा रहा है. उन्होंने कहा, व‌र्ल्ड बैंक के प्रेसीडेंट राबर्ट बी. जोलिक की भी इस परियोजना में काफी रुचि है. जोलिक इस साल दिसंबर में भारत दौरे पर आने वाले हैं.

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