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Saturday, November 21, 2009

now fever of t-20

अब चढ़ेगा टी-10 का फीवर



VARANASI (20 Nov, i next): टी-20 के बाद अब क्रिकेट प्रेमियों पर टी-10 का बुखार चढ़ने वाला है. डीएलडब्ल्यू के स्पो‌र्ट्स ग्राउंड पर 11 दिसम्बर से टी-10 गली क्रिकेट स्टार्ट हो रहा है. वाराणसी गलीज ग्रुप बी में है, इसमें पटना, गोरखपुर व बलिया गलीज भी हैं.इसके लिए वाराणसी के प्लेयर्स का कोचिंग कैम्प डीएलडब्ल्यू ग्राउंड पर चल रहा है.
इस टूर्नामेंट में ग्रुप मैचों में सभी टीमें एक-दूसरे के खिलाफ मैच खेलेंगी. इन मैचों का लाइव टेलीकास्ट डीडी स्पो‌र्ट्स पर सुबह 11 बजे से किया जायेगा जबकि डीडी नेशनल पर हाईलाइट्स दिखाये जायेंगे.
वाराणसी टीम
डीएलडब्ल्यू में चल रहे कैम्प के कोच बृजेश कुमार हैं. वाराणसी टीम में आशीष सिंह, अखिलेश शुक्ला, आजम हाशमी, अमित कुमार, रवि पाण्डेय, आरेख कुमार, अमरेन्द्र पाण्डेय, संजय पाल, रिंकू वर्मा, जितेन्द्र पटेल, चंद्रकांत पाण्डेय, हेमंत राय, अमित सिंह, अजय उपाध्याय, अंकुश वर्मा व पंकज सिंह शामिल हैं.

royals GHOST

is ready to run


NEW DELHI (20 Nov, Agency): रॉल्स रायस ने फैंटम के बाद अब इंडियन मार्केट में अपनी टेक्निकली सबसे एडवांस कार घोस्ट को उतारने की तैयारी की है. कंपनी ने उम्मीद जताई है कि कम से कम 45 करोड़पति इस कार के सरल डिजाइन को देखकर अट्रैक्ट होंगे. कंपनी ने शुक्रवार को सुपर लग्जरी घोस्ट का प्रदर्शन किया. इस कार की प्राइस 2.5 करोड़ रुपए है. कंपनी को उम्मीद है कि घोस्ट की पहली डिलीवरी अगले साल पहली तिमाही में मिल जाएगी. 6.6 लीटर ट्विन-टर्बो कार के साथ वी-12 इंजन लगा है.
रॉल्स रायस के रीजनल डायरेक्टर एशिया प्रशांत कालिन केली ने जर्नलिस्ट्स से कहा कि हमें 2010 में भारत में 75 यूनिट्स की बिक्री की उम्मीद है. इनमें से 50 से 60 इकाइयां घोस्ट की होंगी. पिछले साल कंपनी ने भारत में 15 कारें बेची थीं.

China turning into crorepati’s country

China turning into crorepati’s country



BEIJING (20 Nov, Agency): देश में भले ही इस साल अरबपतियों की संख्या दोगुनी हो गई है, लेकिन पड़ोसी देश चीन को भी कम नहीं आंका जा सकता. धीरे-धीरे कम्युनिस्ट देश करोड़पतियों का देश बनता जा रहा है. एक स्टडी के मुताबिक ग्लोबल रिसेशन के बावजूद इस साल यहां करोड़पतियों की संख्या 4 लाख 50 हजार को पार कर जाएगी.गुरुवार को फो‌र्ब्स ने भारत के सौ सबसे अमीर लोगों की लिस्ट जारी की थी. इसमें यह फैक्ट उजागर हुआ था कि हमारे यहां के टॉप-10 धनकुबेरों की प्रॉपर्टी चीन के 10 सबसे ज्यादा अमीरों की तुलना में करीब चौगुनी है. यह डेटा निश्चित ही तमाम भारतीयों के लिए फख्र की बात हो सकती है. लेकिन यह तुलना चंद मुट्ठीभर लोगों की है. सच यह है कि जिस तरह से चीन में करोड़पति बढ़ रहे हैं, उससे हमें मुंह नहीं चुराना चाहिए.बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी) के आंकड़ों के मुताबिक मंदी के बावजूद चीन में लोगों की पर्सनल प्रॉपर्टी लगातार बढ़ रही है. बीसीजी ग्रेटर चाइना के मैनेजिंग डायरेक्टर फ्रेकी लींग ने कहा कि धन के मामले में चीन सबसे का सबसे अधिक संपन्न बाजार है.

market hot in winter

ठंड ने दी दस्तक मार्केट हुआ गर्म



VARANASI (20 Nov, inext ): हाल की बारिश ने लोगों को ठंड का एहसास कराया है. फुहार पड़ने के बाद लोगों ने कम्बल तो निकाले ही, गर्म कपड़ों का मार्केट जो अब तक ठंडा चल रहा था अचानक गर्म होने लगा. कस्टमर्स के बढ़ने से उनकी शॉप वाले फील गुड कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि अगर स्वेटर, जैकेट और कोट वगैरह अभी नहीं खरीदे तो बाद में बचे आइटम ही मिलेंगे. डिमांड को ध्यान में रखते हुए शॉप की पर्स ने वुलेन के ब्रांडेड कलेक्शन की कई रेंज मार्केट में उतारी हैं.
बच्चों के लिए है खास
किड्स के लिए गर्म कपड़ों की खरीदारी सबसे ज्यादा की जा रही है. मार्केट में किड्स के लिए भी कई ब्रैंडेड कंपनियों के बेहतर ऑप्शन अवेलेबल है. जिनी एण्ड जॉनी के कौशल ने बताया कि किड्स वुलेन आइटम्स में पामट्री, जीजे, लिवाइस, प्यूमा, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ, रॉकियंस और बेबी ड्रीम्स के कई रेंज के डिफरेंट कलर्स और डिजाइन्स लोगों को अट्रेक्ट कर रहे हैं.
फ्लेट नीट और ब्लेजर इन डिमांड
यूथ तो ब्लेजर के दीवाने हैं. कॉटन्स बाय सेन्चुरी के मैनेजर आलोक जैन का कहना है कि वुमेंस और मेंस प्रॉडक्ट का काफी स्टॉक आ चका हैं. ग‌र्ल्स को फ्लैट नीट पसंद आ रही है. मेंस वीयर में पुलोवर और ब्लेजर नंबर वन बना हुआ है. सिगरा स्थित एलेन कूपर शॉप की मनोरमा जायसवाल का कहना है कि महज पाचं दिनों में वुलेन आइटम्स की परचेगिंग 20 से 25 परसेंट तक बढ़ गई है. हमने तो यंगस्टर की डिमांड और मैरिज सीजन को ध्यान में रखते हुए डिफरेंट वॅरायटी भी मंगा ली है. ग‌र्ल्स लॉन्ग और शार्ट टॉप के साथ ही स्वेट्स टीशर्ट विद हुड को ज्यादा अच्छा रिस्पॉन्स दे रहीं हैं. बॉएज कैजुअल और इम्ब्रायडरी वाले डिजाइनर ब्लेजर की परचेजिंग ज्यादा कर रहे हैं. इन ब्रांडेड शॉपवालों ने विंटर की शुरूआत में ही कस्टमर्स को अट्रैक्ट करने के लिए ऑफर देने शुरू कर दिये हैं. कॉटन्स बाय सेन्चुरी में विंटर के सभी आइटम्स पर 15 परसेंट की छूट दी जा रही है. ऐलेन कूपर तो इसमें एक कदम आगे ही है. यहां वूलेन आइटम्स पर 70 परसेंट तक की छूट मिल रही है.
varanasi@inext.co.in


Wednesday, November 4, 2009

शिक्षक को कभी हार नहीं माननी चाहिए


गुरू कुम्हार शिष्य कुम्भ है, गढ़ी-गढ़ी काढ़े खोट, भीतर हाथ सहार दें, बाहर बाहे चोट एक शिक्षक अपने शिष्य के जीवन में अहम भूमिका निभाता है. उसके चारित्रिक उत्थान अथवा पतन में उसका योगदान उतना ही अहम होता है जितना एक कुम्हार का घड़े की बनावट में, बदलते युग में शैक्षिक धारणाओं ने भी करवट ली है. आज एक बालक के जीवन में मिठास घोल, उसके मित्र बनकर हम जितना उसका जीवन साकार कर सकते है उतना किसी और तरीके से नहीं. शिक्षा में नए तरीकों को आजमा कर भी हम उनकी जिज्ञासा जागृत कर सकते हैं as change is the essence of life. हमें उनकी बातों को समझ उनमें ज्ञान की अलख जगानी होगी. As the one real object of education is to settle the mind of the young and unflame their intellects. शिक्षक को कभी हार नहीं माननी चाहिए. यह सोचना कि ये कार्य इस बच्चे के बस का नहीं, वास्तव में निराशावाद होना दर्शाता है. मुझमें हमेशा इस विश्वास की ज्योती जलती है कि देर से ही सही पर ये बच्चा जरूर सीखेगा और अंत में मेरे विश्वास की जीत होती है. तब मुझमें अपने यकीन को बनाए रखने का प्रोत्साहन और बढ़ जाता है.
I’l sum up by saying that being freindly, patient confident and loving to teach your subject are the ,1,1ualities of a good teacher who serves his children and ultimately the society.

cooking craze in boys

कुकरी क्लासेज में भावी दूल्हों की बढ़ती संख्या

NEW DELHI (29 Oct, Agency): शादी के पहले दुल्हन को दी जाने वाली पति के दिल का रास्ता पेट से होकर गुजरने वाली सीख महानगरों में पलटती नजर आ रही है. कुकरी क्लासेज में भावी दूल्हों की बढ़ती संख्या बताती है कि दुल्हन के दिल तक पहुंचने के लिए दूल्हे भी अब उनके पेट से होकर गुजरने वाले रास्ते का सहारा ले रहे हैं. पकड़ रहा जोर दिल्ली में कुकरी क्लासेज की सीरीज चलाने वाली ज्योति अग्रवाल ने कहा कि मेरे पास कई ऐसे लड़के और वर्किंग मेन्स आते हैं जो कुकिंग की एबीसी से लेकर विशेष व्यंजन बनाना तक सीखना चाहते हैं. शादी होने से पहले भी कई लड़के खाना बनाने में दिलचस्पी लेते हैं. हालांकि आनुपातिक तौर पर इनकी संख्या अभी कम है, लेकिन फिर भी धीरे-धीरे यह ट्रेडिशन जोर पकड़ रहा है. वक्त की मांग ऐसे समय में जब हसबैंड-वाइफ दोनों वर्किंग हैं. दोनों के पास ही एक-दूसरे के लिए कम समय है. हसबैंड भी चाहते हैं कि वाइफ के हर काम में उसका सहयोग करें. टीवी शोज में भी दिखाया जा रहा है कि हसबैंड को परफेक्ट होना चाहिए, ऐसे में परफेक्शन के पैमाने में खाना बनाना भी शामिल हो रहा है. राजधानी में कुकरी क्लासेज चलाने वाली नमिता वर्मा ने बताया कि देश के जाने-माने सभी शेफ मेन हैं और इसके चलते भी मेंस कैटेगरी की महिलाओं का एकाधिकार माने जाने वाले इस क्षेत्र में दिलचस्पी बढ़ रही है. नमिता ने कहा कि मेरे पास कई लड़के ऐसे भी आए, जिन्होंने अपनी वुड बी के कहने पर कुकरी संबंधी कई किताबों से पाक कला के कुछ नुस्खे सीखे. इसके बाद फॉर्मल ट्रेनिंग लेने के लिए उन्होंने क्लास का रुख किया. अब लड़कों को कुकरी क्लास में आकर कुकिंग सीखने में भी झिझक नहीं है.

magic of glass

एचबीटीआई रिसर्च
KANPUR (29 Oct): सिर्फ एक गिलास का कमाल कुछ ही दिनों में आपके हाथ में होगा. इससे आप तत्काल भरपूर एनर्जी बिना किसी नुकसान के पा सकेंगे.और तो और इससे पेट के रोग भी दूर होंगे. यह इंस्टेंट एनर्जी ड्रिंक बनेगा डेयरी के वेस्टेज प्रोडक्ट्स से. इस बारे में एचबीटीआई रिसर्च कर रहा है. रिसर्च के बाद इसे पेटेंट कराने का भी प्लान है. यह स्टेट गवर्नमेंट और संस्थान की कमाई का जरिया भी बनेगा.
एचबीटीआई के बायोकेमिकल इजीनियरिंग डिपार्टमेंट के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अलक कुमार सिंह के नेतृत्व में इंस्टेंट एनर्जी बूस्टर बनाने पर रिसर्च हो रहा है. दो दिन पूर्व काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी से इस प्रोजेक्ट के लिए स्वीकृति लेटर भेजकर 7 लाख रुपए इनीशियल फंड भी रिलीज कर दिया गया है. डॉ. सिंह ने आई नेक्स्ट को बताया कि शहर में डेली हजारों लीटर डेयरी प्रोडक्ट्स लिक्विड वेस्टेज के तौर पर निकलता है. इसमें दही और पनीर से निकला पानी सबसे महत्वपूर्ण अवयव है. इसे वे कहा जाता है. इसे लोग और डेयरी वाले गंगा में बहा देते हैं. इससे गंगा का सामान्य बीओडी स्तर 200 से बढ़कर 70 हजार तक पहुंच जाता है. यानी गंगा दूध-दही के इस वेस्ट बाई प्रोडक्ट से भी काफी प्रदूषित हो रही है. उनका विभाग इसी बहा दिए जाने वाले वेस्ट प्रोडक्ट से इंस्टेंट एनर्जी ड्रिंक तैयार करने पर रिसर्च कर रहा है. वे की आर्गेनिक केमिकल निकालकर उसमें मिलने वाले प्योर लैक्टोस को अलग कर लिया जाएगा.
इसे ड्राई या लिक्विड फार्म में लोगों को दिया जाएगा. सबसे ज्यादा बड़ी बात ये है कि ये ग्लूकोज सहित वे में मिलने वाले सोडियम, पोटैशियम व मैग्नीशियम जैसे पदार्थो को बच्चों की बेहद कारगर इलेक्ट्रोलाइट व दवा बनाने में प्रयोग किया जाएगा.

Winter Coming

i next reporter

अभी तक अपने आने की आहट भर देने वाला जाड़े का मौसम सचमुच आ गया है. गर्मियों में चुभने वाली धूप भी अब अपनी लगती है. सुबह घर से निकलने पर स्वेटर चाहिए. वहीं शाम को लौटने पर सिहरन का अहसास होता है. मॉर्निग वाक पर निकलने से पहले मफलर और शॉल का ध्यान आ जाता है. सुबह-सवेरे कुछ ऐसी ही तस्वीरों को आई नेक्स्ट ने अपने कैमरे में कैद किया.

Monday, November 2, 2009

diwali Real Meaning

तमस से धवल की ओर ले जाने वाला पर्व है दीपावली

गोल के प्रति "devoted" रहें तो कदम चूमेगी सफलता

कोई भी काम कठिन नहीं होता है, बशर्ते कि हम उसे एक मिशन के रूप में लें तब. हमारी नजर गोल पर रहे और उसके प्रति हम पूरी तरह समर्पित रहें तो हमें सफलता मिलने से कोई नहीं रोक सकता है. कुछ ऐसा ही मामला है सीबीएसई के ग्रेडिंग सिस्टम के साथ. यह ठीक है कि बोर्ड ने ग्रेडिंग सिस्टम लागू कर स्टूडेंट्स और स्कूल की परेशानी को थोड़ा बढ़ा दिया है. लेकिन, अगर स्टूडेंट्स अपने गोल के प्रति एकाग्रचित रहें और उसी लेवल के मेहनत करें तो बेशक वे गोल को एचीव कर लेंगे. कहें तो सीबीएसई ग्रेडिंग सिस्टम से स्टूडेंट्स को परेशान होने की जरूरत नहीं है. बस, खुद को बेस्ट साबित करने पर उनका ध्यान होना चाहिए. उनमें ग्रेड ए पर पहुंचने की चाहत होनी चाहिए. ग्रेडिंग सिस्टम को अपनाने में थोड़ी मुश्किलें है. इससे स्टूडेंट्स में सेल्फ जजमेंट, कांपटीशन आदि की भावना में कमी आएगी. दूसरों से आगे बढ़ने की होड़ नहीं रहेगी. लेकिन, जो स्टूडेंट्स अच्छे हैं, उन्हें इससे कोई दिक्कतें नहीं होगी. हां, जेनरल स्टूडेंट्स में प्राब्लम हो सकती है, लेकिन मेरिटोरियस व लेबोरियस स्टूडेंट्स तो बेस्ट बनेंगे ही. इसमें टीचर्स का रोल भी काफी अहम है. स्टूडेंट्स को ग्रेडिंग के हौवा से वे ही निकाल सकते हैं. अंततोगत्वा यही कह सकते हैं कि स्टूडेंट्स का वील पावर स्ट्रांग हो और टीचर का सही हेल्प मिल जाए तो नो डाउट सफलता उनके कदम चूमेगी.

more saved indian woman

भारतीय महिलाएं ज्यादा सुरक्षित

KANPUR (22 Oct): दूसरे देशों की तुलना में भारतीय महिलाओं के लिए ज्यादा कानून है. वे अन्य देशों की तुलना में ज्यादा सुरक्षित हैं. अमेरिकी जैसे देश में महिलाओं की सबसे ज्यादा पिटाई होती है. यह बातें आईआईटी कानपुर के प्रो. वीके पटनायक ने कही. वह डीजी कॉलेज में महिलाओं में मानवाधिकार के लिए सामाजिक संघर्ष विषय पर आयोजित सेमिनार में बोल रहे थे. मेन स्पीकर आगरा यूनिवर्सिटी के एक्स वीसी प्रो. एसवी पांडेय ने कहा कि 1994 में कन्या भ्रूण हत्या पर कानून तो बन गया, पर इम्पलीमेंट नहीं हो पाया है. राघवेन्द्र अवस्थी, डॉ. विवेक द्विवेदी, डॉ. मीता जमाल आदि उपस्थित थे.

अब तो अच्छा पढ़ाओ

KANPUR (22 Oct): अपनी रैंकिंग और प्रदर्शन में सुधार नहीं कर पा रहे इंजीनियरिंग कॉलेजों के लिए बुरी खबर. यूपीटीयू उनकी सीटें घटाने की रिक्वेस्ट एआईसीटीई से करेगा. अगर जरूरी हुआ तो मान्यता भी खत्म की जा सकती है. कॉलेजों के लिए इस सेशन में अपनी पढ़ाई का स्तर, फैकल्टी, संसाधन, रिजल्ट्स और प्लेसमेंट रेट आदि सुधारना अब एक मजबूरी है. सूत्रों के अनुसार यह एक्शन इसी साल जनवरी में जारी एक शासनादेश के आधार पर लिया जा रहा है.
सूची तैयार
यूपीटीयू सोर्सेज के अनुसार खराब प्रदर्शन करते आ रहे गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के कई इंजीनियरिंग कॉलेजों की एक सूची तैयार की गई है. इसमें कानपुर व आसपास के भी आधा दर्जन कॉलेज हैं. नए खुले कॉलेजों को नोटिस के बजाए मौखिक चेतावनी देकर अगले साल तक का समय दिया गया है. अगर वे सुधार नहीं लाते हैं तो उनके यहां की सीटें आधी करने की रिक्वेस्ट ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजूकेशन (एआईसीटीई) को भेज दी जाएगा. यूपीटीयू के शीर्ष ऑफिसर्स के अनुसार एक्स्ट्रीम केसेज में कॉलेजों की मान्यता भी छीनी जा सकती है.

Antaragni ‘09 begins

KANPUR (22 Oct): The four day annual cultural fest of IIT Kanpur ‘Antaragni-09’ begin with much fanfare on Thursday. The biggest college cultural festival of North India is here with the theme i am the change. The SAC (Students Activity Centre) is filled with students from 152 colleges, registering for competitions & workshops, making new friends and enjoying themselves with full abandon. The SAC is lit up to welcome the participants and the hospitality cell of the organizing team is working full time to help them settle in.
The programs kickstarted with Prima Nocte, the opening night show where Sitar Funk Niladri Kumar and the band Advaita of the UK SoundPad fame performed. As far as competitions are concerned, the preliminary rounds of Ritambhara (fashion), Synchronicity (rock bands) and stand-up comedy also took place. The well known cartoonist K V Gautam conducted a workshop on caricatures. The fun stuff at the mall went on, with antakshari, casino and gone in 50 seconds (50s challenges) planned for this evening.
The morning of day 2 will begin with preliminary rounds of Darpan (stage play) and Nukkad (street play). In the Dance competitions, there will be Roots (folk dance), Jitterbug prelims (western group dance) and Natraj (Indian classical Dance). Also, the word games prelims (under English literary events) will be held..

जागो वोटर जागो

KANPUR (22 Oct): भारत की कुल आबादी का केवल 20 प्रतिशत भाग ही मतदाता सूची में पंजीकृत है. इसमें से केवल 10 प्रतिशत लोग ही मताधिकार का प्रयोग करते हैं. केवल तीन प्रतिशत वोट के आधार पर सरकार बनती है. इसी का परिणाम है कि 110 करोड़ लोगों में से मात्र 6 करोड़ लोग ही नेता बनाते हैं. यह बात डीबीएस द्वारा आयोजित जनसभा में वक्ताओं ने कही.
राजनीतिक शास्त्र विभाग द्वारा मतदान व्यवहार व राजनैतिक जागरुकता अभियान के तहत आयोजित विशाल रैली को प्रिंसिपल डॉ. अशोक कुमार श्रीवास्तव ने हरी झंडी दिखाई. स्टूडेंट्स ने नारे लगा व पंफलेट्स बांटकर लोगों में मतदान के प्रति जागरुकता जगाने का प्रयास किया.
बाद में सीटीआई में एक जनसभा का आयोजन किया गया. इस मौके पर डॉ. अरविन्द शुक्ला, डॉ. विपिन कौशिक, डॉ. शिखा सक्सेना आदि उपस्थित रहे.

Coolest night

KANPUR ( 22 Oct): मानसून सीजन के बाद हुई हैवी रेनफॉल का असर साफ नजर आ रहा है. बुधवार को मिनिमम टेंपरेचर ने पिछले सभी रिकार्डो को पीछे छोड़ दिया. बुधवार की रात 39 वर्षो में 21 अक्टूबर की सबसे ठंडी रात साबित हुई. सीएसए मौसम विभाग के 39 सालों की हिस्ट्री में इस डेट को पहले कभी भी मिनिमम टेंपरेचर 14 के नीचे नहीं गया है. केवल दो बार 14 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक आमतौर पर नवंबर के सेकेंड वीक में मिनिमम टेंपरेचर इतना रहता है.
मानसून सीजन के बाद अक्टूबर के फ‌र्स्ट वीक में हुई हैवी रेनफॉल को सर्दी की मुख्य वजह माना जा रहा है. सीएसए के मौसम विभागाध्यक्ष डॉ. अनिरूद्ध दुबे ने बताया कि बारिश से एटमॉस्फियर से ड्राइनेस खत्म हो गई है. माइश्चर हो गया है. इसी वजह से रात का टेंपरेचर डाउन हो रहा है. हिल एरिया से आ रही पश्चिमी हवाएं भी इसमें अहम रोल निभा रही हैं. सीबी सिंह ने कहा कि आसमान में क्लाउड न होने की वजह से दिन का टेंप्रेचर बढ़ रहा है.

HBTI

KANPUR (22 Oct): इसे देशभक्ति का जज्बा ही कहेंगे कि पिछले चार-पांच सालों में टेक्निकल स्टूडेंट्स का रुझान देश सेवा वाली नौकरी की तरफ बढ़ रहा है.
7 अक्टूबर को एचबीटीआई कैम्पस के लगभग 500 स्टूडेंट्स में से 40 इंडियन आर्मी के लिए इंटरव्यू दिया और उनमें से 13 का सेलेक्शन भी हो गया. कुछ समय पहले टेक्निकल स्टूडेंट्स सेना में जाने की अपेक्षा किसी मल्टीनेशनल कंपनी में जाना ज्यादा अच्छा समझते थे. मल्टीनेशनल कंपनी का बड़ा पैकेज और उसकी चमक-धमक स्टूडेंट्स को लुभाती थी. यही कारण है कि कुछ समय पहले तक कैम्पस सेलेक्शन में मात्र 10 या 15 स्टूडेंट्स ही सेना में जाते थे.

तो 100 साल तक जी सकेंगे बच्चे [Life expectancy increases by 50%]

PARIS (2 Oct, Agency): अगर लाइफ एक्सपेक्टेंसी (जीवन प्रत्याशा) की प्रवृत्ति इसी प्रकार रही तो रिच कंट्रीज में अभी जन्म ले रहे बच्चों में आधे से ज्यादा 100 साल तक जी सकेंगे. मेडिकल जर्नल द लैंसेट में पब्लिश एक स्टडी में यह दावा किया गया है. स्टडी के मुताबिक 20वीं सदी में ज्यादातर डेवलेप कंट्रीज में लाइफ एक्सपेक्टेंसी में करीब 30 परसेंट की वृद्धि हुई है. सदर्न डेनमार्क यूनिवर्सिटी के डेनिश एजिंग रिसर्च सेंटर के प्रो. केर क्रिस्तेनसेन ने अपनी स्टडी के रिजल्ट में यह बात कही है. क्रिस्तेनसेन ने कहा, 1950 में 80 साल की एज की 15-16 परसेंट महिलाएं और 12 परसेंट पुरुष थे. 2002 में 80 साल से ज्यादा एज की महिलाओं और पुरुषों का डेटा 37 परसेंट और 25 परसेंट हो गया. जापान में 80-90 साल की एज के लोगों में 50 परसेंट से अधिक महिलाएं हैं. स्टडी के मुताबिक, अगर डेवलप कंट्रीज में पिछली दो शताब्दियों से 21वीं सदी तक लाइफ एक्सपेक्टेंसी में वृद्धि की दर इसी प्रकार रही तो फ्रांस, जर्मनी, इटली, ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा, जापान और अन्य देशों में 2000 से जन्मे अधिकतर बच्चे की लाइफ एक्सपेक्टेंसी ज्यादा होगी और वे अपना सौवां बसंत देख पाएंगे.

Post from Finland : Er...Nokia country

We just got back from doing a two week immersion into the Hindi speaking heartland of India, Kanpur, home of the Indian Institute of Technology who boasts Infosys founder Narayanan Moorthy as alumnus, and boy were Finns worthy of national media attention, this was very unexpected since most of the time, when attempting to explain the research and why we needed to interview you on mass communication, primary education and packaging or take photographs in your shop, school or neighbourhood, we had to start by explaining what Finland was, Yes Virginia its an honest to god real country right up north where Santa Claus lives somewhere near Lake Inari I believe. My colleague pictured in one of the leading newspapers. He found himself agreeing that this centre of the informal ragpicking industry in north India would make a great tourist spot. Poor chap he’s not fully Finndian yet. One of the easiest ways to introduce and give context to Finland, I found was to start by saying You know Nokia? and the people would nod. Now why dis i need to do it this way and simply describe it as part of the Nordic countries in Europe bordering Russia? Well primarily because we couldn’t assume education particularly geography among our target user groups so we had to start with what they knew in this case in India, Nokia with over 70% penetration in Indian mobile handset market. You do the math except interestingly enough not a single person told us they thought it was Japanese. I wonder if that has something positive to say to us? Anyways then I’d say OKAY. Where we are from is where Nokia is from but we’re not working for Nokia. We’re um actually on an academic project rented by the Helsinki School Of Economics. On a project they are conducting for the forest industry, Finlands very own Detroit at a similar place it imploded so ,1,1uietly and so gracefully. Now may be we’ll get sustainable transportation solutions. Any way other than the challenges of contextualizing Finland. The trip was an eye opener in many ways. My early thoughts and insights on the BoP consumer and their design preferences were right on the button.Good to get that validation from two different continents, it helps with comparative context and knowledge. Since it seems this letter did’nt really have a big point to make.I’ll wrap it up now and write again later. -Niti Bhan by e-mail

बूंद-बूंद से घड़ा भरता है |

KANPUR (27 Oct): मंदी आई तो कानपुराइट्स बचत के पुराने तरीके पर लौटने लगे. शेयर बाजार में पैसा लगाने का वे जोखिम नहीं लेना चाहते, तभी तो वे गवर्नमेंट की विभिन्न बचत स्कीम्स में जमकर पैसा जमा कर रहे हैं. यानी शेयर बाजार में एक साथ बड़ा दांव मारने के बजाय बूंद-बूंद घड़ा भरने पर विश्वास कर रहे हैं. तभी तो विभिन्न सेविंग स्कीम्स में कानपुराइट्स पिछले कुछ महीने में करोड़ों रुपए जमा कर चुके हैं. सबसे ज्यादा इंवेस्टमेंट एमआईएस में किया जा रहा है.
Easy process
कानपुराइट्स एनएससी, केवीपी, एमआईएस, पीपीएफ सहित अन्य सेविंग स्कीम्स में करीब पौन चार सौ करोड़ रुपए जमा कर चुके हैं. लोगों में पैसा इंवेस्ट करने का सबसे ज्यादा इंट्रेस्ट मंथली इंकम स्कीम (एमआईएस) में दिखा. इसमें सितंबर तक करीब 128 करोड़ रुपए जमा हो चुका है. इस स्कीम में स्टूडेंट से लेकर रिटायर्ड लोग मिनिमम 1,500 रुपए से इंवेस्ट कर सकते हैं. सिक्स इयर की इस स्कीम में सालाना आठ परसेंट इंट्रेस्ट मिलता है. साथ ही स्कीम पूरी होने पर जमा धनराशि पर पांच परसेंट बोनस भी मिलता है. इसके अलावा डाक विभाग की केवीपी और एनएससी में लोगों ने जमकर इंवेस्ट किया.