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Wednesday, March 31, 2010

US cell users sent 1.5 trillion SMS in 2009

इनफारमेशन टेक्नालॉजी किस तरह लोगों को प्रभावित कर रही है इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि अमेरिका में मोबाइल फोन का यूज करने वालों ने 2009 में 1.5 खरब एसएमएस भेज डाले. एक वायरलेस इंडस्ट्री ट्रेड ग्रुप सीटीआईए ़ द वायरलेस एसोसिएशन के डेटा के अनुसार, 2009 की दूसरी हाफ इयरली में एवरेज पांच अरब मैसेज हर दिन भेजे गए. सीटीआईए ने अपने हाफ इयरली सर्वे में बताया है कि एसएमएस दिनों दिन पॉपुलर होते जा रहे हैं. 2009 के आखिरी छह महीनों में 822 अरब से अधिक मैसेज इधर से उधर हुए. इस तरह साल के आखिर में हर दिन करीब पांच अरब संदेश सेंड किए गए. सीटीआईए के अनुसार, 2009 के दौरान विभिन्न सर्विस प्रोवाइडरों के नेटवर्कों पर 1.5 खरब से अधिक मैसेज भेजे जाने की खबर है. वायरलेस कन्ज्यूमर्स ने भी अपने अपने मोबाइल डिवाइसिज से पिक्चर्स और मल्टीमीडिया मैसेज भेजे हैं. 2009 के लास्ट छह माह के दौरान 24. 2 अरब एमएमएस भेजे जाने की खबर है. यह संख्या 2008 की इसी अवधि की संख्या की तुलना में दोगुनी से अधिक है. 2008 की इसी अवधि में केवल 9.3 अरब एमएमएस भेजे गए थे.

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बिजनेस के दौरान इंटरनेट का यूज कितना बढ़ गया है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अब वे बच्चों को खाने खेलने की चीज की ओर रिझाने के लिए सोशल नेटवर्किग साइट्स की मदद ले रही हैं.
डेली यूज की चीजें बनाने वाली कंपनी कैपिटल फूड ने अपने नूडल्स और सूप की सेल बढ़ाने के लिए पिछले छह महीनों के दौरान फेसबुक जैसी पॉपुलर सोशल नेटवर्किग साइट का बेहतर तरीके से इस्तेमाल किया है. कैपिटल फूड के प्रेसीडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर अजय गुप्ता ने कहा कि देश के कंज्यूमर मार्केट में वह एक उभरती हुई कंपनी है जिसने फेसबुक पर अपने एडवरटीजमेंट का प्रसार करने के बाद छह महीनों के दौरान फूड प्रोडक्ट्स की सेल के कारण अपनी अर्निग्स में 30 परसेंट का इजाफा किया है. मुंबई की इस कंपनी ने पिछले साल 210 करोड़ रूपए का कारोबार किया. इस साल उसे 300 करोड़ रुपए की अर्निग्स की उम्मीद है.
किसी कंपनी द्वारा अपने प्रोडक्ट्स बेचने के लिए सोशन नेटवर्रि्कग साइट्स का इस्तेमाल कोई नई बात नहीं है, लेकिन फूड प्रोडक्ट्स के लिए यह हथकंडा एक नई पहल है, जिसके बाद उम्मीद है कि कुछ अन्य कंपनियां भी इस मैथड को अपनाएंगी.

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हांगकांग की कंपनी ने गूगल से किया किनारा

गूगल और चीन की सरकार के बीच खींचतान के दौरान हांगकांग की इंटरनेट कंपनी टीओएम ग्रुप ने गूगल की सर्च सर्विसेज से नाता तोड़ लिया है. टीओएम ग्रुप के इस कदम से और कंपनियों के गूगल से दूर होने की अटकलें जोर पकड़ रही हैं.
टीओएम ग्रुप हांगकांग के सबसे धनी ली का शिंग का है और इसने अपनी सब्सीडरी टीओएम ऑनलाइन की ओर से बयान जारी किया है. टीओएम ग्रुप ने चीन के रूल्स के प्रति सम्मान जताया. गूगल ने सोमवार को चीन में अपना सर्च इंजन बंद करने का फैसला किया था.
मानेंगे चीनी लॉ
टीओएम की ऑनलाइन और मोबाइल सर्विसेज चीन में भी हैं और कंपनी ने एक बयान में कहा है कि उसकी वेबसाइट्स पर अब गूगल की सर्च इंजन सर्विसेज के माध्यम से नहीं पहुंचा जा सकेगा. बयान में कहा गया है कि टीओएम एक चीनी कंपनी के रूप में दोहराती है कि हम चीन के रूल्स व लॉ को मानते हैं, जहां हमारा कारोबार है. फो‌र्ब्स मैग्जीन ने मार्च में ली को दुनिया में सबसे अमीर हस्तियों में 14वें स्थान पर रखा था, जहां उनकी एसेट्स 21 अरब डॉलर है.

Big Bazaar Big responsiblity

परमवीर चक्र विजेता शहीद अल्बर्ट एक्का के परिवार को महीने का राशन बिग बाजार देगा. बुधवार को सिटी में दो साल पूरे होने की खुशी में बिग बाजार की ओर से यह घोषणा की गई. घोषणा के वक्त शहीद अल्बर्ट एक्का की पत्‍‌नी बालमदिना एक्का, बेटा विसेंट एक्का, बहू रजनी एक्का व पोता डिनजॉन एक्का भी मौजूद थे. बालमदिना एक्का ने बिग बाजार के दो साल पूरे होने पर तैयार किए गए, दस बाई चार फीट का केक काटा. एरिया हेड कौशल त्रिपाठी ने बताया कि बिग बाजार हर महीने शहीद अल्बर्ट एक्का के परिवार को गुमला राशन पहुंचाएगा.

Tuesday, March 30, 2010

Online Advertisement boom

इस समय मीडिया इंडस्ट्री बूम के दौर से गुजर रही है, लेकिन ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि कुछ ही सालों के अंदर इंटरनेट एडवरटाइजिंग इंडस्ट्री इसे पीछे छोड़ देगी. यह दावा किया है इंटरनेट इंडस्ट्री से जुड़े एक्सप‌र्ट्स ने, जिनके मुताबिक इंडिया में 49 मिलियन इंटरनेट यूजर्स हैं, जबकि इस साल देश का ऑनलाइन एडवरटाइजिंग मार्केट 1100 करोड़ रहने की उम्मीद है. अगर गूगल का यह अंदाजा सही साबित होता है तो ऑनलाइन एडवरटाइजिंग मार्केट में यह पिछले साल के मुकाबले दोगुनी ग्रोथ होगी.
एक्सप‌र्ट्स के मुताबिक ऑनलाइन एडवरटाइजिंग इकलौती ऐसी इंडस्ट्री है, जहां कंज्यूमर्स के साथ लांग टर्म रिलेसनशिप कायम की जा सकती है. यहां फीडबैक की फैसिलिटी ज्यादा बेहतर है.
बढ़ रहा क्रेज
एक्सप‌र्ट्स के मुताबिक इंडिया में दिन पर दिन लोगों पर इंटरनेट का भूत सवार होता जा रहा है, जिससे ऑनलाइन एडवरटाइजिंग का क्रेज काफी बढ़ गया है. इसकी इफेक्टिव पहुंच, असर और कीमत ने बहुत तेजी से एडवरटीजमेंट देने वाली कंपनियों को अपनी ओर अट्रैक्ट किया है. गूगल इंडिया के बिजनेस हेड नरसिम्हा जयकुमार के मुताबिक टेक्नोलॉजी में आए रैपिड चेंजेस के चलते लोगों का ध्यान अब डिजिटल मीडिया की ओर आ रहा है. उन्होंने कहा कि यह एडवरटाइजर्स के लिए एक अलार्म है, ताकि वे इस बड़े प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर अपने स्पेशिफिक टारगेट ऑडियंस तक पहुंच सकें. उनके मुताबिक इंटरनेट एडवरटाइजिंग ब्रॉड बैंड के वाइजर यूज और कनेक्टिविटी के इंप्रूवमेंट का इंतजार कर रही है.
यूथ का बड़ा रोल
ऑनलाइन एडवरटाइजिंग एजेंसी कैसर मीडिया के सीईओ हरीश बहल के मुताबिक इंटरनेट एडवरटाइजिंग की ग्रोथ का एक बड़ा कारण इसकी हॉयर एडाप्टबिलिटी और टेक्नोलॉजी में बड़े चेंज के साथ-साथ यूथ द्वारा इससे जुड़ना है जो एडवरटाइजर्स का मनपसंद टारगेट सेगमेंट है. एग्जांपल के तौर पर यूके को ही ले लें, जहां ऑनलाइन एडवरटाइजिंग मार्केट ने प्रिंट मीडिया को इस साल पीछे छोड़ दिया है. इसमें यूथ का बड़ा रोल रहा है. उनके मुताबिक इसमें कोई शक नहीं कि आने वाले समय में डिजिटल मीडिया इस फील्ड में सभी को पीछे छोड़ देगा.
बेहतर की जंग
दरसल इस समय एडवरटाइजिंग के ट्रेडिशनल मीडियम प्रिंट और टेलीविजन का मुकाबला ऑनलाइन एडवरटाइजिंग से माना जा रहा है. एडवरटाजर्स कई मायनों में डिजिटल मीडियम को प्रिफर कर रहे हैं. इसमें टीवी और प्रिंट के मुकाबले इंट्री लेवल फीस और ग्लोबल रीच का एडवांटेज है, जबकि इसमें रिटर्न ऑफ इनवेस्टमेंट के भी अच्छे चांस हैं. कोका कोला, एयूएल, पेप्सी, हुंडई और आईसीआईसीआई जैसे दुनिया के बड़े कॉपोरेट्स अब ऑनलाइन मीडियम को भी पसंद करने लगे हैं, जो इसकी बढ़ती पहुंच का एक नमूना भर है.
एक्सेप्ट किया सच
हाल ही में फिक्की द्वारा आयोजित मीडिया-इंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की समिट के दौरान भी इस सच को एक्सेप्ट किया गया. इस समिट के खत्म होने के बाद जारी रिपोर्ट में साफ किया गया कि ऑनलाइन एडवरटाइजिंग का बाजार तेजी से जगह बना रहा है और अगर इसकी यही तेजी बरकरार रहती है तो यह दूसरे अन्य मीडियम्स को पीछे छोड़ देगा. रिपोर्ट के मुताबिक यह इंडस्ट्री रिवॉल्यूशन बनकर आई है. रिपोर्ट के मुताबिक इस साल ऑनलाइन एड पर सबसे ज्यादा खर्च एजूकेशनल इंस्टीट्यूशंस द्वारा किया जा रहा है

Ttreatment in Train

ट्रेन में सफर के दौरान अगर तबीयत बिगड़ जाए तो ऐसी स्थिति में पैसेंजर्स को परेशान होने की जरूरत नहीं होगी. कारण यह है कि सफर के दौरान किसी भी पैसेंजर का स्वास्थ्य खराब होने की दशा में रेलवे पूरा ख्याल रखेगी. रेलवे ने कुछ ऐसी ही व्यवस्था लम्बी दूरी की ट्रेनों में करने की तैयारी की है.
तैनात होंगे डॉक्टर्स
सफर के दौरान ही पैसेंजर्स को ट्रीटमेंट उपलब्ध कराने के मद्देनजर रेलवे डॉक्टर्स की ड्यूटी ट्रेन में लगाई जाएगी. इतना ही नहीं पैसेंजर्स को स्वास्थ्य संबंधी अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी. सूत्रों के मुताबिक ट्रेनों में डॉक्टर्स के लिए एसी कोच में दो बर्थ रिजर्व रहेंगी. इतना ही नहीं पैरा मैडिकल स्टॉफ भी डॉक्टर्स के साथ रहेगा. टीटीई जैसे ही डॉक्टर को किसी पैसेंजर के बीमार होने की सूचना देगा, वैसे ही वह डॉक्टर उसे तुरंत अटेंड करेगा. अगर मरीज चल सकता है तो टीटीई उसे डॉक्टर के पास तक लेकर जाएगा. इतना ही नहीं इमरजेंसी की स्थिति में इलेक्ट्रोकार्डियोग्राफी, ऑक्सीजन सिलेंडर, पल्स ऑक्सोमीटर जैसे अन्य जरूरी उपकरण भी ट्रेन में डॉक्टर्स के पास मौजूद रहेंगे. सूत्रों के मुताबिक इस संबंध में जल्द ही रेलवे बोर्ड से संबंधित सभी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश जारी किए जाएंगे. यह सर्विस सबसे पहले लांग रूट की ट्रेनों में उपलब्ध कराई जाएगी.

Census@mouse click

देश की सातवीं जनगणना में आपकी फैमिली का स्ट्ेटस क्या है? गवर्नमेंट ऑफ इंडिया ने आपके बारे में कौन-कौन सी जानकारी कलेक्ट की है?
ऐसे तमाम सवालों के जवाब जानने के लिए आपको गवर्नमेंट ऑफिसेज के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे बल्कि, एक सिंगल क्लिक पर पूरी जानकारी आपके कंप्यूटर स्क्रीन पर मौजूद होगी. यह सब संभव होगा, जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट की वेबसाइट से. जिसकी मदद से जनगणना की डिटेल्स की जानकारी हासिल की जा सकेगी. गवर्नमेंट ऑफ इंडिया ने सेंसस-2011 में पब्लिक कन्वीनिएंस का खास ख्याल रखा है. इसके तहत कोई भी व्यक्ति जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट की वेबसाइट http://gad.up.nic.in पर लॉगऑन कर जनगणना संबंधी जानकारी पा सकता है. पहले सिर्फ ड्यूटी सुपरवाइजर वेबसाइट पर सेंसस रिलेटेड इनफॉर्मेशन हासिल कर पाते थे, लेकिन अब पब्लिक भी वेबसाइट से सेंसस के अलावा पर्सनल इनफॉर्मेशन हासिल कर सकेगी. इस बार पब्लिक को जनगणना में हुई भूल को सुधारने का मौका भी मिलेगा. इसके लिए वेबसाइट के माध्यम से यूजर अपनी कंप्लेंट दर्ज करा सकेंगे.

A small revolution

मोबाइल रिवॉल्यूशन कोई नई बात नहीं रही, लेकिन इन दिनों एक अन्य रिवॉल्युशन चर्चा का विषय बना हुआ है जिसे मोबाइल एप्लीकेशन रिवॉल्यूशन का नाम दिया जा रहा है. असल में एप्लिकेशन या शॉर्ट में कहें तो एप्स सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री में सबसे तेजी से मुनाफा देने वाले माध्यम बन गए हैं. महीने भर में ही कोई भी एप्लिकेशन डेवलप करके उसे दुनिया भर में फैले डाउनलोडिंग के दीवानों के लिए जारी किया जा सकता है. एग्जांपल के तौर पर इस साल जनवरी में ऐपल एप स्टोर से 3 अरब डाउनलोडिंग हुई हैं. मार्केट रिसर्च फर्म गार्टनर के मुताबिक इस साल कंज्यूमर गेम्स, सोशल नेटवर्किग टूल्स सहित इंटरटेनमेंट की कई चीजों को मोबाइल फोन पर इस्तेमाल करने के लिए 6.2 अरब डॉलर की मोटी रकम खर्च की जा रही है. यह हालात तब हैं जब 80 परसेंट मोबाइल एप्लिकेशन फ्री में ही मुहैया कराए जाएंगे.
प्रोफेशनल्स को टक्कर
एप्लीकेशंस स्टोर में गेम्स, कारोबार, न्यूज, स्पो‌र्ट्स और हेल्थ जैसी कैटेगरी में 1 लाख से भी ज्यादा ऑप्शन मौजूद हैं. ब्लैकबेरी एप व‌र्ल्ड में इन्हीं कैटेगरीज में करीब 4 हजार टाइटल हैं. वहीं गूगल एंड्रॉयड करीब 20 हजार ऐसे ही टाइटल मार्केट में बेचता है. इसमें कोई हैरत नहीं होनी चाहिए कि कारोबारी हलकों में पांच साल पहले तक एप्लिकेशन डेवलपर का कोई नामोनिशां तक नहीं था, लेकिन अब यह मोबाइल मार्केट में राज करता नजर आ रहा है. स्टूडेंट, टीचर और यहां तक कि डॉक्टर भी इस होड़ में कूद रहे हैं और सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल्स को कड़ी टक्कर दे रहे हैं. ऐपल, नोकिया, सैमसंग और सोनी एरिक्सन जैसी कंपनियों की वेबसाइट या फिर ऑर्कुट या फेसबुक जैसी सोशल नेटवर्किग साइट इनकी मदद कर रही हैं. इस मीडियम के जरिए डेवलपर अपने सॉफ्टवेयर दुनिया के किसी भी कोने में बेच सकते हैं.
सॉफ्टवेयर का डॉक्टर
रोहित सिंघल की कहानी एक गैरेज और तीन लोगों की टीम के साथ शुरू हई. पेशे से रेडियोलॉजिस्ट सिंघल ने ऑसिरिक्स नाम के एक ओपेन सोर्स सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया. यह सॉफ्टवेयर रेडियोलॉजी के लिए ही तैयार किया गया है. उनकी सोर्सबिट्स नाम की कंपनी मेडिकल सेक्टर के लिए तो सॉफ्टवेयर डेवलप करने लगी, साथ ही गेम्स और जनरल एप्स तक भी इसका दायरा बढ़ता गया.
सिंघल की कंपनी ने ही सबसे पहले क्लॉक एप्स नाइटस्टैंड को पेश किया था. अब तक हुई इसकी 25 लाख डाउनलोडिंग इसकी कामयाबी की कहानी खुद बयां करती हैं. मौजूदा समय में उनकी कंपनी में कई वर्कर्स सिर्फ इसी काम में लगे हैं.

Monday, March 29, 2010

महंगी होंगी कारें

अगले महीने से कारें महंगी हो जाएंगी, क्योंकि कार कंपनियों ने अपनी कारों को यूरो-4 एमिशन स्टैंड‌र्ड्स के एकॉर्डिग अपडेट करने में आने वाला खर्च कस्टमर्स से वसूलने का फैसला किया है.
टाटा मोटर्स, फिएट, हुंडई, महिंद्रा और जनरल मोटर्स सहित प्रमुख कार कंपनियों ने अपनी कारों के दाम बढ़ाने की योजना बनाई है. सरकार एक अप्रैल से नए एमिशन रूल्स को लागू करने जा रही है. नए स्टैंड‌र्ड्स के लागू होने के साथ कंपनियों को अपने वाहनों को अपडेट करने की जरूरत पड़ेगी, ताकि वे अधिक साफ यूरो-4 फ्यूल पर चल सकें. इस फ्यूल का इस्तेमाल 13 शहरों में किया जाएगा, जबकि देश के अन्य हिस्सों में यूरो-3 फ्यूल का इस्तेमाल किया जाएगा. जनरल मोटर्स के वाइस प्रेसीडेंट पी. बालेंद्रन ने बताया कि हम शेवरले बीट और स्पार्क को छोड़कर सभी मॉडल्स के दाम 6000 रुपए तक बढ़ाएंगे. कीमतें अप्रैल के पहले हफ्ते में बढ़ाई जाएंगी.
रूल लागू होने का इंतजार
वहींहुंडई मोटर के रीजनल सेल्स मैनेजर कुमार प्रिएश ने कहा कि हम अप्रैल के पहले सप्ताह में कीमतें 4000 रुपए से 5,000 रुपए के दायरे में बढ़ाएंगे. उधर, टाटा मोटर्स और महिन्द्रा एंड महिन्द्रा ने भी एक अप्रैल से कीमतों में बढ़ोतरी करने का संकेत दिया है. टाटा मोटर्स के प्रेसीडेंट (पैसेंजर कार) राजीव ुदुबे ने कहा कि मैं फिलहाल यह नहीं बता सकता कि कीमतों में कितनी बढ़ोतरी की जाएगी. हम नए एमिशन स्टैंड‌र्ड्स के लागू होने पर निर्णय करेंगे. वहीं दूसरी ओर महिन्द्रा एंड महिन्द्रा के प्रेसीडेंट पवन गोयनका ने कहा कि हम नए एमिशन स्टैंड‌र्ड्स के लागू होने के बाद अपने सभी माडलों की कीमतें बढ़ाएंगे. उन्होंने कहा कि कीमतों में कितनी बढ़ोतरी होगी, इस पर जल्द फैसला होगा. फिएट इंडिया, मर्सिडीज-बेंज और टोयोटा जैसी कार कंपनियां भी कीमतें बढ़ा सकती हैं. हालांकि इन कंपनियों ने नए एमिशन स्टैंडर्ड के लागू होने पर कीमत बढ़ोतरी का फैसला किया है.

Saturday, March 27, 2010

वोडाफोन ने पेश किया आईफोन

टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर कंपनी वोडाफोन एस्सार ने देश में शुक्रवार को आईफोन 3जीएस पेश किया. इसकी कीमत 29,500 रुपए से शुरू होगी.
आईफोन 3जीएस अब तक का हाईएस्ट स्पीड से काम करने वाला आईफोन है. यह तीन मेगापिक्सल के आटोफोकस कैमरा, वीडियो रिकार्डिंग और फ्री वॉयस कंट्रोल स्पेशियाल्टी से लैस है. वोडाफोन एस्सार के चीफ डिस्ट्रिब्यूशन ऑफीसर कुमार रामनाथन ने कहा कि हम इंडिया में आईफोन 3जीएस पेश कर खुश हैं. हमें विश्वास है कि हमारे कस्टमर इस बेहतरीन आईफोन और लचीले टैक्स प्लान का फायदा उठाएंगे. आईफोन 3जी मुंबई, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में 33,500, (आठ जीबी कैटेगरी), 40,500 (16 जीबी) और 47,500 (32 जीबी कैटेगरी) में उपलब्ध होगा. अन्य जगहों पर यह आठ जीबी कैटेगरी में 29,500 रुपए, 16 जीबी में 35,500 रुपए और 32 जीबी में 41,500 रुपए में उपलब्ध होगा.

Friday, March 26, 2010

Stop Mounting threat from e-waste

आज की फास्ट लाइफ में हर आदमी खुद को अपडेट रखते हुए लग्जीरियस लाइफ जीना चाहता है. ऐसे में पूरे व‌र्ल्ड में इलेक्ट्रानिक गैजेट्स का यूज लगातार बढ़ता जा रहा है. निश्चित ही कम्प्यूटर, लैपटाप और मोबाइल जैसी चीजों ने लोगों को काफी राहत भी पहुंचाई है लेकिन एक सच यह भी है कि इन नई टेक्नॉलजी के साथ ढेर सारी प्रॉब्लम्स भी आई हैं. ई-वेस्ट इन्हीं में से एक है. यूनाइटेड नेशंस एनवायरमेंट प्रोग्राम (यूएनईपी) ने इसको लेकर वॉर्निग दी है. इस वॉर्निग में कहा गया है कि भारत और चीन जैसी डेवलपिंग कंट्रीज ने ई-वेस्ट को ठीक से रिसाइकल नहीं किया तो इसका पहाड़ खड़ा हो जाएगा.
यूएनईपी की ऑपरेशन काउंसिल की मीटिंग के दौरान जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अगले 10 साल में भारत, चीन और अदर डेवलपिंग कंट्रीज में इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट्स की बिक्री बहुत तेजी से बढ़ेगी. इस तरह इनसे निकलने वाले ई-वेस्ट का लोगों की हेल्थ पर सीरियस इफेक्ट पड़ेगा.
डेंजरस डेटा
रिपोर्ट के मुताबिक इस समय भारत में फ्रिज से 100000 टन, टीवी से 275000 टन, कंप्यूटर से 56300 टन, प्रिंटर से 4700 टन और मोबाइल फोन से 1700 टन ई-वेस्ट हर साल निकलता है. अनुमान है कि 2020 तक पुराने कंप्यूटर्स की वजह से इलेक्ट्रानिक वेस्ट का डेटा भारत में 500 परसेंट और साउथ अफ्रीका व चीन में 200 से लेकर 400 परसेंट तक बढ़ जाएगा. 2020 तक भारत में मोबाइल फोन से निकला ई-वेस्ट 2007 के कंपैरिजन में 18 परसेंट और चीन में सात परसेंट अधिक होगा. साथ ही चीन और भारत में टीवी के ई-वेस्ट में डेढ़ से दोगुना तक का इजाफा होगा. जबकि रेफ्रिजरेटर से निकलने वाला ई-वेस्ट दो से तीन गुना तक बढ़ जाएगा.
जला देते हैं ई-वेस्ट
भारत में रिसाइकलिंग करने वाले गोल्ड जैसे मेटल हासिल करने के लिए ज्यादातर ई-वेस्ट जला देते हैं. इससे काफी मात्रा में विषैली गैसें निकलती हैं. इस पॉल्यूशन के खतरे के कंपैरिजन में प्राप्त मेटल्स की प्राइस हालांकि काफी कम होती है.

Thursday, March 25, 2010

Research के लिए करेंगे ‘inspire’

देश में वैज्ञानिकों की शार्टेज है. स्टूडेंट्स अच्छी नौकरी के लिए केवल बीटेक, एमटेक करके संतुष्ट हो जाते हैं. रिसर्च करने या साइंटिस्ट बनने का रुझान नहीं है. ग्रेजुएट लेवल पर और बीटेक जैसे कोर्स में अंतिम वर्ष तक प्रोजेक्ट के रूप में रिसर्च वर्क को शामिल किया जाए. इससे साइंटिफिक और रिसर्च एप्रोच को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही टीचर्स और प्रोफेसर्स शुरुआत में ही स्टूडेंट्स का साइंस व रिसर्च की ओर रुझान पहचान कर उन्हें प्रोत्साहित करें. यह बातें प्राइम मिनिस्टर ऑफिस के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. आर चिदंबरम ने कही. वो रिसर्च को बढ़ावा देने की कवायद के बीच आईआईटी में फ्राइडे से शुरू हुए आईसीएआरयूएस-10 प्रोग्राम में बोल रहे थे.
‘Inspire’ to produce meritorius scientists
प्रो. चिदंबरम ने कहा कि डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी ने साइंटिस्ट पैदा करने के लिए अपनी झोली खोल दी है. अनलिमिटेड बजट वाली मेगा योजना इंस्पायर के तहत देश भर के बो‌र्ड्स के टॉपर स्टूडेंट्स को आईआईटी-बीएचयू जैसे टॉप संस्थानों में वर्कशॉप्स और ट्रेनिंग के लिए भेजा जाएगा. इन स्टूडेंट्स को अगले 15 सालों में वैज्ञानिक बनने तक गवर्नमेंट हर माह 5 हजार रुपए देगी. हर स्टेट से हर साल कम से कम 500 मेधावी स्टूडेंट्स को इस योजना के लिए छांटा जाएगा. संस्थान के निदेशक प्रो. संजय गोविंद धांडे ने कहा कि आईआईटी सिस्टम में बीटेक व ग्रेजुएट लेवल पर रिसर्च को शामिल करने पर विचार चल रहा है.
No. 3 in Physics
होमी भाभा सेंटर फॉर साइंस एजूकेशन से आए साइंस ओलंपियाड के नेशनल कोऑर्डिनेटर प्रो. विजय ए. सिंह ने बताया फिजिक्स सब्जेक्ट में देश के होनहार स्टूडेंट्स दुनिया में नंबर तीन हैं. युवा वैज्ञानिकों ने फिजिक्स ओलंपियाड में कंपटीट करके ये मुकाम हासिल किया है. प्रोग्राम के उद्घाटन सत्र में स्टूडेंट्स द्वारा प्रकाशित पत्रिका नर्ड-नोट्स ऑन इंजीनियरिंग रिसर्च एंड डेवलपमेंट का विमोचन भी किया गया. इस मौके पर स्टूडेंट्स की तरफ से मंच पर कीर्तिमान मिश्रा भी मौजूद रहे.
Q & A
प्रोग्राम के वक्त टी टाइम पर आईआईटी में एमएससी इंटीग्रेटेड प्रोग्राम का स्टूडेंट आदित्य महेश्वरी अचानक प्रो. चिदंबरम के पास पहुंच गया और उसने पूछा कि गवर्नमेंट ने आईआईटी जैसे संस्थान में 50 परसेंट रिजर्वेशन क्यों लागू किया है. क्या इससे मेधावियों को नुकसान नहीं हो रहा. एक स्टूडेंट्स के अचानक इस सवाल का जवाब प्रो. चिदंबरम ने संयमित होकर दिया और उसकी जिज्ञासा शांत की.

Saturday, March 20, 2010

LED से रोशन होंगी City

आने वाले दिनों में सिटी की रोड्सएलईडी से जगमगाएंगी. नगर निगमने रोड लाइट्स में ट्यूबलाइट की जगहएलईडी लाइट्स लगाने की तैयारी करली. इसके लिए टेंडर कॉल किए जा चुकेहैं.
50 हजार सिटी की रोड्स कोजगमगाने की जिम्मेदारी नगर निगमसंभाले हुए है. नगर निगम की लगभगहजार रोड लाइट्स लगी हुई हैं. रोडलाइट्स के बिल के रूप नगर निगमको हर साल करीब 18 करोड़ रुपएचुकाने पड़ते हैं.

Energy saving
लाइटिंग डिपार्टमेंट का प्रभार संभालरहे डॉ. हरिशचंद चौहान ने कहा किशुरुआती दौर में 40 वॉट की एलईडीलाइट एमूटिंग डायोड) रोड लाइट्सलगाई जाएंगी. इनसे लगभग 100 वॉटके बराबर रोशनी मिलेगी. ये जल्दीखराब नहीं होंगी. इनकी लाइफ पांचसाल से अधिक होगी. टेंडर में भी यहशर्त शामिल है. इससे नगर निगम कालगभग 60 परसेंट बिजली का बिल भीबचेगा. केस्को के चीफ इंजीनियरकेशवराम ने कहा कि पॉवर क्राइसिसको देखते हुए सभी को इनर्जी सेविंगकी ओर ध्यान देना चाहिए. (

ACEHOYLE.COM LAUNCHES MUSIC & VIDEO SECTION

ACEHOYLE.COM LAUNCHES MUSIC & VIDEO SECTION

Noir-themed gambling guide releases its official theme song and announces forthcoming developments.

For Immediate Release

Road Town, Tortola – [18th March] 2010 – Today, leading Web-development firm, MediaTier

Ltd., christened AceHoyle.com’s Music & Videos section with the release of an original theme song by

Boston indie rockers The Honors.

The new track, titled “Ace of Face,” is a tongue-in-cheek homage to theme songs from 1980s media

franchises like “Masters of the Universe” and “G.I. Joe: A Real American Hero.” A specially commissioned

project, it will only be available for purchase through AceHoyle.com’s official store, Dick’s Dastardly Den.

The release coincides with the launch of AceHoyle.com’s Hoyle-ites Radio, which will allow users to

select between and play the site’s musical offerings. Initially, the playlist will only include “Ace of

Face.” However, additional songs will be added when AceHoyle.com’s Sonic Showdown Contest launches later

this year.

Alongside the Sonic Showdown AceHoyle.com will launch a Hoyle-ites Video Diary tool that will allow users

to upload music, movies and other content. The ongoing contest will invite any band registered with the

site to compete for prize money and a chance to have its song appear on the official“Adventures of Ace Hoyle”

soundtrack.

The Honors’ offering is already scheduled to appear on the forthcoming record, which will be for sale in

Dick’s Dastardly Den. It will also figure into several other projects, including a flash-animation

Web-comics upgrade, an official Facebook application and an animated series slated for 2011.

Commenting on the theme song, AceHoyle.com Executive Editor Phill Provance said, “This is the first of

many steps we’re taking to make the site more than just your average gambling portal. The Honors is

really such a talented group of guys, and we feel absolutely blessed to have had a chance to work with

them.”

Those interested in learning more about The Honors can do so

by visiting the band’s homepage or by attending one of their shows. Confirmed appearances include The

Great Scott in Allston, Mass., March 12 and The Middle East Upstairs in Cambridge, Mass., April 1 and May

8.

About the Publisher
Tortola-based MediaTier Ltd. is a leading online developer specializing in online-gambling portals. For

more information on AceHoyle.com or the company's other offerings,

please contact the site’s editors at editor@acehoyle.com, or through Contact Us page.

SOURCE: MediaTier Ltd.

MediaTier Ltd. Michael Beck, 1-800-207-4934 editor@acehoyle.com.

Monday, March 15, 2010

RBI NEW RULE FOR INDIAN





RRBs – Prevention of Money-laundering Amendment Rules, 2009 – Obligation of Banks/FIs

RBI/2009-10/293A
RPCD.CORRB.AML.BC.No.49/03.05.33(E)/2009-10

January 28, 2010

The Chairman

All Regional Rural Banks (RRBs)

Dear Sir,

Prevention of Money-laundering (Maintenance of Records of the Nature and Value of Transactions, the Procedure and Manner of Maintaining and Time for Furnishing Information and Verification and Maintenance of Records of the Identity of the Clients of the Banking Companies, Financial Institutions and Intermediaries) Amendment Rules, 2009 - Obligation of Banks / Financial Institutions

As you are aware, Government of India vide its Notification No.13/2009/F.No.6/8/2009-ES dated November 12, 2009, has amended the Prevention of Money-laundering (Maintenance of Records of the Nature and Value of Transactions, the Procedure and Manner of Maintaining and Time for Furnishing Information and Verification and Maintenance of Records of the Identity of the Clients of the Banking Companies, Financial Institutions and Intermediaries) Rules, 2005. A copy of the Notification is enclosed for ready reference.

2. Some of the salient features of the amendment, relevant to RRBs, are as under :

* Clause (ca) inserted in sub-rule (1) of Rule 2 defines "non-profit organization."

* Clause (BA) inserted in sub-rule (1) of Rule 3 requires banks / financial institutions to maintain proper record of all transactions involving receipts by non-profit organizations of value more than rupees ten lakh or its equivalent in foreign currency.

* The amended Rule 6 provides that the records referred to in rule 3 should be maintained for a period of ten years from the date of transactions between the client and the banking company / financial institution.

* A proviso has been inserted in sub-rule (3) of Rule 8, which requires that banks / financial institutions and their employees should keep the fact of furnishing suspicious transaction information strictly confidential.

* Rule 9, now requires banks / financial institutions to verify identity of the non-account based customer while carrying out transaction of an amount equal to or exceeding rupees fifty thousand, whether conducted as a single transaction or several transactions that appear to be connected.

* The amended sub-rule (1) of Rule 9, in terms of clause (b) (ii) requires verification of identity of the customer for all international money transfer operations.

* Proviso to Rule 9(1) regarding the verification of identity of the client within a reasonable time after opening the account / execution of the transaction has been deleted.

3. Accordingly, in view of amendments to the above Rules, RRBs are required to:

i) Maintain proper record of all transactions involving receipts by non- profit organizations of value more than rupees ten lakh or its equivalent in foreign currency and to forward a report to FIU-IND of all such transactions in the prescribed format every month by the 15th of the succeeding month.

ii) In case of transactions carried out by a non-account based customer, that is a walk-in customer, where the amount of transaction is equal to or exceeds rupees fifty thousand, whether conducted as a single transaction or several transactions that appear to be connected, the customer's identity and address should be verified. Further, if a RRB has reason to believe that a customer is intentionally structuring a transaction into a series of transactions below the threshold of Rs.50,000/- the RRB should verify identity and address of the customer and also consider filing a suspicious transaction report (STR) to FIU-IND.

4. RRBs are advised to strictly follow the amended provisions of PMLA Rules and ensure meticulous compliance to these Rules.

Yours faithfully,

(A.K.Pandey)
General Manager


Notification No.13/2009 - Amendment to Rules

Notification No.13/2009 dated 12-11-2009 amends rule 2, 3, 5, 6, 7, 8, 9 and 10 of the Rules notified by Notification No.9/2005.

Ministry Of Finance
(Department of Revenue)
Notification

New Delhi, the 12th Nov, 2009

G.S.R.816(E) - In exercise of the powers conferred by clauses (a), (b) and (c) of sub-section (1) of section 12 and section 15 read with clauses (h), (i), (j) and (k) of sub-section (2) of section 73 of the Prevention of Money-laundering Act, 2002 (15 of 2003), the Central Government, in consultation with the Reserve Bank of India, hereby makes the following rules further to amend the Prevention of Money-laundering (Maintenance of Records of the Nature and Value of Transactions, the Procedure and Manner of Maintaining and Time for Furnishing Information and Verification and Maintenance of Records of the Identity of the Clients of the Banking Companies, Financial Institutions and Intermediaries) Rules, 2005, namely :-

1.

(1)

These rules may be called the Prevention of Money-laundering (Maintenance of Records of the Nature and Value of Transactions, the Procedure and Manner of Maintaining and Time for Furnishing Information and Verification and Maintenance of Records of the Identity of the Clients of the Banking Companies, Financial Institutions and Intermediaries) Amendment Rules, 2009.

(2)

They shall come into force on the date of their publication in the Official Gazette.

2.

In the Prevention of Money-laundering (Maintenance of Records of the Nature and Value of Transactions, the Procedure and Manner of Maintaining and Time for Furnishing Information and Verification and Maintenance of Records of the Identity of the Clients of the Banking Companies, Financial Institutions and Intermediaries) Rules, 2005 (hereinafter referred to as the principal rules), -

in rule 2, in sub-rule (1), -

(a)

after clause (c), the following clause shall be inserted, namely :-

'(ca)

"non profit organisation" means any entity or organisation that is registered as a trust or a society under the Societies Registration Act, 1860 (21 of 1860) or any similar State legislation or a company registered under section 25 of the Companies Act, 1956(1 of 1956);';

(b)

after clause (f), the following clause shall be inserted, namely :-

'(fa)

"Regulator" means a person or an authority or a Government which is vested with the power to license, authorise, register, regulate or supervise the activity of banking companies, financial institutions or intermediaries, as the case may be;';

(c)

for clause (g), the following clause shall be substituted, namely :-

'(g)

"Suspicious transaction" means a transaction referred to in clause (h), including an attempted transaction, whether or not made in cash, which to a person acting in good faith -

(a)

gives rise to a reasonable ground of suspicion that it may involve proceeds of an offence specified in the Schedule to the Act, regardless of the value involved; or

(b)

appears to be made in circumstances of unusual or unjustified complexity; or

(c)

appears to have no economic rationale or bonafide purpose; or

(d)

gives rise to a reasonable ground of suspicion that it may involve financing of the activities relating to terrorism;'.

3.

In the principal rules, in rule 3, in sub-rule (1), after clause (B), the following clause shall be inserted, namely :-

"(BA)

all transactions involving receipts by non-profit organisations of value more than rupees ten lakh, or its equivalent in foreign currency;".

4.

In the principal rules, in rule 5, for the words "the Reserve Bank of India or the Securities and Exchange Board of India, or the Insurance Regulatory Development Authority, as the case may be,", where ever they occur, the words, "its Regulator,", shall be substituted.

5.

In the principal rules, for rule 6, the following rule shall be substituted, namely :-

"6.

Retention of records of transactions-The records referred to in rule 3 shall be maintained for a period of ten years from the date of transactions between the client and the banking company, financial institution or intermediary, as the case may be.".

6.

In the principal rules, in rule 7, for the words "the Reserve Bank of India or the Securities and Exchange Board of India, or the Insurance Regulatory Development Authority, as the case may be," where ever they occur, the words, "its Regulator,", shall be substituted;

7.

In the principal rules, in rule 8, -

(a)

in sub-rule (1), for the word, brackets and letters, "clauses(A) and (B)", the word, brackets and letters "clauses (A), (B) and (BA)" shall be substituted;

(b)

after sub-rule (3), the following proviso shall be inserted at the end, namely :-

"Provided that a banking company, financial institution or intermediary, as the case may be, and its employees shall keep the fact of furnishing information in respect of transactions referred to in clause (D) of sub-rule (1) of rule 3 strictly confidential.".

8.

In the principal rules, in rule 9, -

(a)

for sub-rules (1) and (2), the following sub-rules shall be substituted, namely :-

"(1)

Every banking company, financial institution and intermediary, as the case may be, shall,

(a)

at the time of commencement of an account-based relationship, identify its clients, verify their identity and obtain information on the purpose and intended nature of the business relationship, and

(b)

in all other cases, verify identity while carrying out :

(i)

transaction of an amount equal to or exceeding rupees fifty thousand, whether conducted as a single transaction or several transactions that appear to be connected, or

(ii)

any international money transfer operations.

(1A)

Every banking company, financial institution and intermediary, as the case maybe, shall identify the beneficial owner and take all reasonable steps to verify his identity.

(1B)

Every banking company, financial institution and intermediary, as the case maybe, shall exercise ongoing due diligence with respect to the business relationship with every client and closely examine the transactions in order to ensure that they are consistent with their knowledge of the customer, his business and risk profile.

(1C)

No banking company, financial institution or intermediary, as the case may be, shall keep any anonymous account or account in fictitious names.

(2)

Where the client is an individual, he shall for the purpose of sub-rule (1), submit to the banking company, financial institution and intermediary, as the case may be, one certified copy of an 'officially valid document' containing details of his identity and address, one recent photograph and such other documents including in respect of the nature of business and financial status of the client as may be required by the banking company or the financial institution or the intermediary, as the case may be.

Provided that photograph need not be submitted by a client falling under clause (b) of sub-rule (1).";

(b)

after sub-rule (6), the following sub-rule shall be inserted, namely :-

"(6A)

Where the client is a juridical person, the banking company, financial institution and intermediary, as the case may be, shall verify that any person purporting to act on behalf of such client is so authorised and verify the identity of that person.";

(c)

for sub-rule (7), the following sub-rule shall be substituted, namely :-

"(7)

(i)

The regulator shall issue guidelines incorporating the requirements of sub-rules (1) to (6A) above and may prescribe enhanced measures to verify the client's identity taking into consideration type of client, business relationship or nature and value of transactions.

(ii)

Every banking company, financial institution and intermediary as the case may be, shall formulate and implement a Client Identification Programme to determine the true identity of its clients, incorporating requirements of sub-rules (1) to (6A) and guidelines issued under clause (i) above.

9.

In the principal rules, in rule 10, for the words "the Reserve Bank of India or the Securities and Exchange Board of India, or the Insurance Regulatory Development Authority, as the case may be,", where ever they occur, the words, "its regulator,", shall be substituted;

(S.G.P.Verghese)
Under Secretary to the Government of India

[Notification No.13/2009/F.No.6/8/2009-ES]

Note : The principal rules were published in Part II, Section 3, Sub-section (i) of the Gazette of India, Extraordinary vide number G.S.R.No.444(E), dated 1st July, 2005 and subsequently amended vide number G.S.R.No.717(E), dated 13th December, 2005 and G.S.R.No.389(E), dated 24th May, 2007.

The Original Link : http://www.rbi.org.in/scripts/NotificationUser.aspx?Id=5472&Mode=0

Wednesday, March 10, 2010

Chip दूर करेगी आपकी चिंता

आने वाले कुछ सालों में आप बिना क्रैश के डर के हवाई यात्राएं कर सकेंगे. बिना गाड़ी के खराब होने के डर के लंबी रोड जर्नी कर सकेंगे, और तो और ऊंची इमारतों की लिफ्ट में फिर कभी लिफ्ट के गिरने का, खतरा नहीं रहेगा. मशीन में होने खराबी की आपको पहले ही इंफॉरमेंशन मिल जाएगी.
Life होगी easy
सेंसर बेस्ड इंटेलीजेंट मशीनरी चिप के बन जाने के बाद आपको अपनी कार के डैशबोर्ड पर भी ध्यान देने की जरूरत नहीं होगी. पेट्रोल खत्म होने से पहले ही आपके मोबाइल पर आया एसएमएस बता देगा कि कार में कितना पेट्रोल बचा है, और कितनी दूर तक चलेगी या इंजन कितना हीटअप हो गया है. किसानों को भी पता चल जाया करेगा कि उनका ट्रैक्टर कब खराब होने वाला है.
आईआईटी में मंगलवार को इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आर्गनाइज्ड हेल्थ मॉनीटरिंग ऑफ आटोमोटिव्स वर्कशॉप में डिपार्टमेंट के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. निश्चल वर्मा ने बताया कि विभाग पुणे स्थित एक विदेशी कंपनी जॉन डेयर के साथ मिलकर सेंसर बेस्ड इंटेलीजेंट मशीनरी चिप बना रहे हैं. इसे अभी तो ट्रैक्टर बनाने वाली कंपनी अपने लिए उपयोग करेगी. बाद में इस चिप का प्रयोग हवाई जहाज से लेकर कारों, बाइकों, मल्टी स्टोरी बिल्डिंगों की लिफ्टों में किया जाएगा. इससे बहुत से खतरों का पता पहले ही चल जाएगा. लोगों को हादसे का डर नहीं रहेगा.
इस चिप के सेंसरों से निकलने वाले सिग्नलों को एक डेटा सेंटर पर रिसीव करके, मॉनीटर करके, जीएसएम फोन नेटवर्क का यूज करके चिप के मालिक के मोबाइल नंबर पर एसएमएस या कंप्यूट्राइज्ड कॉल के रूप में वापस भेज दिया जाएगा. ये चिप मशीन के हर एक पुर्जे का आकलन करके बताएगी कि वो कितना खराब या ठीक है. कितने और दिन काम करेगा, कब ब्रेकडाउन होने की संभावना है.

Tuesday, March 2, 2010

priyanka now hot in twitter

ट्विटर मुख्यालय पहुंची प्रियंका

नई दिल्ली। सोशल नेटवर्किग वेबसाइट ट्विटर के जरिए अपने करीब 2,00,000 प्रशंसकों से जुड़ीं बॉलीवुड अभिनेत्री इस माइक्रो-ब्लॉगिंग वेबसाइट के सैन फ्रांसिस्को स्थित मुख्यालय पहुंचीं।

वेबसाइट के विशेष बुलावे पर वह वहां पहुंची थीं। प्रियंका ने अपनी इस यात्रा और वेबसाइट के सह-संस्थापक बिज स्टोन के मुलाकात के विषय में ट्विटर पर लिखा है, मेरा दिन वास्तव में बहुत रुचिकर था क्योंकि मुझे सैन फ्रांस्सिको के ट्विटर मुख्यालय आमंत्रित किया गया था। वह एक अच्छा समय था। मैं अपने अद्भुत आतिथ्य के लिए बिज और उनके दल की शुक्रगुजार हूं।

सत्ताईस वर्षीय अभिनेत्री अमेरिका में साजिद नाडियावाल की फिल्म अंजानी अंजानी की शूटिंग में व्यस्त थीं। इस वक्त वह ट्विटर से जरिए अपने प्रशंसकों से जुड़ने वाले बॉलीवुड सितारों में सबसे आगे हैं। प्रियंका इस वेबसाइट के जरिए अपने 196,903 प्रशंसकों से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने शाहरुख खान, रितिक रोशन, प्रीति जिंटा, शाहिद कपूर जैसे कलाकारों को पीछे छोड़ दिया है।

सूत्रों के अनुसार प्रियंका अमेरिका में अपनी फिल्म की शूटिंग कर रही थीं और चूंकि वह ट्विटर पर सबसे लोकप्रिय बॉलीवुड सितारा हैं इसलिए उन्हें ट्विटर मुख्यालय आमंत्रित किया गया था।