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Thursday, March 25, 2010

Research के लिए करेंगे ‘inspire’

देश में वैज्ञानिकों की शार्टेज है. स्टूडेंट्स अच्छी नौकरी के लिए केवल बीटेक, एमटेक करके संतुष्ट हो जाते हैं. रिसर्च करने या साइंटिस्ट बनने का रुझान नहीं है. ग्रेजुएट लेवल पर और बीटेक जैसे कोर्स में अंतिम वर्ष तक प्रोजेक्ट के रूप में रिसर्च वर्क को शामिल किया जाए. इससे साइंटिफिक और रिसर्च एप्रोच को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही टीचर्स और प्रोफेसर्स शुरुआत में ही स्टूडेंट्स का साइंस व रिसर्च की ओर रुझान पहचान कर उन्हें प्रोत्साहित करें. यह बातें प्राइम मिनिस्टर ऑफिस के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. आर चिदंबरम ने कही. वो रिसर्च को बढ़ावा देने की कवायद के बीच आईआईटी में फ्राइडे से शुरू हुए आईसीएआरयूएस-10 प्रोग्राम में बोल रहे थे.
‘Inspire’ to produce meritorius scientists
प्रो. चिदंबरम ने कहा कि डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी ने साइंटिस्ट पैदा करने के लिए अपनी झोली खोल दी है. अनलिमिटेड बजट वाली मेगा योजना इंस्पायर के तहत देश भर के बो‌र्ड्स के टॉपर स्टूडेंट्स को आईआईटी-बीएचयू जैसे टॉप संस्थानों में वर्कशॉप्स और ट्रेनिंग के लिए भेजा जाएगा. इन स्टूडेंट्स को अगले 15 सालों में वैज्ञानिक बनने तक गवर्नमेंट हर माह 5 हजार रुपए देगी. हर स्टेट से हर साल कम से कम 500 मेधावी स्टूडेंट्स को इस योजना के लिए छांटा जाएगा. संस्थान के निदेशक प्रो. संजय गोविंद धांडे ने कहा कि आईआईटी सिस्टम में बीटेक व ग्रेजुएट लेवल पर रिसर्च को शामिल करने पर विचार चल रहा है.
No. 3 in Physics
होमी भाभा सेंटर फॉर साइंस एजूकेशन से आए साइंस ओलंपियाड के नेशनल कोऑर्डिनेटर प्रो. विजय ए. सिंह ने बताया फिजिक्स सब्जेक्ट में देश के होनहार स्टूडेंट्स दुनिया में नंबर तीन हैं. युवा वैज्ञानिकों ने फिजिक्स ओलंपियाड में कंपटीट करके ये मुकाम हासिल किया है. प्रोग्राम के उद्घाटन सत्र में स्टूडेंट्स द्वारा प्रकाशित पत्रिका नर्ड-नोट्स ऑन इंजीनियरिंग रिसर्च एंड डेवलपमेंट का विमोचन भी किया गया. इस मौके पर स्टूडेंट्स की तरफ से मंच पर कीर्तिमान मिश्रा भी मौजूद रहे.
Q & A
प्रोग्राम के वक्त टी टाइम पर आईआईटी में एमएससी इंटीग्रेटेड प्रोग्राम का स्टूडेंट आदित्य महेश्वरी अचानक प्रो. चिदंबरम के पास पहुंच गया और उसने पूछा कि गवर्नमेंट ने आईआईटी जैसे संस्थान में 50 परसेंट रिजर्वेशन क्यों लागू किया है. क्या इससे मेधावियों को नुकसान नहीं हो रहा. एक स्टूडेंट्स के अचानक इस सवाल का जवाब प्रो. चिदंबरम ने संयमित होकर दिया और उसकी जिज्ञासा शांत की.

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