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Monday, December 1, 2008

एग्जाम का शुभ मुहूर्त, दो मार्च 2009, दिन सोमवार


i-next reporter


MEERUT (29 Nov): दिन सोमवार, दिनांक 2 मार्च, 2009. इस दिन एक साथ सीबीएसई और यूपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं का बिगुल बजने जा रहा है. सीबीएसई पहले ही 2 मार्च से एग्जाम शुरू करने की घोषणा कर चुकी है. हालांकि बोर्ड का विस्तृत परीक्षा कार्यक्रम अगले सप्ताह तक ही सामने आएगा. दूसरी तरफ यूपी बोर्ड का शुभ मुहूर्त भी 2 मार्च को ही निकला है. शुक्रवार को बोर्ड सचिव प्रभा त्रिपाठी ने 2 मार्च से 10वीं, 12वीं की परीक्षा शुरू करने की घोषणा की. यूपी बोर्ड का विस्तृत कार्यक्रम भी जल्द सामने आने की संभावना है. मेरठ में यूपी बोर्ड के स्टूडेंट्स की संख्या 37 हजार तक पहुंच गई है. जबकि सीबीएसई में मोटे तौर पर दस हजार स्टूडेंट्स परीक्षा देने जा रहे हैं. दोनों बो‌र्ड्स में परीक्षाओं की तैयारी जोर शोर से शुरू हो गई है.

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Friday, November 14, 2008

अब सुख-दुख भी बांटेंगे रोबोट

मशीन और इंसान में सबसे बड़ा फर्क यह माना जाता है कि मशीन इमोशनल नहीं होती. वह आपकी हेल्प कर सकती है लेकिन आपका दुख-दर्द नहीं बांट सकती. अपनी इमोशंस नहीं व्यक्त कर सकती लेकिन साइंटिस्ट्स को एक ऐसा रोबोट डेवलप करने में कामयाबी मिल गई है जो खुशी, दुख या चिंता को बखूबी व्यक्त कर सकेगा.

उसका नाम जूल है. जूल को ब्रिस्टल रोबोटिक्स यूनिवर्सिटी (बीआरएल) की लेबोरेटरी में ह्यंमून रोबोट इंटरेक्शन प्रोजेक्ट के तहत डेवलप किया गया है.

मानवीय रूप देने के लिए इसके फेस की स्किन को लचीले पदार्थ फ्लूबर से बनाया गया है. फ्लूबर की हेल्प से जूल अपने फेस का भाव कई तरह से व्यक्त कर सकता है. वह एक ही समय में हंसने, उदास होने या चिंतित होने जैसे दस भाव व्यक्त करने में माहिर है. जूल की यही खूबी उसे दूसरे नकलची रोबोट से अलग बनाती है.

उसके बाडी की स्किन में लगे नन्हे इलेक्ट्रॉनिक मोटर और वीडियो कैमरे उसे इंसानी हाव-भाव या चलने-फिरने की शैली को अपनाने में हेल्प करेंगे. बीआरएल में आर्टिफिशिएल इमोशंस पर काम कर रहे पीटर जैकेल कहते हैं कि जूल पहला ऐसा मानवीय रोबोट है जो किसी इंसान के इमोशंस की हूबहू नकल उतार सकता है.

उन्होंने कहा कि यह अलग बात है कि अक्सर लोग ज्यादा मानवीय गुण वाले रोबोट को पसंद नहीं करते लेकिन हमें लगता है कि इमोशनल रोबोट को लोग बड़ी आसानी से एक बेस्ट फ्रेंड के रूप में अपना सकेंगे. उन्हें इसके साथ सुख-दुख बांटने में सुकून मिलेगा. उन्होंने कहा कि रोबोट जूल का यूज स्पेस मिशन या घर की देखभाल जैसे कामों में किया जा सकेगा.



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कोई नहीं बचाएगा आपको मच्छरों से

i-next reporter
MEERUT (13 Nov): डेंगू के मच्छर बेखौफ हैं. उन्हें पता है कि उन्हें कोई खतरा नहीं है. हालांकि सीएमओ लगातार दो माह से कह रहे हैं कि जिले में डेंगू नहीं है, बल्कि डेंगू जैसे कई अन्य वायरल बुखार हैं. मजेदार बात ये है कि महकमे के हेड को भी इस बात की जानकारी नहीं है कि मलेरिया आफिस में चार माह से एंटी लारवा दवाई नहीं है.

नगर मलेरिया अधिकारी के अनुसार शहर के 80 वार्डो में एंटी लारवा दवाई के छिड़काव के लिए 33 टीमें काम कर रही हैं. लेकिन चार माह से दवाई कागजों में ही डाली जा रही है. कर्मचारी आते हैं और हाजरी लगाकर चलते बनते हैं. सीएमओ डॉ. एससी माहेश्वरी भी विभाग की इस कारगुजारी से अनजान हैं. पूछे जाने पर उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर की. मलेरिया अधिकारी बताते हैं कि अन्य जिलों से थोड़ी दवाई मंगवाकर फिलहाल काम चलाया जा रहा है. विभागीय सूत्रों के अनुसार दवाई लेने जाने वाले कर्मचारी का बाकायदा टीए बनता है, लेकिन दवाई नहीं आती है क्योंकि दवाई तो वहां भी नहीं है. विभागीय कार्रवाई को पूरा करने के लिए नाटकीय कार्यक्रम किया जाता है.

बताते हैं कि पिछले वर्ष सौ लीटर दवाई की खपत नगर क्षेत्र में थी. इस वर्ष दवाई ज्यादा आनी चाहिए थी, लेकिन अभी तक मात्र 40 लीटर दवाई ही आ सकी है. जबकि इस मौसम में एंटी वायरल दवाई का छिड़काव होना बेहद जरूरी है.

नगर मलेरिया विभाग के पास 80 कर्मचारियों की लंबी-चौड़ी फौज तो है, लेकिन काम क्या कर रहे इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है. चार्ट तो बना है कि किस दिन किस वार्ड में दवाई डालनी है मगर बिना दवाई के वार्ड में जाकर कर्मचारियों को आखिर करना ही क्या है. वहीं मलेरिया विभाग से कैंट बोर्ड भी दवाई लेता रहा है, लेकिन इस बार उनको भी दवाई नहीं मिली है.
एंटी लारवा दवाई मंगवाने के लिए विभाग को लिख चुके हैं, लेकिन अभी तक भी दवाई नहीं आई है. इसकी जानकारी सीएमओ को दी जा चुकी है.


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दिल को मजबूत करता है संगीत

WASHINGTON (12 Nov, Agency): अच्छा म्यूजिक न सिर्फ हमारे कानों को ही सुकून देता है बल्कि हमारे दिल को स्ट्रांग बनाता है. अमेरिकी साइंटिस्ट्स का दावा है कि जब कोई व्यक्ति अपनी पसंद का म्यूजिक सुनता है तो उसकी रक्त शिराएं ठीक वैसे ही फैल जाती है जैसा हंसते हुए या ब्लड सरकुलेशन संबंधी किसी मेडिसिन को लेने पर होता है.

रिसर्च टीम के चीफ और यूनिवर्सिटी ऑफ मेरीलैंड मेडिकल सेंटर के प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी के डायरेक्टर डॉ. माइकल मिलर ने बताया कि म्यूजिक का लोगों की हेल्थ पर बहुत अच्छा और पॉजिटिव इफेक्ट पड़ता है. उन्होंने कहा कि म्यूजिक से लोगों की ब्लड वेसल्स में फैलाव होता है. यह वैसा ही होता है जैसे एक्सरसाइज या रेगुलर स्टेटिन दवा लेने पर होता हैं जब रक्त शिराएं अधिक खुली रहती हैं तो ब्लड का सरकुलेशन सुचारु रूप से होता है.

इससे ब्लड के जमने की आशंका कम हो जाती है और इस तरह हार्टअटैक का खतरा काफी कम हो जाता है. मिलर के मुताबिक इसका यह मतलब भी नहीं कि हार्ट पेसेंट्स मेडिसिन और एक्सरसाइज छोड़कर म्यूजिक सुनना शुरू कर दें. हमारी एडवाइज है कि उन्हें अपने रूटीन में दिल को राहत देने वाले फेवरेट म्यूजिक को सुनने की आदत भी डाल लेनी चाहिए.

रिसर्च रिपोर्ट न्यू ऑर्लियांस में आयोजित अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की बैठक में पेश की गई. स्टडी में दस हेल्दी और स्मोकिंग न करने वाले पुरुषों और महिलाओं को अपना फेवरेट म्यूजिक सुनने को कहा गया. इसके बाद उन्हें वह म्यूजिक सुनाया गया जो बेचैन कर देने वाला था. इस दौरान उनकी रक्त शिराओं की अल्ट्रासाउंड जांच की गई. उन्होंने पाया कि जब लोग अपनी पसंद का म्यूजिक सुन रहे थे तो उनकी रक्त शिराओं में 26 परसेंट तक फैलाव हुआ. वहीं बेचैन करने वाला म्यूजिक सुनकर उनकी रक्त शिराएं छह फीसदी तक सिकुड़ गईं.


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ओबामा इन सिटी

आई लव यू 2000 : यह अपनी तरह का पहला वायरस था जिसमें नेट यूजर्स को फाइल खोलने के लिए ट्रिक के जरिए प्रेरित किया गया. निमडा 2001 : कोड रेड अटैक सिस्टम पर बने इस वायरस ने 22 मिनट के भीतर लाखों कंप्यूटर्स को तहस-नहस कर दिया था. टोटल एस्टीमेटेड लॉस 635 मिलियन डालर रहा. स्लैमर 2003 : इस वायरस ने टेन मिनट्स के भीतर 75000 लोगों और 22000 कंप्यूटर्स को अपना शिकार बनाया. साउथ कोरिया में इंटरनेट सर्विसेज कई घंटे तक इफेक्टेड रहीं. माई डूम 2004 : इसे अब तक सबसे तेजी से फैलने वाले वायरस की संज्ञा दी जाती है. स्टॉर्म 2007 : बैकडोर ट्रोजन हार्स स्टार्म ने कई हजार कंप्यूटरों को एफेक्ट किया. ई-मेल की सब्जेक्ट लाइन में होने वाले वेदर डिजास्टर का जिक्र था. नेटीजन्स परेशान अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति बराक हुसैन ओबामा की आहट पर ओसामा की क्या प्रतिक्रिया है यह तो पता नहीं लेकिन नेटीजन्स तो ओबामा की आहट से खासे दहशत में हैं. दरअसल ओबामा के राष्ट्रपति बनने के बाद से ही ओबामा वायरस ने लोगों के पर्सनल कम्प्यूटर पर धावा बोल दिया है. मेरठ के नेटीजन्स भी पिछले दो दिन से ओबामा इफेक्ट से परेशान है. मेरठ डाट काम के डायरेक्टर विशाल जैन ने बताया कि ओबामा वायरस ईमेल के जरिए दस्तक दे रहा है. इसमें ओबामा फैमली की तस्वीर है, इसे खोलते ही कम्प्यूटर की हार्ड डिस्क खराब हो जा रही है. यही हाल सीसीएस यूनिवर्सिटी से एमफिल कर रहे विवेक का है. विवेक को भी ओबामा के नाम से एक मेल आई, जिज्ञासा वश इसे क्लिक किया तो विवेक का कम्प्यूटर हमेशा के लिए रूठ गया. नेटयूजर्स : करीब 40 हजार पर्सनल कम्प्यूटर: डेढ़ लाख साइबर कैफे : तकरीबन 150 प्रभावित कम्प्यूटर : दो प्रतिशत ज्यादातर वायरस रूस से आते हैं, लेकिन ओबामा वायरस तो ठेठ अमेरिका से ही निकला है, बिल्कुल प्रेसीडेंट ओबामा की तरह. बीते दो दिनों में इस तरह की कई शिकायतें सामने आई हैं.


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Wednesday, November 5, 2008

vastu


जब शुरुआत हो सही किसी काम की अच्छी शुरुआत, अच्छे परिणाम की गारंटी होती है. अपने घर का सपना हर दिल में रहता है. जब यह सपना पूरा करने का वक्त हो तो जरूरत पड़ती है सही वास्तु गाइड की. ताकि आपके सपनों का घर शुभ घड़ियां लेकर आए. çàæÜæ‹Øæâ घर बनाते समय पहला स्टेप है शिलान्यास. नींव का पहला पत्थर ईशान कोण या प्लॉट की पूर्वोत्तर दिशा में रखा जाना चाहिए. जो व्यक्ति पत्थर रखे, उसका मुंह पूर्व की ओर होना चाहिए. पहली ईट टूटी-फूटी न हो. सबसे साफ-सुथरी और सुघड़ ईट को ही फाउंडेशन स्टोन के रूप में इस्तेमाल किया जाना चाहिए. Ùè´ß ·¤è �æéÎæ§ü नींव की खुदाई की शुरुआत भी पूर्वोत्तर दिशा से होनी चाहिए. वैषाख का शुक्ल पक्ष, श्रावण, मार्गशीर्ष, पौष और फाल्गुन माह नींव की खुदाई के लिए शुभ माने जाते हैं. वास्तु की दृष्टि से बाकी महीनों को अशुभ माना गया है. सूर्य का वृष, सिंह, वृश्चिक और कुंभ राशि में होना शुभ होता है. जबकि मिथुन, कन्या, धनु और मीन राशि में सूर्य होना नींव की खुदाई के लिए अशुभ है. çÙ×æü‡æ ·¤æØü किसी भी निर्माण कार्य की शुरुआत वास्तु पूजन, शिलान्यास और गृह शांति के साथ होनी चाहिए. निर्माण कार्य पूर्वोत्तर दिशा से शुरू होना चाहिए. ध्यान रहे कि पूर्वोत्तर कोना दक्षिण पश्चिम कोने से नीचा रखना चाहिए. अलग-अलग महीनों में मकान बनवाने के अलग प्रभाव होते हैं: चैत्र: आर्थिक हानि और भय वैषाख: शुभ फलदायी ज्येष्ठ: मृत्यु का भय सताएगा अषाढ़: पशुधन की हानि होगी श्रावण: परिवार के लिए कल्याणकारी भाद्रपद: परिवार के लिए शुभ फलदायी अश्रि्वन: अकारण विवाद और दुशमनी कार्तिक: संपत्ति दिलाने वाला मार्गशीर्ष: तरह-तरह के भय सताएंगे पौष: आग का भय और दूसरी समस्याएं माघ: पूरे परिवार के लिए शुभ फाल्गुन: धन for healthy Greatdane Presentation: Shilpa, Illustration : Vivek आपका ग्रेट डैन सभी डॉग्स प्रजातियों में सबसे बड़ा होता है. उसे अच्छी ट्रेनिंग के साथ रुटीन साफ-सफाई की जरूरत भी होती है, जिस पर आपको नियमित ध्यान देने की जरूरत है. 4ग्रेट डैन दिन में दो बार तीन से छह कप फूड खाता है. 4अपने डॉग को हाई ग्रेड फूड दें. इसमें मीट, हाई प्रोटीन और फैट युक्त चीजें शामिल की जा सकती हैं. 4बाकी डॉग्स की तुलना में ग्रेट डैन जल्दी चीजों को सीखता है. इसलिए इसे बाकी डॉग की तरह ही घर में शामिल करें. 4जंप करना सीखा रहे हों तो हाथ में कोई चीज लेकर उसे जंप करने को न कहें. इस तरह की कोशिश से आपको चोट लग सकती है. 4दिन में एक बार उसे वॉक के लिए जरूर ले जाएं. उसके दांतों की सफाई का खास ख्याल रखें. 4उसकी हेल्थ प्रॉबलम के बारे में जानकारी रखें. अगर वो खाना न खाए या सुस्त दिखे तो डॉक्टर से कंसल्ट करें. 4मेल ग्रेड डैन की चौड़ाई 30-34 इंच और वजन 120 से 160 एलबीएस और फीमेल की चौड़ाई 28-32 इंच और वजन 100-130 एलबीएस होता है. house आप भी अपने वास्तु संबंधी सवाल हमसे पूछ सकते हैं: sms at 9927992406 or e-mail: feed.back@inext.co.in Pet care Pet care डिनर सिर्फ खाना खाने तक की बात नहीं है. डिनर के साथ कुछ एटिकेट्स भी जुड़े हैं. खाना खाने के दौरान कुछ मैनर्स फौलो करने होते हैं. इसके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि कौन सी बातों का डिनर पार्टी में ख्याल रखना चाहिए. ßQ¤ ·ð¤ ÂæբΠडिनर पार्टी में कभी भी देर से न जाएं. कि सी जरूरी काम की वजह से देर हो भी जाती है तो फोन करके अपने लेट होने की खबर दे दें. ताकि आपके इंतजार में सारी पार्टी का मजा किरकिरा न हो जाए. çÇUÙÚ °çÅUU·ð¤ÅU÷â डाइनिंग टेबल पर बैठने के साथ ही आपको डाइनिंग एटिकेट्स के बारे में ध्यान देना चाहिए. सबसे पहले नैपकिन को खोल कर अपने पैरों पर बिछाएं. उसके बाद डिनर लें. न ज्यादा तेज-तेज खाना खाएं और न बहुत धीरे. टेबल पार्टनर की स्पीड के हिसाब से ही खाना खाएं. खाना खत्म करने के बाद उठने से पहले नैपकिन को फोल्ड करें और अपनी प्लेट के पास रख दें. ज्यादा स्पून्स का यूज न करें जितनी जरूरत हो उतनी ही लें. खाना खत्म करने के बाद चम्मच उल्टा करके प्लेट में रख दें. टेबल पर बैठे हर मेम्बर को जब तक खाना सर्व न हो जाए, तब तक खाना न शुरू करें. बहुत ज्यादा बातें न करें, हल्के-फुल्के कमेंट जरूर पास कर सकते हैं. बहस वाले टॉपिक बिल्कुल न छेडे़ं. ·é¤ÀU Ìé× �æè ·¤Úæð अपनी होस्टेस के लिए फूलों का तोहफा जरूर ले जाएं. फूल उनको अट्रैक्ट भी करेंगे और वो उन्हें खुशी से एक्सेप्ट भी कर लेंगी. पार्टी में किसी गुमसुम बैठे इंसान के साथ बातें करना आपकी बेहतर छवि बना सकता है. çÇUÙÚ ·ð¤ ÕæÎ डिनर के बाद होस्टेस टी या कॉफी के लिए आपको दूसरे रूम में इन्वाइट करे तो उसे फौलो करें. डिनर के बाद अगर कुछ गेम रखे गए हों तो उसमें पार्टिसिपेट करें. विदाई के वक्त जब होस्टेस आपको दरवाजे तक कंपनी देने आए तो लंबी बातें न करें. क्योंकि उसे सभी गेस्ट्स को अटेन्ड करना है. जाने से पहले होस्टेस को थैंक्स और लवली शाम की मुबारकबाद जरूर दें. i next Meerut, 31 October, 2008


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Jewelery care

ज्वैलरी का शौक तो हर किसी को होता है. लेकिन उसे साफ रखना भी आपकी जिम्मेदारी है. कभी-कभी यह काफी पेचीदा साबित होता है. इसके लिए कुछ आसान टिप्स हैं जो आपकी गोल्ड और जैमस्टोन ज्वैलरी को साफ करने में सहायक होंगी. 4गोल्ड ज्वैलरी को पहले सादे पानी से धो लें. ज्वैलरी पर सीधे साबुन लगाने से उसकी शाइनिंग डल हो जाती है. 4ज्वैलरी चमकाने के लिए कई तरह के सोप बाजार में मौजूद हैं. इनको इस्तेमाल करना ठीक है. 4ज्वैलरी साफ करने के लिए पानी को गर्म करें और उसमें लिक्विड सोप डालकर ज्वैलरी भिगो दें. थोड़ी देर बाद टूथब्रश से उसे साफ कर दें. ज्यादा देर तक ज्वैलरी को पानी में न रखें. 4पानी और लिक्विड सोप के साथ दो बूंद अमोनिया डालकर किसी मुलायम ब्रश से भी ज्वैलरी साफ हो जाती है. 4गोल्ड ज्वैलरी को एल्कोहल की मदद से भी साफ किया जा सकता है. ज्वैलरी को दस मिनट के लिए गुनगुने पानी में डाल दें. इसके बाद किसी बाउल में एल्कोहल लें और ब्रश से ज्वैलरी पर लगाकर हल्के हाथ से ब्रश घुमाएं. एक मिनट बाद साफ पानी से धो दें.


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CAPE CANAVERAL:

नासा ने हब्बल स्पेस टेलीस्कोप की मरम्मत का काम स्थगित कर दिया है. इसके साथ ही नासा ने कहा कि इंटरनेशनल स्पेस सेंटर (आईएसएस) के लिए एंडेवर यान 14 नवंबर को उड़ान भरेगा. नासा ने पहले हब्बल की मरम्मत का काम एक महीने के भीतर करने की योजना बनाई थी लेकिन, इस टेलीस्कोप में तकनीकी समस्या के चलते अब इसे अगले साल तक के लिए स्थगित कर दिया गया है. टेलीस्कोप हालांकि फिर से तस्वीरें भेजने लगी है.

NEW YORK:


खगोलशास्त्रीयों ने सौर मंडल में ग्रहों के निर्माण से संबंधित नए सुराग खोजने का दावा किया है. साइंटिस्ट्स ने इसके लिए कई प्राचीन उल्कापिंडों पर स्टडी की है. खगोलशास्त्रीयों के अनुसार प्राचीन उल्कापिंडों में ग्रहों के बिल्कुल शुरुआती इतिहास के बारे में चुंबकीय रिकार्ड है. इससे ग्रहों के निर्माण संबंधी रहस्य सुलझने और कुछ स्वीकृत विचार पलटने की उम्मीद है. साइंटिस्ट्स की यह स्टडी एंग्राइट्स नाम के तीन उल्कापिंडों के विश्लेषण पर आधारित है. इन्हें सर्वाधिक प्राचीन चट्टानों में से माना जाता है. विश्लेषण से यह चौंकाने वाली बात सामने आई कि सौर मंडल के निर्माण के समय सूर्य के इर्द गिर्द एक डिस्क में जब धूल और मलबे के बीच आपस में टक्कर हुई तो उनसे बड़ी बड़ी चट्टानें बनीं और आखिरकार ग्रहों का निर्माण हुआ. साइंस डेली ने स्टडी करने वाली एमआईटी टीम के मुखिया बेंजामिन पी वीस के हवाले से कहा कि उल्कापिंडों में चुंबकत्व के बारे में लंबे समय से रहस्य बना हुआ है और यह जानकारी रहस्य को सुलझाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. अंटार्कटिका भी हो रहा है गर्म.

PARIS:

अब तक ग्लोबल वार्मिग के असर से अछूता माना जाने वाला अंटार्कटिका भी गर्म हो रहा है. नेचर जीओसाइंस नाम की मैग्जीन में पब्लिश एक नई स्टडी में इस बात के भी ठोस सबूत उपलब्ध कराता है कि दोनों ध्रुवों पर क्लाइमेट चेंज प्राकृतिक उतार चढ़ाव का नतीजा नहीं है. यूनिवर्सिटी ऑफ एंग्लिया के प्रोफेसर एलेक्सी कार्पेच्को ने कहा कि हमारे परिणाम यह दर्शाते हैं कि मानवीय गतिविधियां पहले ही धु्रवीय क्षेत्रों को गर्म करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुकी हैं. पाक में फिदाइन हमला, सात की मौत
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TORONTO:
कनाडा सरकार ने वीजा पाने के इच्छुक भारतीयों के लिए एक नई प्रश्नावली तैयार की है. आवेदक को दो पेजों वाली एक ह्यप्रश्नावली भरनी होगी. इसमें उन्हें बताना होगा कि उनका क्या ऐसे किसी राजनीतिक, धार्मिक, सामाजिक या प्रतिबंधित संगठन या समूह से संबंध है जो देश के बाहर या अंदर सक्रिय हो. रिपोर्ट के मुताबिक वीजा आदेवक या उसके परिवार का यदि कोई सदस्य किसी प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े हैं तो इसका खुलासा करना होगा.

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मां द्वारा बेटी घर में कैद

TOKYO (31 Oct, Agency): जापान में एक मां द्वारा अपनी बेटी को आठ साल तक घर में कैद रखने का मामला सामने आया है. दो साल पहले खुले इस मामले को लोकल अफसरों ने अब तक दबाए रखा था. नॉर्थ सपोरो सिटी के अफसरों के मुताबिक 21 वर्षीय इस युवती को उसकी मां ने 1998 में घर में कैद कर दिया था. तब उसकी एज महज 11 वर्ष थी. 2006 में एक पड़ोसी की शिकायत के बाद उसे मां की कैद से मुक्त कराया गया.
सपोरो के मेयर के स्पोक्समैन हिसाशी ओकादा ने गुरुवार को यहां बताया कि इस मामले को पहले गुप्त रखने की योजना बनाई गई थी ताकि युवती की पहचान न हो सके लेकिन, लोकल मीडिया द्वारा मामला उजागर होने के बाद सरकार ने बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस कर इस घटना की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि युवती अपनी याददाश्त खो चुकी है. सरकार उसके पुनर्वास के प्रयास कर रही है. उत्पीड़न के लक्षण उसमें साफ तौर पर देखे जा सकते हैं. युवती की सोचने-समझने की क्षमता किसी छह साल के बच्चे जितनी है. जब वह तीसरी क्लास में थी तभी उसकी मां ने उसे पढ़ाई के लिए भेजना कर कर दिया. अफसरों ने यह स्पष्ट नहीं किया कि मां ने लड़की को घर में कैद क्यों कर रखा.

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नासा ने फिर साधा फीनिक्स से संपर्क

LOS ANGELES (31 Oct, Agency): एक दिन से अधिक समय तक अचानक संपर्क टूटने के बाद नासा ने मंगल यान फीनिक्स से दोबारा संपर्क साध लिया है. हालांकि, साइंटिस्ट्स ने इस बात की भी आशंका जताई है कि लाल ग्रह पर जीवन संबंधी साक्ष्य जुटा रहा फीनिक्स अब चंद दिनों का मेहमान है.
मंगल पर खराब मौसम की वजह फीनिक्स अचानक खामोश हो गया था. धरती पर मौजूद साइंटिस्ट्स से उसका संपर्क एक दिन से अधिक समय तक टूटा रहा. इस मिशन से जुड़े साइंटिस्ट्स ने बुधवार देर शाम और गुरुवार सुबह इसे कई संकेत भेजे लेकिन, फीनिक्स ने किसी का जवाब नहीं दिया.
साइंटिस्ट्स के मुताबिक मंगल के उस क्षेत्र में फीनिक्स काम कर रहा है वहां का मौसम बेहद खराब हो गया है. गुरुवार की रात उस क्षेत्र का तापमान शून्य से 141 डिग्री और दिन का टेम्परेचर शून्य से 50 डिग्री नीचे था. मिशन के दौरान यह अब तक का मिनिमम टेम्परेचर है. मंगल के नॉर्थ पोल पर मौजूद फीनिक्स को इससे पहले बर्फीले तूफान का भी सामना करना पड़ा, जिससे उसकी ऊर्जा क्षीण हो गई. इस वजह से यान खामोशी का लबादा ओढ़कर सेफ मोड में चला गया यानी सो गया था.
गुरुवार देर रात फीनिक्स ने उस समय एक जवाबी संकेत भेजा जब मंगल की कक्षा में भ्रमण कर रहा ओडिसी यान इसके ऊपर से गुजरा लेकिन, इस संकेत के बाद यह अपनी बैटरी को रीचार्ज करने के मकसद से 19 घंटे के लिए फिर सेफ मोड में चला गया.

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To Fix A Broken Heart

लव रिलेशन में प्यार और तकरार का सिलसिला तो हमेशा चलता रहता है. कभी गर्ल का पलड़ा भारी, तो कभी ब्वॉय का. कुछ बातें ऐसी हैं जिनपर ब्वॉयज का मानना है कि ग‌र्ल्स उन पर एक तरीके से रिएक्ट करती हैं. 4ग‌र्ल्स किसी न किसी बात के कमिटमेंट के लिए ब्वॉयज को मजबूर करती हैं. 4रिश्ते के शुरुआती दौर में अगर आप उनके साथ डेटिंग पर हैं, तो यह समझने की भूल न करें कि उन्हें आपसे प्यार है. 4ग‌र्ल्स कभी खुद कुछ नहीं कहतीं, हमेशा आपके कहने का इंतजार करती हैं. 4ग‌र्ल्स हर बात को सीरियसली लेती हैं, इसलिए ब्वॉयज को सोच-संभलकर बोलना पड़ता है. 4ग‌र्ल्स बहुत जल्दी सॉरी फील करती हैं, जबकि ब्वॉयज को इसमें थोड़ा समय लगता है. To Fix A Broken Heartदिल टूटना काफी लंबे समय तक जिंदगी पर असर डालता है. किसी के टूटे दिल को जोड़ना भी बेहद मुश्किल काम होता है. अगर आप ऐसे किसी व्यक्ति की जिंदगी से जुड़ना चाहते हैं जो रिश्तों में ठेस खाए बैठा है, तो आपको बेहद सावधानी बरतने की आवश्यकता है.

दिल का टूटना उतना ही कॉमन है जितना किसी से प्यार करना. मगर दिल पर चोट खाने के बाद इंसान की जिंदगी में कई तरह के बदलाव आते हैं. इसका असर महिलाओं और पुरुष दोनों पर होता है. लेकिन महिलाएं ब्रेकअप को आसानी से एक्सेप्ट कर लेती हैं. जबकि पुरुषों के केस में ऐसा नहीं है. वो इस बात का बदला लेने की कोशिश करते हैं या खुद को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करते हैं.
रिश्ते यूं ही नहीं टूटते. उनके टूटने के पीछे कई कारण होते हैं. सबसे पहले इसका कारण जानने की कोशिश करें. रिश्ता टूटने से आहत व्यक्ति के सामने इन बातों को दोहराने की कोशिश न करें. वह बातें दोहराने से आप उनकी तकलीफ कम करने के बजाय और बढ़ा देंगे.
हो सकता है कि सामने वाले को सच्चाई स्वीकारने में प्रॉबलम हो. लेकिन उसे समझाऐं कि पहला रिश्ता खत्म हो चुका है और उसे भूल जाना ही बेहतर है. दो रिश्ते एक साथ नहीं चला करते, एक के खत्म होने पर ही दूसरे की नींव पड़ती है. प्यार का रिश्ता पांच दौर से गुजरता है- डिनाई, एंगर, बार्गेनिंग, डिप्रेशन और एक्सेप्टेंस.

इस तरह के रिश्ते ज्यादा केयर मांगते हैं. जब आप उनका ख्याल करने लगते हैं, तो वो आप में ही प्यार तलाशना शुरू कर देते हैं. आपका उनके प्रति जितना पॉजिटिव रवैया होगा वो उतना जल्दी आपके साथ सहज होंगे.
प्यार और नाराजगी हर रिश्ते में होती है. यही दोनों चीजें रिश्ते को मजबूती और नयापन देती हैं. मगर आपसे किसी की उम्मीदें बढ़ जाने का मतलब है कि नाराजगी के चांस भी उतने ही बढ़ गए हैं. लेकिन एक बार विश्वास गहरा हो जाने के बाद रिश्ता नॉर्मल होता है .


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Always be my buddy relationship

As we grew up, my brothers acted like they didnt care, but I always knew they looked out for me and were there! *

i next reporter मल्टीनेशनल कम्पनी में काम करने वाले आकाश की अभी दो वीक पहले ही इंगेजमेंट हुई है. इस बात से पूरी फैमिली खुश है, लेकिन आकाश के छोटे भाई अमित की खुशी का तो ठिकाना ही नहीं. आखिर ऐसा हो भी क्यों न. घर में उसकी पसंद की हुई भाभी जो आने वाली हैं. आकाश और अमित में बचपन से ही बहुत पटती है. दोनों को एक-दूसरे की पसंद-नापसंद का इतना ख्याल है कि दोनों ही एक-दूसरे पर ब्लाइंड फेथ करते हैं. तभी तो अपनी मैरिज के लिए लड़की पसंद करने वाला इंपॉर्टेट डिसीजन भी आकाश ने अमित पर छोड़ दिया. आकाश-अमित के पैरेंट्स कहते हैं कि आज यह दोनों मैच्योर जरूर हो गए हैं और जॉब वाइस भी वेलसेटल्ड हैं, लेकिन आज भी ये दोनों जब घर पर एक साथ होते हैं तो बच्चों की तरह एक-दूसरे के साथ रिएक्ट करते हैं. एक-दूसरे की नयी शर्ट और जीन्स एक्सचेंज करने में इनका बचपना तो देखने वाला होता है, लेकिन जब बात केयर और कन्सर्न की आती है तो दोनों की समझदारी और मैच्योरिटी का कोई सानी नहीं. सच कहें तो इन दोनों की प्यार भरी यह नोंकझोंक ही इस ईट के मकान को घर बनाती है. वरना इन दोनों के ऑफिस चले जाने के बाद तो घर सिर्फ चारदीवारी लगता है. जिस दिन से आकाश की इंगेजमेंट हुई है, उस दिन से तो घर में और भी रौनक रहती है. अमित तो अपने छोटे होने का पूरा फायदा उठाता है.

आकाश को तो अपनी वुड बी शिखा से बात करने का ही मौका ही नहीं मिलता. अमित ही अपनी भाभी से गप-शप करता रहता है और आकाश की सारी कमियां लीक आउट करता है. आकाश भी उससे नाराज होने के बजाए आजकल उसपर और प्यार दिखाने लगा है. अमित के पैरेंट्स कहते हैं इस एज में भी इन दोनों में ऐसा प्यार है यह देखकर हमें बहुत खुशी मिलती है. वरना आजकल प्यार कम और दूसरी चीजें ज्यादा देखने को मिलती हैं. अमित और आकाश के प्यारे रिलेशन को देखकर तो बस एक ही बात ध्यान आती है- इस रिश्ते को किसी की नजर न लगे. यह सच है कि बढ़ते वक्त और बढ़ती उम्र की रिक्वायर्मेट के साथ-साथ सिबलिंग की एक-दूसरे पर डिपेंडेंसी कम होने लगती है. यंग एज पर पहुंचते-पहुंचते सिबलिंग्स की राहें कब अलग हो जाती हैं, उन्हें ही पता नहीं चलता. माना कि रिक्वायर्मेट ने आप दोनों की राहें अलग कर दी हैं. दोनों भाईयों का अलग करियर और प्रोफेशन है. दोनों की ही अलग एजूकेशनल फील्ड और जॉब फील्ड है. दोनों के ही अलग-अलग फ्रेंड सर्कल हैं, लेकिन यह मत भूलें कि आप दोनों में एक चीज कॉमन है वह है एक-दूसरे के लिए अनकंडीशनल लव और कन्सर्न. इसे शो करने में हेजिटेट मत करिए. माना कि अब आप मैच्योर हो गए हैं, लेकिन छोटी-छोटी खुशी के लिए कभी-कभी इस उम्र में बचपना भी दिखाना पड़ता है. इतने मैच्योर मत हो जाइए कि आपके रिश्ते में कुछ भी नेचुरल न रहे. सो बी नैचुरल विद योर ब्रदर. जितना अधिकार बचपन में उसपर जताते थे वैसा ही अभी भी बरकरार रखिए. डा. उन्नति कुमार कहते हैं कि यंग एजग्रुप की रिक्वायरमेंट काफी अलग होती है. इस एजग्रुप में ही ब्रदर्स अपना-अपना करियर बनाते हैं, नए रिश्तों से जुड़ते हैं. ऐसे में इस एजग्रुप में सिबलिंग्स के आपसी रिश्तों में थोड़ी दूरी आ जाना स्वाभाविक है. पर ध्यान रहे ये दूरियां दिल की नहीं होनी चाहिए.

वक्त के साथ-साथ मैच्योरिटी ठीक है, लेकिन रिश्तों में वैसा ही प्यार बना रहे इसके लिए आपको एक-दूसरे को वक्त देना बहुत जरूरी है. रिश्तों में गर्माहट बनाए रखने के लिए जरूरी है की उनपर अपना अधिकार जताया जाए. बचपन में एक पल भी जिसके बिना आप अकेले नहीं रहे हों, एक कदम भी जिसके बगैर आगे नहीं बढ़े हों उस क्लोज साथी की लाइफ में अगर कोई दूसरा हमसफर आ जाए तो इसका मतलब यह तो नहीं की आपका क्लोज साथी आपसे दूर हो गया है. छोटे होने पर रिश्तों के बीच किसी और के आ जाने से इन्सिक्योरिटी फील होती है. लेकिन अब तो आप बड़े हो चुके हैं और यह समझ सकते हैं की मैरिज या लाइफ पार्टनर की रिक्वायर्मेट कितनी होती है. अगर आपके भाई की लाइफ में कोई आ गया है तो कल आपकी लाइफ में भी कोई आयेगा. इन नए रिश्तों से क्या घबराना. इसलिए लाइफ में आए चेंजेज को हंसकर एक्सेप्ट करिए बल्कि इन नए रिश्तों के साथ ही इंज्वॉय करना सीखिए. एक-दूसरे पर वैसे ही राइट जताइए जैसे आप कल तक जताते थे. नए रिश्तों में भी आप यह अधिकार जताकर एक्स्ट्रा अफेक्शन पा सकते हैं. तो रेडी रहिए नयी-नयी खुशियों को गले लगाने के लिए. आज के समय में ये बातें मायने नहीं रखतीं कि पहले बड़े की ही शादी हो. आज प्रायोरिटीज और हालात पर डिपेंड करता है की किसकी मैरिज पहले हो. सुधाकर राव कहते हैं कि उनके छोटे भाई की पिछले साल ही शादी हुई है. उन्होंने भाई की शादी में खूब डांस किया. इस विंटर्स में उनकी शादी है और शादी की पूरी तैयारी छोटा भाई और उसकी वाइफ कर रहे हैं. आजकल तो यह सिचुएशन्स नॉर्मल हो गयी हैं. कई बार छोटे भाई को पहले लड़की पसंद आ जाती है, बड़े को नहीं. कई बार बड़ा भाई इसलिए पहले शादी करने को मना कर देता है कि वह पहले फाइनेंशियली स्ट्रांग होना चाहता है. वजहें जो भी हों, लेकिन आजकल हर कोई इन सिचुएशन्स को समझता है. इनके साथ ही कॉम्प्रोमाइज करता है और जी भर कर इंज्वॉय करता है. छोटे भाई के लिए बड़ा भाई एक गाइड की तरह होता है, लेकिन जब बड़े भाई की लाइफ में उसकी गर्ल फ्रेंड या फिर फियांसे आ जाती है तो छोटे भाई को इन्सिक्योरिटी फील होने लगती है. यह लाजिमी भी है क्योंकि नए रिश्तों की गर्माहट होती ही कुछ ऐसी है कि इसके आगे हर रिश्ते ठंडे पड़ने लगते हैं. इस बात को न भूलें कि नए रिश्तों में आप तभी इंज्वॉय करेंगे जब पुराने रिश्तों को साथ लेकर चलेंगे. फैमिली को ये नहीं लगे कि एक नए रिश्ते की वजह से आप उन्हें पहले जैसा वक्त नहीं दे पाते.


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