According vastu


जब शुरुआत हो सही किसी काम की अच्छी शुरुआत, अच्छे परिणाम की गारंटी होती है. अपने घर का सपना हर दिल में रहता है. जब यह सपना पूरा करने का वक्त हो तो जरूरत पड़ती है सही वास्तु गाइड की. ताकि आपके सपनों का घर शुभ घड़ियां लेकर आए. घर बनाते समय पहला स्टेप है शिलान्यास. नींव का पहला पत्थर ईशान कोण या प्लॉट की पूर्वोत्तर दिशा में रखा जाना चाहिए. जो व्यक्ति पत्थर रखे, उसका मुंह पूर्व की ओर होना चाहिए. पहली ईट टूटी-फूटी न हो. सबसे साफ-सुथरी और सुघड़ ईट को ही फाउंडेशन स्टोन के रूप में इस्तेमाल किया जाना चाहिए. नींव की खुदाई की शुरुआत भी पूर्वोत्तर दिशा से होनी चाहिए. वैषाख का शुक्ल पक्ष, श्रावण, मार्गशीर्ष, पौष और फाल्गुन माह नींव की खुदाई के लिए शुभ माने जाते हैं. वास्तु की दृष्टि से बाकी महीनों को अशुभ माना गया है. सूर्य का वृष, सिंह, वृश्चिक और कुंभ राशि में होना शुभ होता है. जबकि मिथुन, कन्या, धनु और मीन राशि में सूर्य होना नींव की खुदाई के लिए अशुभ है. किसी भी निर्माण कार्य की शुरुआत वास्तु पूजन, शिलान्यास और गृह शांति के साथ होनी चाहिए. निर्माण कार्य पूर्वोत्तर दिशा से शुरू होना चाहिए. ध्यान रहे कि पूर्वोत्तर कोना दक्षिण पश्चिम कोने से नीचा रखना चाहिए. अलग-अलग महीनों में मकान बनवाने के अलग प्रभाव होते हैं: चैत्र: आर्थिक हानि और भय वैषाख: शुभ फलदायी ज्येष्ठ: मृत्यु का भय सताएगा अषाढ़: पशुधन की हानि होगी श्रावण: परिवार के लिए कल्याणकारी भाद्रपद: परिवार के लिए शुभ फलदायी अश्रि्वन: अकारण विवाद और दुशमनी कार्तिक: संपत्ति दिलाने वाला मार्गशीर्ष: तरह-तरह के भय सताएंगे पौष: आग का भय और दूसरी समस्याएं माघ: पूरे परिवार के लिए शुभ फाल्गुन: धन


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