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Friday, November 14, 2008

ओबामा इन सिटी

आई लव यू 2000 : यह अपनी तरह का पहला वायरस था जिसमें नेट यूजर्स को फाइल खोलने के लिए ट्रिक के जरिए प्रेरित किया गया. निमडा 2001 : कोड रेड अटैक सिस्टम पर बने इस वायरस ने 22 मिनट के भीतर लाखों कंप्यूटर्स को तहस-नहस कर दिया था. टोटल एस्टीमेटेड लॉस 635 मिलियन डालर रहा. स्लैमर 2003 : इस वायरस ने टेन मिनट्स के भीतर 75000 लोगों और 22000 कंप्यूटर्स को अपना शिकार बनाया. साउथ कोरिया में इंटरनेट सर्विसेज कई घंटे तक इफेक्टेड रहीं. माई डूम 2004 : इसे अब तक सबसे तेजी से फैलने वाले वायरस की संज्ञा दी जाती है. स्टॉर्म 2007 : बैकडोर ट्रोजन हार्स स्टार्म ने कई हजार कंप्यूटरों को एफेक्ट किया. ई-मेल की सब्जेक्ट लाइन में होने वाले वेदर डिजास्टर का जिक्र था. नेटीजन्स परेशान अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति बराक हुसैन ओबामा की आहट पर ओसामा की क्या प्रतिक्रिया है यह तो पता नहीं लेकिन नेटीजन्स तो ओबामा की आहट से खासे दहशत में हैं. दरअसल ओबामा के राष्ट्रपति बनने के बाद से ही ओबामा वायरस ने लोगों के पर्सनल कम्प्यूटर पर धावा बोल दिया है. मेरठ के नेटीजन्स भी पिछले दो दिन से ओबामा इफेक्ट से परेशान है. मेरठ डाट काम के डायरेक्टर विशाल जैन ने बताया कि ओबामा वायरस ईमेल के जरिए दस्तक दे रहा है. इसमें ओबामा फैमली की तस्वीर है, इसे खोलते ही कम्प्यूटर की हार्ड डिस्क खराब हो जा रही है. यही हाल सीसीएस यूनिवर्सिटी से एमफिल कर रहे विवेक का है. विवेक को भी ओबामा के नाम से एक मेल आई, जिज्ञासा वश इसे क्लिक किया तो विवेक का कम्प्यूटर हमेशा के लिए रूठ गया. नेटयूजर्स : करीब 40 हजार पर्सनल कम्प्यूटर: डेढ़ लाख साइबर कैफे : तकरीबन 150 प्रभावित कम्प्यूटर : दो प्रतिशत ज्यादातर वायरस रूस से आते हैं, लेकिन ओबामा वायरस तो ठेठ अमेरिका से ही निकला है, बिल्कुल प्रेसीडेंट ओबामा की तरह. बीते दो दिनों में इस तरह की कई शिकायतें सामने आई हैं.


यह सामग्री http://www.inext.co.in/epaper/default.aspx से ली हैं।

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