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Saturday, April 23, 2011

guinness world records सुधांशु सिंघल

सुधांशु सिंघल  वरुण गोयल का स्वागत किया
सुधांशु की दिनचर्या
MEERUT : सुधांशु अपने तेज दिमाग की कोई खास वजह नहीं मानते हैं. वो भी एक आम आदमी की तरह अपनी रोज की दिनचर्या में जीते हैं. सुधांशु बताते हैं कि संतुलित खाना ही शरीर को तंदरुस्त रखता है. अगर शरीर स्वस्थ है तो दिमाग अपने आप तंदरुस्त हो जाएगा. मैं सुबह उठकर 15 मिनट प्राणायाम और मेडीटेशन करता हूं. इसके बाद नॉर्मली नाश्ता लेकर कॉलेज निकल जाता हूं. शाम को भी हलका खाना खाता हूं. देर रात तक इंटरनेट यूज करने की वजह से दो बजे तक सो पाता हूं. मैं तो कहता हूं हर इंसान को नेट यूज करना चाहिए. नेट ही ऐसा माध्यम है जिससे व्यक्ति हर तरह की जानकारी प्राप्त कर सकता है. नेट के जरिए ही मुझे इस शो में जाने का मौका मिला.
कंप्यूटर से भी तेज सुधांशु

i-next reporter
MEERUT (22 April):
मेरठ के सुधांशु ने इतिहास रच दिया है. सुधांशु ने अपनी अद्भुत मेमोरी (याद्दाश्त) से दुनिया में न सिर्फ मेरठ का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया, बल्कि गिनीज बुक ऑफ व‌र्ल्ड रिकॉर्ड में भी अपना नाम दर्ज करा दिया.
Longest se,1,1uence
कलर्स टीवी पर चल रहे शो में गिनीज बुक ऑफ व‌र्ल्ड रिकॉर्ड अब तोड़ेगा इंडिया में सुधांशु ने लॉन्गेस्ट सिक्वेंस ऑफ मेमोराइज्ड इन वन सेकेंड का रिकार्ड बनाया. जिसमें सुधांशु को बीस जूते-चप्पल एक क्रम में रखकर एक मिनट के लिए दिखाए गए. फिर जूते-चप्पल को आपस में मिलाकर सुधांशु को दे दिया गया. अब सुधांशु को रिकॉर्ड बनाने के लिए 15 मिनट में कम से कम 15 जूते-चप्पलों को ंउसी क्रम में रखना था. सुधांशु ने 17 जूते-चप्पलों को क्रम में लगाकर गिनीज बुक ऑफ व‌र्ल्ड रिकॉर्ड में अपना और देश का नाम दर्ज करा लिया.

Love ka ‘phone’da

i next central desk
  क्या आज की दुनिया में वाकई में प्यार में फिजिकल अपीयरेंस की इंपॉर्टेस इतनी बढ़ गई है कि इसके आगे इमोशंस की कोई वैल्यू नहीं रह गई है, तमिलनाडु के कोयंबटूर में मंगलवार को हुए एक इंसीडेंट से तो यही बात पता लगती है. यहां पर एक यंगस्टर ने सिर्फ इसलिए सुसाइड कमिट कर लिया क्योंकि उसे वो लड़की खूबसूरत नहीं लगी जिससे उसने कभी प्यार किया था. इस केस में सबसे अजीब बात यह कि छह महीने तक लड़की से बात करने के बाद लड़के ने ही तय किया था कि वो उसी लड़की से शादी करेगा. इस हादसे के बाद से लड़के के पैरेंट्स काफी दुखी हैं तो वहीं उसके दोस्तों में काफी गुस्सा है.
  The killer date
  कोयंबटूर का रहने वाला 24 साल का सी नटराजन एक मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव था. करीब छह महीने पहले उसके पास एक रांग कॉल आई जिस पर एक लड़की ने उससे बात की. इसके बाद नटराजन ने खुद उस लड़की से बात करनी शुरू की और धीरे-धीरे वो उससे प्यार करने लगा. दोनों का फोन रोमांस करीब छह महीने तक चला और फिर नटराजन ने तय किया कि अब वो उस लड़की से मिलेगा.
  नटराजन ने यह भी तय कर लिया था कि वो इसी लड़की से शादी करेगा. मंगलवार को जब नटराजन अपनी पहली डेट पर गया तो उसे वो लड़की वैसी नहीं लगी जैसी उसे चाहिए थी. घर आकर नटराजन ने अपनी वो डायरी खोली जिसमें उसने अपने इन छह महीनों का सारा किस्सा बयां किया था. डायरी में नटराजन ने अपने दोस्तों के लिए नोट लिखा कि वो सुसाइड करने जा रहा है और इसके बारे में उस लड़की को बिल्कुल भी न बताया जाए क्योंकि उसकी मौत की वजह वो लड़की ही है. इसके बाद उसने एक ट्रेन के नीचे आकर जान दे दी.
  नहीं हो रहा यकीन
  नटराजन तो चला गया लेकिन अब उसके पैरेंट्स और उसकी बहन उसके जाने से काफी दुखी हैं. उसके पैरेंट्स को यकीन ही नहीं हो रहा है कि उनका बेटा अब उनके बीच नहीं है. नटराजन की डेड बॉडी दो दिनों तक मॉरच्योरी में ही पड़ी रही. दो दिनों से उसके पैरेंट्स को उसका पता ही नहीं चल पा रहा था. थर्सडे को पुलिस ने जब घर पर फोन किया तो उन्हें यह बुरी खबर सुनने को मिली. नटराजन के पिता के मुताबिक एक बार तो उन्हें अपने बेटे की लाश देखकर यकीन ही नहीं हुआ कि यह उनका बेटा है क्योंकि ट्रेन से कटने की वजह से उसकी बॉडी बिगड़ चुकी थी.

Truly spiritual

i next reporter
  KANPUR (22 April):
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जहां लोगों के पास एक-दूसरे तक के लिए वक्त नहीं है. वहीं शहर में एक अपार्टमेंट ऐसा भी है जहां ट्रेडिशनल वैल्यूज और स्प्रिच्युएलिटी से जुड़ी बातें काफी मायने रखती हैं. हम बात कर रहे हैं तिलक नगर के एल्डोराडो अपार्टमेंट की. इस अपार्टमेंट के लोगों ने एक मंदिर समिति बनाई है और 22-28 अप्रैल तक लाजपत भवन में श्रीमद्भगवत कथा का आयोजन किया है.
  गणेश पूजन के बाद शोभायात्रा
  फ्राइडे मॉर्निग सात बजे सबसे पहले अपार्टमेंट में गणेश पूजन हुआ. पूजन के बाद नौ बजे से शोभा यात्रा निकाली गई. मोतीझील से निकाली गई शोभा यात्रा में सभी ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया. महिलाएं जहां सिर पर कलश रखकर आगे-आगे चल रही थीं. पालकी में सवार राधा-कृष्ण की मूर्तियां यात्रा की शोभा थीं. मोतीझील से शुरू यात्रा लाजपत भवन पर जाकर खत्म हुई. वहां शाम को श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया. स्वामी श्री अखंडानंद सरस्वती जी महाराज ने भगवत कथा की महिमा का बखान किया. उन्होंने भागवत महात्मय नारद चरित्र व शुक्रदेव आगमन के बारे में प्रवचन सुनाए. इतना ही नहीं, आजकल के जीवन से जुड़े पहलुओं पर भी बड़े प्रैक्टिकल तरीके से रोशनी डाली. इस अवसर पर सोसाइटी के सेक्रेटरी दिलीप अग्रवाल समेत संजय हिम्मतरामका, किशोर वकील, रवि चौधरी, सोमेन्द्र प्रकाश गुप्ता, हरीश ओमर, नारायण सुल्तानिया आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे.

Security भी हो जाती है confuse

क्या चुराती हैं ladies

lipstick
nailpaints
cream
facewash
shampoos
Lingrie
Spaghetti dress
Hairpins
Bangles
Branded makeup items
Small utensils


क्या चुराते हैं boys

Shoes
Cream
Shampoos
Jeans
Vests
Hair gel

क्या चुराती हैं girls

Cosmetics
Accessories
T-shirts
Branded Lingrie
Wallets
Belts


क्या चुराते हैं kids

Chocolates
Video games CD
Mini toys
Biscuits


कहां छुपाते हैं सामान

Purse
Undergarments
Pockets

Jackets
पता नहीं कहां से.
जब इन चोरों को रंगे हाथों पकड़ लिया जाता है तो यह बचाव के लिए तरह-तरह के बहाने बनाते हैं. कोई कहता है कि यह तो अनजाने में हो गया. कोई कहता है कि पता नहीं उनके बैग में यह आइटम किसने डाल दिया? कुछ महिलाएं तो अपनी गलती तक नहीं मानतीं और कहती हैं कि यह उनके स्टॉफ की ही साजिश है. मॉल मैनेजर्स के मुताबिक कुछ शॉप लिफ्टर्स अपना जुर्म कुबूल कर लेते हैं जबकि कुछ ऐसा नहीं करते. ऐसी सूरत में हमारे पास इन चोरों को पुलिस को सौंपने के अलावा दूसरा ऑप्शन नहीं होता.
कैसे कैसे बहाने
शॉप लिफ्टर्स अपनी चोरी आसानी से नही कबूलते और काफी देर तक कुछ इस तरह के बहाने मारते रहते हैं.
गलती से सामान आ गया होगा
मुझे तो ये लेना ही नहीं था, पता नहीं कैसे आ गया
लगता है कि किसी और ने मेरी ट्रॉली में डाल दिया है.
गलती से आ गया होगा.
mअरे, मैंने सामान नहीं लिया, चेकिंग की क्या जरूरत है, हम पेमेंट कर देते हैं.
mहम तो चेक कर रहे थे कि सामान लेने के बाद किस तरह से सेंसर बजता है.
शॉप लिफ्टिंग करना सबके बस की बात नहीं होती. ऐसा करने वाले क्लेप्टोमेनिया नाम की बीमारी से ग्रसित होते हैं. इनकी बीमारी लाइलाज है. ये भले ही अच्छी फैमिली से बिलांग करने वाले लोग हों लेकिन ये बिना सामान चुराए ज्यादा देर तक रेसिस्ट नहीं कर पाते और मौका देखते ही सामान चुरा लेते हैं.
-डॉ. आलोक बाजपेई
साइकियाट्रिस्ट

यह एक साइकोलॉजिकल बीमारी होती है. जब किसी बच्चे, महिला या पुरूष की डिमांड पूरी नहीं होती. तब वो इस तरह का काम करने लगते हैं. अगर कोई महिला या बच्चे ऐसा कर रहे हैं तो शॉप लिफ्टिंग उनकी आदत बन में शुमार हो जाता है. उनके दिलो-दिमाग में यह बात बैठ जाती है कि इन सब चीजों को बिना पैसा खर्च किए ही अपना बना लिया जाए. अगर वो ऐसा नहीं करते तो उन्हें लगता है कि उनकी शॉपिंग अधूरी होती है.
- मंजू जैन

Kanpur के Kleptomaniacs
city Camera भी fail
सिटी के बड़े-बड़े मॉल्स में शॉप लिफ्टर्स की संख्या बढ़ती ही जा रही है. आलम यह है कि सिक्योरिटी के लिहाज से मॉल्स में हाई सेंसिटिव सीसीटीवी कैमरे भी सफेद हाथी साबित होते हैं. ऐसे में इन पर नजर रख पाना या इनकी मदद से किसी शॉप लिफ्टर को पकड़ पाना भी बहुत मुश्किल हो जाता है. मॉल मैनेजर्स के मुताबिक कभी-कभी एग्जिट गेट पर लगे सेंसर से इन चोरों का बच पाना मुश्किल हो जाता है.
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  KANPUR (22 April): शॉर्ट टाइम में बहुत कुछ पाने की चाहत आज के यूथ को क्राइम की दुनिया की ओर ले जा रही है. वह लक्जरी लाइफ जीने के लिए कुछ भी करने को तैयार हो जाते हैं. यह नहीं सोचते हैं कि क्राइम की दुनिया में जो चला जाता है उसका दुखद अंत होता है. ऐसे ही कुछ स्टूडेंट्स के एक गैंग का खुलासा फ्राइडे को कल्याणपुर पुलिस ने किया. यह गैंग सिटी में घूम-घूमकर लोगों से मोबाइल और वाहन लूटने का काम करता था.
  लिखी report, मिली कामयाबी
  आपको यह तो मालूम ही होगा कि पुलिस मोबाइल लूट लिए जाने या चोरी हो जाने की रिपोर्ट दर्ज नहीं करती है. मगर, फॉर ए चेंज सीओ कल्याणपुर शैलेंद्र लाल के आदेश पर मोबाइल लूट का एक मामला दर्ज किया गया. इस केस की इनवेस्टिगेशन करते हुए पुलिस टीम स्टूडेंट्स के एक गैंग तक पहुंची, जो कि मोबाइल लूट कर बेचते थे. पुलिस ने इनके पास से दो दर्जन से ज्यादा मोबाइल और तीन बाइक बरामद की हैं.
  Students करते थे operate
  सीओ कल्याणपुर के मुताबिक इस गैंग को स्टूडेंट्स ऑपरेट कर रहे थे. इसमें एक के पिता बिल्हौर में लेखपाल हैं और दूसरे के इटावा में हेड कांस्टेबल की पोस्ट पर तैनात हैं. इस गैंग के मास्टरमाइंड गोलू और रंजीत हैं.
  ये करते थे वारदात
  गोलू पुत्र राजू सिंह जीपी मेमोरियल में क्लास 12 का स्टूडेंट है. वह शिवली रोड कल्याणपुर का निवासी है. राजू का भाई मनीष सिंह भी उसका साथ देता था. श्याम पुत्र कमलेश अवस्थी जीबी मेमोरियल स्कूल में क्लास 11 का स्टूडेंट है. वहीं सुरेंद्र कुमार बीएससी फ‌र्स्ट इयर का स्टूडेंट है. सुरेंद्र के पिता गया प्रसाद इटावा में हेड कांस्टेबल हैं. गैंग का सदस्य प्रशांत उर्फ गोल्डी 11वीं पास आउट है. वहीं मोनू उर्फ आकाश बीकाम फ‌र्स्ट इयर का स्टूडेंट है. रंजीत शर्मा स्टूडेंट 11वीं क्लास का स्टूडेंट है. हिमालय उर्फ विक्रांत गुप्ता पुत्र राकेश गुप्ता निवासी कल्याणपुर रेलवे स्टेशन के पीछे रहता है. आशू उर्फ आशुतोष बीकाम का स्टूडेंट है और कल्याणपुर में रहता था. अजय गुप्ता पुत्र राम सेवक निवासी पुराना शिवली रोड अशोक नगर खलवा का रहने वाला है. यह लूट का माल खरीदकर बेचता था.
  कैसे आए गिरफ्त में
  हुआ यूं कि 8 अप्रैल को डॉ. अंबेडकर इंस्टीट्यूट के बी.टेक स्टूडेंट सौरभ गुप्ता अपने सीनियर के यहां स्टडी के लिए जा रहा था. रामा डेंटल हॉस्पिटल के पास तीन बाइकों पर सवार लड़के आए और उसके हाथ से मोबाइल छीन ले गए. उसने सीओ की हेल्प से एफआईआर दर्ज करा दी. सौरभ के मुताबिक उसके मोबाइल पर ट्रैकर इंस्टॉल था, इस वजह से जैसे ही मोबाइल का सिम बदला गया, उसके पास एक नंबर आ गया जो उसने पुलिस को दे दिया. पुलिस ने उस नंबर की हेल्प से सबकुछ पता कर लिया.
  कई जुर्म कबूले
  सीओ के मुताबिक यह सभी स्टूडेंट्स लक्जरी लाइफ के शौकीन हैं और कम टाइम में अधिक पैसा कमाना चाहते हैं. इन स्टूडेंट्स ने पुलिस को बताया कि वह लोग पिछले एक साल से सिटी में वारदातों को अंजाम दे रहे हैं. इन लोगों ने लगभग 60 से 70 वारदातों को कबूल किया है.
  गोल चौराहा main point
  गैंग में शामिल सभी स्टूडेंट्स लक्जरी लाइफ के आदि हैं. ये सभी बाइक पर चलते थे. सभी अपनी गर्लफ्रेंड के साथ घूमते थे और खूब खर्च करते थे. इसलिए इनको काफी पैसों की जरूरत पड़ती थी. जब घर वाले उनको इतने पैसे नहीं दे पाए तो उन्होंने क्राइम के दलदल में उतरकर पैसा कमाना शुरू कर दिया. इनका मेन ऑपरेशनल एरिया गोल चौराहे से पनकी की तरफ जाने वाली रोड है. पुलिस ने सिटी के थानों को इनसे पूछताछ करने की इंफॉर्मेशन दे दी है.
  4 bikes बरामद
  गैंग के सदस्य गोलू के पास से एक बाइक जिसका नंबर यूपी 78 बीके 4480, सुरेन्द्र के पास से बाइक जिसका नंबर यूपी 78 बीवी 3719, मनीष के पास से बाइक नंबर यूपी 78 बीडब्लू 8371 और आशू के पास से बाइक नंबर यूपी 78 बीक्यू 9518 बरामद हुई है.

Your Life in Your Hand So Save it Yourself

 अपनी धरती को हम मां कहते हैं. चारों ओर लहलहाती हरियाली, आकाश को छूती पर्वत श्रंखलाएं, तरह-तरह के पशु-पक्षी इस धरती को खूबसूरत बनाते हैं. पर अब इसकी सूरत बदलने लगी है. कहीं टेम्प्रेचर का माइनस 50 डिग्री तक चला जाना तो कहीं बिन मौसम बरसात हो जाना इस बात का संकेत हैं कि हम अपनी धरती के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. हकीकत तो यह है कि हम धरती के साथ ही साथ अपनी लाइफ के साथ भी खिलवाड़ कर रहे हैं, क्योंकि इस अर्थ को होने वाले नुकसान सीधे हमारी लाइफ पर इफेक्ट कर रहे हैं. हमारे सामने बहुत से चैलेंज है, बस समय आ गया है अपनी लाइफ और अर्थ को बचाने का.

अगर धरती की तपन को कम नहीं किया गया तो हम भी खाक हो जाएंगे. डेटा पर नजर डालें तो ग्लोबल वार्मिग के कारण अर्थ के टेम्प्रेचर में 1880 के बाद करीब एक डिग्री बढ़ोतरी हो चुकी है. एटमॉस्फियर में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा नवबंर 1958 में 313.34 पा‌र्ट्स/मिलियन थी. यह 2009 में करीब 387.41 पा‌र्ट्स/मिलियन हो गई.

इस धरती की तबाही का एक बड़ा कारण ग्लेशियरों की मेल्टिंग भी है. ये ग्लेशियर कितनी तेजी से खत्म हो रहे हैं इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि आर्कटिक ध्रुव पर सिर्फ 27 ग्लेशियर ही बचे हैं, जबकि 1990 में 150 थे. ग्लेशियर मेल्टिंग के कारण समुद्र का जलस्तर बढ़ता जा रहा है. सदी के अंत तक समुद्र के पानी का स्तर 7 से 23 इंच बढ़ जाएगा. कई रिपो‌र्ट्स में दावा किया गया है कि आने वाले कुछ दशकों में समुद्र के किनारे बसे कई शहर डूब जाएंगे.


कभी आशियाने के नाम पर तो कभी जरूरतों के नाम पर हम जंगलों को काटते जा रहे हैं. अर्थ ऑब्जरवेटरी नासा के मुताबिक वर्तमान में हर साल करीब 3.5 करोड़ एकड़ जंगलों की कटाई होती है. जंगल कटने से फल, फाइबर, कागज, तेल, मोम, कलर, मेडिसिन की कीमतें बढ़ रही हैं. इससे भारत को हर साल करीब 4 लाख करोड़ का नुकसान होता है.

जमीन की असली ताकत उसकी फर्टिलिटी मानी जाती है. लेकिन इस समय मिट्टी की ऊपरी परत हर साल 25 अरब टन कम हो रही है. यही जमीन को उपजाऊ बनाती है. इसमें 13 महत्वपूर्ण पोषक तत्व होते हैं, जो पानी में मिलने के बाद पेड़-पौधों और फसल विकसित करते हैं. इन तत्वों के नष्ट होने से जमीन की फर्टिलिटी खत्म होती जा रही है.

इस धरती पर किसी न्यूक्लियर बम की तरह ही एक खतरनाक बम फटने की ओर बढ़ रहा है. दिन पर दिन घातक होता यह बम कुछ और नहीं बल्कि हमारी पॉपुलेशन है. इस साल हुई जनगणना के अनुसार जहां इंडिया की पॉपुलेशन सवा करोड़ से ऊपर पहुंच गई है, वहीं दुनिया में 6.91 अरब का आंकड़ा पार कर चुकी है. इस बात की भी उम्मीद है कि 2050 तक यह 9.15 अरब हो जाएगी. अगर पॉपुलेशन इसकी स्पीड में बढ़ती रही तो अगले 40 साल में 10 में से सिर्फ एक को ही भरपेट भोजन मिल पाएगा.

Now : 8.1 Crore barrel
2030: 3.9 Crore barrel
धरती को नेचुरल रिसोर्स की जननी कहा जाता है. अगर बात सिर्फ ऑयल की करें तो दुनिया में हर साल करीब 8.1 करोड़ बैरल तेल का उत्पादन होता है. 2030 तक इसके घटकर करीब 3.9 करोड़ बैरल सालाना रह जाने की आशंका है.


जल ही जीवन है, लेकिन अब यह जीवन संकट में आ गया है. दुनिया में आज करीब एक अरब लोगों को पीने लायक पानी नहीं मिलता. 2050 तक करीब तीन अरब लोग बिन पानी या कम पानी में गुजारा कर रहे होंगे. 2025 तक भारत के करीब 60 परसेंट भूजल स्त्रोत पूरी तरह सूख चुके हैं.


Do you know?
दुनियाभर में धरती को बचाने की कोशिशें हो रही हैं. लोगों को जागरुक किया जा रहा है. 1970 में छोटे से समूह अर्थ डे नेटवर्क ने अमेरिका में 22 अप्रैल को अर्थ डे घोषित किया. यूनाइटेड नेशंस ने 2009 में 22 अप्रैल को इंटरनेशनल अर्थ डे के रूप में मान्यता दी.

तो Bollywood का band बज जाएगा

 I Next Report :
NEW DELHI (22 April, Agency):
पूरे व‌र्ल्ड में भूकंप लाने वाली स्वीडिश वेबसाइट ने बॉलीवुड को हिला दिया है. अमेरिकी केबलों पर बेस्ड फैक्ट्स को दुनिया के सामने लाने वाले विकीलीक्स ने कहा है कि जिस अंदाज में मुंबई स्थित बॉलीवुड में काम हो रहा है, वह जारी रहा तो उसका बैंड बज जाएगा.
  क्या हैं कारण?
  विकीलीक्स के अनुसार, बॉलीवुड फिल्मों की मोटी लागत, स्टार्स की भारी भरकम फीस, फिल्मों का लगातार पिटना और बॉलीवुड के अंडरव‌र्ल्ड से संबंध ऐसे कारण हैं, जो एक दिन इसकी बर्बादी का कारण बनेंगे. मुंबई स्थिति अमेरिकी दूतावास द्वारा अपने देश भेजे गए केबलों में बॉलीवुड की फिल्म निर्माता कंपनियों के उच्चाधिकारियों के हवाले से यह बातें कही गई हैं. इनमें से एक केबल फरवरी 2010 में भेजा गया था. इन केबलों में बॉलीवुड कंपनियों के हॉलीवुड के साथ काम करने की संभावनाओं और अब तक हॉलीवुड द्वारा यहां किए गए गठजोड़ में मिली विफलताओं का भी जिक्र है.
  Hollywood से relations
  विकीलीक्स के अनुसार बॉलीवुड निर्माता हॉलीवुड कंपनियों से ज्यादा संबंध नहीं रखना चाहते. उनका अब तक साथ काम करने का अनुभव भी अच्छा नहीं रहा. मिल कर बनाई अधिकांश फिल्में फ्लॉप रहीं. अमेरिकी अधिकारी ने अपने केबल में माना है कि अब हॉलीवुड को भी लगता है कि बॉलीवुड में पैर जमाना आसान नहीं है.

Friday, April 22, 2011

इंतजार का इतिहास

टूट गए सब रिकार्ड

 कुछ लोग चाहते हैं कि प्रिंस चा‌र्ल्स की जगह गद्दी उनके बेटे विलियम को सौंपी जाए. बासठ साल के प्रिंस चा‌र्ल्स के इस लंबे इंतजार ने उनके परदादा एडवर्ड सातवें का रिकॉर्ड तोड़ दिया है जिन्होंने रानी विक्टोरिया के बाद 1901 में ब्रिटेन की गद्दी संभाली थी. हालांकि उत्तराधिकार हासिल करने के लिए सबसे लंबे समय तक इंतजार करने वाले ब्रिटेन के राजकुमार की ये कोई ऐसी उपलब्धि नहीं है जिसे वेल्स के युवराज वाकई हासिल करना चाहते थे. वो तीन साल की उम्र से ब्रिटेन की राजगद्दी पर बैठने की इच्छा पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं. हालांकि उत्तराधिकारी के रूप में उन्होंने हाथ पर हाथ धरे केवल राजा बनने का इंतजार ही नहीं किया है.
  अलग करने की चाहत
  ब्रिटेन के राजकुमार की कोई खास भूमिका तय नहीं होने के बावजूद प्रिंस चा‌र्ल्स ने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां अपने हाथों में ले रखी हैं जिनमें युवा बेरोजगारी, स्थापत्य, पर्यावरण और ब्रिटेन की मूल वासी लाल गिलहरियों का संरक्षण शामिल है. उनके अधिकारियों का कहना है कि प्रिंस कुछ अलग कर गुजरना चाहते हैं क्योंकि वो जानते हैं कि राजगद्दी पर उनकी दावेदारी शायद ज्यादा समय की नहीं होगी. महारानी का शासनकाल ज्यादा लंबा होने पर कुछ लोग चाहेंगे कि प्रिंस चा‌र्ल्स की जगह प्रिंस विलियम को ही ब्रिटेन की राजगद्दी सौंपी जाए. इसकी संभावना कम ही है. ब्रिटिश साम्राज्य में 1936 के संवैधानिक संकट के बाद ऐसा कोई मौका नहीं आया जब ब्रिटेन के राजा ने पद त्याग किया हो. तब दो बार तलाकशुदा एक अमेरिकी महिला से विवाह के इच्छुक राजा एडवर्ड आठवें ने सत्ता त्याग दी थी. लेकिन प्रिंस चा‌र्ल्स के सामने ऐसी कोई परिस्थिति नहीं है और न ही उन्होंने गद्दी छोड़ने के कोई संकेत ही दिए हैं. हालांकि उनकी मां महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के अच्छे स्वास्थ्य को देखते हुए उनका इंतजार और लंबा हो सकता है जिसकी शायद उन्हें आदत भी पड़ चुकी है.

Saturday, April 2, 2011

India v Sri Lanka, final, World Cup 2011, Mumbai (Result)




'I couldn't control my tears of joy' April 2, 2011
"I couldn't have asked for anything more than this. Winning the World Cup is the proudest moment of my life. Thanks to my team-mates. Without them, nothing would have happened. I couldn't control my tears of joy."

Sachin Tendulkar, who's played six World Cups, on his best moment
"I took a quite few decisions tonight, if we hadn't won I would have been asked quite a few questions: Why no Ashwin, why Sreesanth, why no Yuvraj, why did I bat ahead?! That pushed me and motivated to do well"
MS Dhoni puts a light spin on his selection decisions ahead of India's title win
"This is unbelievable. The Under-19 World Cup, then the World Twenty20 but this is the most special. For Sachin, for everyone else."
Yuvraj Singh, the Player of the Tournament, sums it up
"Very proud of everyone, especially Mahela who rose up to the occasion and put up a great hundred. When you look at this Indian team anything less than 350 looks less! They deserved this title, the way they played in front of a great crowd."
Kumar Sangakkara, the Sri Lanka captain, is gracious in defeat
"All credit goes to Sachin Tendulkar. We played for him. Beating Australia and Pakistan and now this, its a dream come true."
Gautam Gambhir, who gave India the upper hand in the final with his 97
"It means the world to me. I have been part of the three World Cups. This is for the nation. Thank you very much, we love you. This cup is for the people. Love you India!"
Harbhajan Singh was among several Indian players who shed a tear following India's victory
"This goes out to all the people of India. This is my first World Cup; I can't ask for more. Tendulkar has carried the burden of nation for 21 years; It was time we carried him. Chak de India!"
Virat Kohli leads the Tendulkar tributes