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Tuesday, September 28, 2010

Doctors agree after died 29 patient

29 मौतों के बाद माने डॉक्टर

i next reporter
KANPUR (27 Sept): तीन दिन में दो दर्जन से ज्यादा बेगुनाह बीमार लोगों की जान लेने के बाद आखिरकार डॉक्टरों की हड़ताल खत्म हो गई. प्रशासनिक अफसरों के अनुसार कमिश्नर अमित घोष ने नर्सिगहोम्स में तोड़फोड़, डॉक्टरों से मारपीट और अभद्रता करने वालों को चिन्हित कर, उनपर एनएसए लगाए जाने के निर्देश दिए.
इसके बाद ही मंडे को देर शाम आईएमए भवन में हुई बैठक के बाद 72 घंटे की हड़ताल खत्म करने की घोषणा की गई. इसी के साथ पैथॉलॉजी और मिशनरी व चैरिटेबिल अस्पतालों में भी काम शुरू हो गया जो समर्थन में मंडे मार्निग से हड़ताल पर थे.
नाराज थे पिटाई से
कल्याणपुर के डॉक्टर गोपाल गुप्ता की पिटाई से गुस्साए शहर भर के प्राइवेट डॉक्टर्स ने सैटरडे सुबह से हड़ताल कर दी थी. संडे को मेडिकल एसोसिएशन की कॉल पर की स्ट्राइक में पैथॉलजी वाले भी शामिल हो गए थे. सैटरडे से इलाज को मरीज पूरे शहर में भटकते फिरे. पैथॉलॉजियों में भी लोगों की रिपोर्ट तो दी गई लेकिन जांच के लिए सैंपल नहीं लिए गए. मंडे को आईएमए ने मिशनरीज हॉस्पिटल्स को भी स्ट्राइक में शामिल हो लिए थे.
तीन दिनों तक चली डॉक्टर्स की ये स्ट्राइक मंडे की शाम तक 29 मरीजों की जानें निगल गई थी. शहर के हालत बद से बदतर होते चले गए. संडे को एडमिनिस्ट्रेशन से बातचीत के बाद भी कोई हल नहीं निकल सका. हर नर्सिगहोम में नो एडमीशन के पर्चे चस्पा थे. इलाज के लिए भटकते कई लोगों ने गवर्नमेंट हॉस्पिटल्स पहुंचने से पहले ही दम तोड़ते रहे.
देर शाम decision
मंडे शाम आईएमए टेंपल ऑफ सर्विस में मीटिंग ऑर्गनाइज की गई. इसमें सभी पदाधिकारी शामिल हुए. डॉ. अवध दुबे, डॉ. एसी अग्रवाल, डॉ. अलका शर्मा ने सभी मैम्बर्स के साथ हुई मीटिंग के बाद मंडे नाइट स्ट्राइक खत्म करने का डिसीजन लिया. डॉ. अवध दुबे ने बताया कि एडमिनिस्ट्रेशन ने उनकी सभी मांगें मान ली है. उन्हें पूरी तरह से सिक्योरिटी देने को कहा है. देर रात नर्सिग होम में नए मरीज एडमिट करने का सिललिला शुरू हुआ.

इनकी गई जान

शकुंतला-68 आर्यनगर, सुनील-25 हरवंशमोहाल, श्यामकुमार-32 बर्रा, ओमप्रकाश-70 बर्रा, धनीराम-40 उन्नाव, अनीता-27 औरैया, दिव्या भदौरिया-9 रोशन नगर, रामू- 40 केडीए कालोनी, परवीन- 40 बिठूर, नेहा-12 चौबेपुर, महादेव- 70 जरीब चौकी, सुभद्रा-40 उस्मानपुर, रुबीना-23 नदीहा, कविता-8 बिल्हौर, नौशीन-21 फतेहपुर, रामनरेश-35 कर्रही, प्रभू दयाल-55 फरुर्खाबाद, कीर्तन-14 उन्नाव, दौलतखान-60 बिल्हौर, कुसुमा देवी- 35 उत्तरीपुरा, पुष्पलता-47 कन्नौज, निलिमा- 17 उरई, गुलाब सिंह- 38 कन्नौज, राजू वर्मा-27 गोविन्द नगर, नंदनी-15 महीने लाल डिग्गी, जुगुल नरायण- 55 चंदारी, अमित- 27 ऊगू, छोटू-5 काकूपुर, छक्कू- 37 शाहपुर.

Dead - are dead patient wandered and Timardar


 मारे-मारे फिरते रहे मरीज और तीमारदार

KANPUR (27 Sept): सड़क ने जख्मी किया लेकिन डॉक्टर्स की स्ट्राइक ने जान ले ली. हैलट इमरजेंसी के बाहर बिलख रहे बच्चों की मां की जान बच सकती थी, लेकिन इलाज न मिलने के कारण मौत हो गई. मासूम रोते और गुहार लगाते रहे लेकिन डॉक्टर्स नहीं पसीजे, सुभद्रा घंटों तड़पती रही जब इलाज मिला तब तक बहुत देर चुकी थी. सुभद्रा की सांसें थम चुकीं थी और बच्चों के सिर से हमेशा-हमेशा के लिए मां का साया उठ चुका था.
नहीं किया admit
सिटी के उस्मानपुर में रहने वाली सुभद्रा पति तेज सिंह के साथ बाइक से चौबेपुर सिटी लौट रही थी. नारामऊ के पास हुए सड़क हादसे में सुभद्रा जख्मी हो गई. फैमिली मेंबर्स आनन-फानन में उसे रामा हॉस्पिटल ले गए, तो गार्ड ने गेट से ही लौटा दिया. बदहवास फैमिली मेंबर्स सुभद्रा को लेकर रीजेंसी और मधुराज पहुंचे तो वहां भी हड़ताल की बात कहकर वापस कर दिया. घबराए फैमिली मेंबर्स आखिर में सुभद्रा को लेकर हैलट पहुंचे. हैलट में भारी भीड़ होने के कारण सुभद्रा बाहर ही तड़पती रही, मासूम बच्चे मां की हालत देख कर रोते रहे लेकिन चाह कर भी सुभद्रा को इलाज नहीं मिल सका.
पति तेज सिंह ने हैलट के सीआईएस वीएन त्रिपाठी से गुहार लगाई. जब तक हैलट में सुभद्रा का इलाज होना शुरू हुआ तब तक बहुत देर हो चुकी थी. ऑक्सीजन लगाए जाने के कुछ ही देर बाद सुभद्रा की मौत हो गई.
हड़ताल ने छीन ली मां
सुभद्रा की मौत की खबर सुन कर इमरजेंसी के बाहर मौजूद सुभद्रा की मां तो जमीन पर गिर पड़ी, बेटी की मौत पर मां बेसुध हो गई. बच्चों को चुप करा रहा भाई भी अपने को नहीं संभाल सका और फफक कर रो पड़ा. रजोल ने बताया कि हड़ताल न होती तो बहन की जान बच जाती. बड़ों को रोते देख खामोश बच्चे भी रो पड़े.

Monday, September 27, 2010

सफलता का गुरूमंत्र जानते हैं धौनी

नई दिल्ली। महेंद्र सिंह धौनी विश्व क्रिकेट एकमात्र ऎसे कप्तान बन गए हैं जिनके नेतृत्व में खेलने वाली टीमें ट्वेंटी-20 क्रिकेट की तीन सबसे ब़डी प्रतियोगिताओं में खिताबी जीत हासिल कर चुकी हैं। भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान धौनी के नेतृत्व में टीम इंडिया ने जहां 2007 में ट्वेंटी-20 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया था वहीं इस वर्ष उनकी कप्तानी में चेन्नई सुपर किंग्स टीम ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के तीसरे संस्करण का खिताब जीता। सफलता के इस सफर को आगे बढ़ाते हुए धौनी की सुपर किंग्स टीम ने हाल ही में दक्षिण अफ्रीका में आयोजित चैम्पियंस लीग ट्वेंटी-20 चैम्पियनशिप में खिताबी जीत हासिल की। इससे साबित होता है कि धौनी के पास सफलता का अचूक गुरूमंत्र है। यह गुरूमंत्र दरअसल कुछ और नहीं बल्कि खुद पर और अपने साथियों पर भरोसा करना है। चाहें वह टीम इंडिया हो या फिर चेन्नई सुपर किंग्स, धौनी ने हमेशा अपने साथियों को बिना दबाव के खेलने की प्रेरणा दी है। यही नहीं, एक कप्तान के तौर पर वह विकेट के पीछे और बल्ले के साथ भी प्रेरणादायक प्रदर्शन करते रहे हैं।

मारपीट के आरोप में पांच डाक्टर गिरफ्तार

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में प्रतिष्ठित एसएसकेएम अस्पताल के पांच डाक्टरों को मरीजों के रिश्तेदारों के साथ मारपीट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। सरकारी अस्पताल एसएसकेएम के इन जूनियर डाक्टरों के खिलाफ रविवार रात भारतीय दंड संहिता की दो गैर जमानती धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए है। डाक्टरों की ह़डताल के तीसरे दिन कुछ मरीजों को आपातकालीन और अन्य वाडरें में भर्ती करने से मना कर दिया गया और इन डाक्टरों ने उनके रिश्तेदारों के साथ मारपीट की। अस्पताल प्रशासन ने ह़डताल की वजह से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा के लिए आपात बैठक बुलाई है। ह़डताल की वजह से न केवल एसएसकेएम अस्पताल बल्कि नेशनल मेडिकल कॉलेज और अन्य सरकारी अस्पताल में कामकाज बूरी तरह से प्रभावित हुआ है। चार दिन पहले लापरवाही के कारण एक मरीज की मौत के बाद कुछ लोगों ने एक डाक्टर के साथ मारपीट की थी जिसके बाद इन अस्पतालों के डाक्टर सुरक्षा की मांग करते हुए ह़डताल पर चले गए। राज्य के स्वास्थ्य सचिव ने इस संबंध में मेडिकल कॉजेलों के प्रमुखों की बैठक बुलाई है।

Wednesday, September 22, 2010

Now come the next year Ganapati

अब अगले बरस आएंगे गणपति


बारह दिन तक हमारे घर में मेहमान बनकर विराजे गणपति को अब विदा करने का समय आ ही गया. इतने दिनों तक उनकी सेवा करने के बाद आज गणपति की प्रतिमा को सिटी के कई घाटों पर विसर्जित किया जाएगा. बुधवार को हर सड़क और गली में गणपति बप्पा मोरया की गूंज के साथ उड़ेगा गुलाल.
महाराष्ट्र मण्डल से सिद्धिविनायक
यूं तो गणेश उत्सव के दूसरे दिन से ही विसर्जन होने लगता है लेकिन आज उत्सव के आखिरी दिन सिटी में विसर्जन होगा. आज दोपहर एक बजे महाराष्ट्र मण्डल में महाआरती होने के बाद गणपति को सिद्धिविनायक मंदिर ले जाया जाएगा. वहां से शुरू होगी शोभा यात्रा, उनकी सुंदर सी प्रतिमा को देखने के लिए लगभग दो से तीन हजार भक्तों की भीड़ होती है. गणपति को घाट तक ले जाने के लिए रथ भी तैयार किया गया है. यात्रा जनरल गंज, हटिया, मेस्टन रोड, बड़ा चौराहा होते हुए सरसइया घाट जाएगी. रास्ते में ढोल ताशे के साथ सभी भक्त नाचते-झूमते पूरे जोश के साथ गणपति का विसर्जन करेंगे.
महाराष्ट्र मण्डल के सेक्रेटरी सुभाष देव का कहना है कि गंगा किनारे भी आरती होगी. जैसा कि गंगा का पानी खतरे के निशान को पार कर चुका है इसलिए नाव से ज्यादा दूर नहीं जाएंगे. वहीं बीएनएसडी में प्रसाद वितरण होगा. इसी के साथ ही 24 सितंबर का दिन शांति से बीते इसके लिए भी प्रार्थना करेंगे.

I am like that

मैं ऐसा ही हूं..

पेशेंस, डिसिप्लिन और सही ट्रेनिंग. यही वो चीजें हैं जो किसी व्यक्ति को सक्सेसफुल बनाती हैं. बस इसमें राइट न्यूट्रीशन और जोड़ दीजिए, तो आप बन सकते हैं सक्सेसफुल बॉडी बिल्डर. यह मानना है सन 2004 में मिस्टर व‌र्ल्ड का टाइटल जीतने वाले बॉडी बिल्डिर, मलेशिया के वांगहांग का. छह बार एशियन चैम्पियनशिप के विनर वांगहांग के मुताबिक बॉडी कट्स और शेप में लाना एक दिन का काम नहीं है. काफी वक्त लगता है इसमें.
इसलिए बॉडी बिल्डर स्पेशली यंगस्टर्स को पेशेंस के साथ एक्सरसाइज करनी चाहिए. हर इंसान के जेनेटिक्स अलग-अलग होते हैं. इसलिए युवा मूवीज, सीरियल्स या डब्लूडब्लूई में रेसलर्स की तरह बनने या दिखने की कोशिश न करें. अपनी क्षमताओं को पहचानकर डाइट और एक्सरसाइज करें.
ऐसे मिला मोटिवेशन
सन 1988 में आई हॉलीवुड मूवी इनक्रेडिबल हल्क को देखने के बाद उन्हें बॉडी बिल्डिंग का चस्का लगा. फिर उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. हफ्ते में पांच बार एक्सरसाइज करते हैं. एक ट्रेनिंग सेशन डेढ़ घंटे का होता है. अरनाल्ड श्वाजनेगर को आइडियल मानने वाले वांग मलेशियन मूवी टुआ केम्बली में एक्टिंग भी कर चुके हैं. अमेरिका की फ्लोरिडा यूनिवर्सिटी से ह्यूंमन साइंस में एमएससी कर चुके वांग भोजपुरी अभिनेता मनोज तिवारी की फिल्म शहीद में भी एक्टिंग कर रहे हैं. वांग के मुताबिक बॉडी बिल्डिंग में प्रोफेशनलिज्म हावी हो चुका है. इसीलिए व‌र्ल्ड फेम प्रोफेशनल्स तक बॉडी बनाने के लिए ड्रग्स और प्रतिबंधित दवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं. वांग ने कहा, आजकल जिम में युवाओं को तरह-तरह की दवाएं और पाउडर खाने को दिए जाते हैं, जोकि काफी खतरनाक होते हैं. इससे हार्ट अटैक, लिवर डैमेज, किडनी फेल्योर और हाई ब्लड प्रेशर का खतरा रहता है. उन्होंने कहा कि ट्रेनिंग के लिए अच्छे ट्रेनर का सेलेक्शन बहुत जरूरी है

Not sick in town

सारा शहर बीमार है. एक के बाद एक लोग बीमार हो रहे हैं. शहर में बीमारी से कई मौतें भी हो चुकी हैं. डेंगू, वायरल, स्वाइन फ्लू, चिकुनगुनिया और कंजक्ंिटवाइटिस जैसी बीमारियां फैल रही हैं. इसके बाद भी हेल्थ डिपार्टमेंट के रिकॉर्ड में कोई बीमार नहीं है. सिर्फ स्वाइन फ्लू को छोड़ दें तो शहर में किस बीमारी के कितने पेशेंट हैं किसी को नहीं पता.
हर रोज 15 से 20 पेशेंट
नाम न छापने की शर्त पर एक प्राइवेट डॉक्टर ने बताया कि वो लगातार डेंगू के पेशेंट्स को ट्रीट कर रहे हैं. उनका कहना है कि ये बात सही है कि इस बार डेंगू हेम्रेजिक फीवर के पेशेंट की संख्या कम रही है, लेकिन अभी भी डेली दो से तीन पेशेंट क्लासिक डेंगू के आ जाते हैं. हर रोज डेंगू के 15 से 20 नए मरीज आ रहे हैं.
नहीं कोई रिकॉर्ड
इसे शहर का दुर्भाग्य ही कहेंगे कि यहां स्वाइन फ्लू के अलावा किसी अन्य बीमारी का प्रॉपर रिकॉर्ड नहीं है. सरकारी स्तर पर डेंगू की जांच सिर्फ मेडिकल कॉलेज में होती है. पर यहां भी लापरवाही हो रही है. जब हेल्थ डिपार्टमेंट ने जीएसवीएम से रिकॉर्ड मांगा, तो वो सिर्फ 15 दिन का ही रिकॉर्ड दे पाए, जिसमें 6 पेशेंट्स पॉजिटिव पाए गए. इससे पहले का उनके पास कोई रिकॉर्ड नहीं है. सूत्रों की मानें तो मेडिकल कॉलेज की लापरवाही से डेंगू की जांच बंद पड़ी थी. डिपार्टमेंट पर प्रेशर पड़ने पर 20 दिनों पहले ही टेस्टिंग शुरू हो सकी.
हो चुकी हैं दर्जनों मौतें
शहर में अब तक बीमारियों से दर्जनों मौतें हो चुकी हैं. इन मौतों के बाद भी हेल्थ डिपार्टमेंट मजबूर है. सीएमओ डॉ. अशोक मिश्रा कहते हैं कि उनके डिपार्टमेंट की तरफ से कई बार पैथोलॉजी और प्राइवेट हॉस्पिटल्स को लिखा गया कि वो उन्हें बीमारियों का ब्योरा दें लेकिन वो ऐसा नहीं कर रहे. वो कहते हैं कि कोई एक्ट न होने के कारण वो सिर्फ इंस्ट्रक्शन दे सकते हैं.