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Saturday, May 7, 2011

दुल्हन की घुड़चढ़ी और आठ फेरे

 i next central desk
  हरियाणा के भिवानी में एक छोटा सा गांव है, खापरवास, जहां पर गुरुवार को एक एतिहासिक मौका दर्ज हुआ. इस गांव की 23 साल की मोनिका रानी ने पहले जहां दूल्हे की तरह घुड़चढ़ी की रस्म अदा की तो वहीं शादी में सात की जगह आठ फेरे लिए. गुरुवार को शादी के बंधन में बंधने वाली मोनिका के मुताबिक उसका यह कदम लड़के और लड़कियों में भेदभाव को खत्म करने के मकसद से है.
  Icon of the society
  मोनिका के इस कदम को उसके गांव और पैरेंटस का पूरा सपोर्ट मिला. बुधवार को घोड़े पर चढ़कर जिस समय वो गांव का चक्कर लगा रही थी उस समय 400 लोग उसे आशीर्वाद देने के लिए मौजूद थे. वहीं जब मोनिका की शादी हुई तो भी गांव के लोगों ने उसे अपनी बेस्ट विशेज दी. मोनिका ने सात की जगह आठ फेरे लेकर एक नई मिसाल कायम की. उसका कहना था कि आंठवें फेरे के साथ ही उसने और उसके पति ने देश में फीमेल इनफैंटीसाइड के खिलाफ कसम ली है. सीनियर सेकेंड्री के बाद स्टडीज छोड़ने वाली मोनिका अब पूरे गांव के लिए मिसाल बन गई है. उसका यह कदम जहां एक तरफ लड़कियों को इंस्पायर करेगा तो वहीं सोसायटी को भी नए तरह से सोचने पर मजबूर करेगा. मोनिका को भिवानी एसपी अश्विन शायन्वे ने इसके लिए इंस्पायर किया और उन्होंने डिस्ट्रीक्ट रेड क्रॉस सोसायटी के साथ मिलकर सेव द गर्ल चाइल्ड कैंपेन भी लांच किया.
  Just like a groom
  मोनिका इस शादी में भले ही एक दूल्हन थीं लेकिन उनका अंदाज किसी दूल्हे से कम नहीं था. घुढ़चढ़ी की रस्म के दौरान मोनिका ने दूल्हे की तरह ही रेड और ब्लू कलर की शेरवानी और सिर पर पगड़ी पहनी हुई थी. वह घोढ़े पर किसी दूल्हे की तरह चढ़कर उस मंदिर तक पहुंची जहां पर उनकी शादी होनी थी. मोनिका के फ्रेंड्स के मुताबिक यह करने के लिए हिम्मत चाहिए और वो शायद सिर्फ मोनिका के पास ही है. मोनिका का भाई उसे बहन नहीं बल्कि अपने बड़े भाई की तरह से देखता है. वहीं गांव वालों का भी कहना है कि अब समय आ चुका है जब पुरानी परंपराओं में कुछ बदलाव होना चाहिए. उन्हें खुशी है कि मोनिका जैसे यंगस्टर्स इस बदलाव को ला रहे हैं. मोनिका फाइनेंशियल प्रॉब्लम्स की वजह से कॉलेज नहीं जा सकी.

Now 26/11 in Europe!

LONDON (5 May, Agency): ओसामा बिन लादेन भले ही अब इस दुनिया में न हो, लेकिन उसके खतरनाक मंसूबे अभी भी जिंदा है. इसका सबूत दिया यमन में ओसामा के सक्सेसर के रूप में देखे जा रहे, अनवर-अल-अवलाकी ने. अवलाकी ने लादेन की मौत के बाद धमकी दी है कि यूरोप में दुनिया एक बार फिर से 26/11 यानी मुंबई हमलों जैसा नजारा देखेगी. अवलाकी की इस धमकी के बाद से ही पूरे यूरोप में एलर्ट है और सिक्योरिटी एजेंसीज भी चौकन्नी हो गई हैं.
  याद करो मुंबई को
  एक लीडिंग ब्रिटिश न्यूजपेपर की तरफ से हुए एक स्टिंग में अवलाकी के इन खतरनाक मंसूबों का खुलासा हुआ है. न्यूजपेपर की तरफ से भेजे गए एक मेल में अवलाकी ने कहा है कि यूरोप को दहलाने के लिए जो ऑप्शंस उनके पास मौजूद हैं उसमें सबसे पहला पाइप बम हैं. इन्हें किसी भी भीड़-भाड़ वाली जगह पर फिट करके आसानी से दुश्मनों से बदला लिया जा सकता है. इसके बाद अवलाकी ने जो आखिरी ऑप्शन दिया है उसमें, उसने पूरी दुनिया से मुंबई का मंजर याद करने को कहा है. धमकी भरे लहजे में उसने लोगों को याद दिलाया है कि कैसे अजमल कसाब और उसके साथियों ने मुंबई के सीने को छलनी कर दिया था और 164 मासूमों को मौत के घाट उतार दिया था.
  Security agencies on alert
  अवलाकी के इस मेल के सामने आने के बाद यूके की मिलेट्री इंटेलीजेंस एमआई16 चौकन्नी हो गई है. इस स्टिंग ऑपरेशन की रिपोर्ट जब एजेंसी को मिली तो उनके कान भी खड़े हो गए.
  सिक्योरिटी एजेंसी के एक सोर्स के मुताबिक अब यहां से हमें और ज्यादा एलर्ट रहना होगा और इसमें कोई शक नहीं है कि अवलाकी आने वाले समय में ब्रिटेन में तूफान लाने के लिए तैयार है. ब्रिटेन और यूएसए दोनों ही ओसामा की मौत के बाद से यहां पर होने वाले किसी भी तरह के हमले के लिए अलर्ट हैं. सिक्योरिटी एजेंसीज की मानें तो अवलाकी अल कायदा में लादेन की जगह ले सकता है.

अमेरिका ने पाक पर फिर किया हमला

ISLAMABAD: पाकिस्तान के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल कियानी की धमकी को अभी 24 घंटे भी नहीं हुए थे कि अमेरिका ने पाक पर एक और हमला कर दिया. शुक्रवार को अमेरिका की तरफ से वजीरिस्तान पर ड्रोन अटैक किया गया. इस अटैक में 13 लोग मारे गए. गौरतलब है कि गुरुवार को अमेरिका को धमकी देते हुए कहा था कि अगर उसने एबटाबाद जैसी कोई कार्रवाई दोबारा की तो वो अपने अधिकार के लिए कुछ भी कर सकता है.
  आठ missiles के साथ attack
  शुक्रवार को आठ मिसाइलों के साथ किए गए इस हमले को अमेरिका की जवाबी कार्रवाई माना जा रहा है. मीडिया रिपो‌र्ट्स में कहा जा रहा है कि जो लोग इस हमले में मारे गए हैं वो टेररिस्ट्स हैं, लेकिन अभी उनकी पहचान नहीं हो पाई है. यह इस साल का अब तक का 26वां हमला है, लेकिन लादेन की मौत के बाद से इस इलाके में यह पहला ड्रोन अटैक है.
  लोगों में गुस्सा
  इस हमले के बाद से वजीरिस्तान के साथ ही आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों में काफी गुस्सा है. लादेन के मारे जाने के बाद अमेरिका की तरफ से कहा गया था कि पाकिस्तान में छिपे टेररिस्ट्स को खत्म करने के लिए अगर उसे और हमले करने पड़े तो भी वो पीछे नहीं हटेगा. वहीं पाक ने कहा कि अगर ऐसा कुछ हुआ तो वो भी अपनी संप्रुभता से कोई समझौता नहीं करेगा.

Friday, May 6, 2011

Prince William is back to work

 LONDON (6 May, Agency): एक हफ्ते पहले शादी के बंधन में बंधे रॉयल कपल शादी के ठीक हफ्ते भर बाद ही अपने-अपने कामों पर लौट आए हैं. जहां प्रिंस विलियम वेल्स में अपने काम पर गए वहीं उनकी वाइफ केट मिडलटन ने भी आम लोगों की तरह मार्केट में जाकर खरीदारी की.
  टाल दिया था plan
  ब्रिटिश मिलिट्री ने बताया कि पायलट विलियम नॉर्थ वेल्स में अपने काम पर लौट आए हैं. उन्होंने दो रेस्क्यू कैंपेन में भाग भी लिया. 29 अप्रैल को शादी के बंधन में बंधने के बाद न्यूली वेड कपल ने सिक्योरिटी रीजंस से हनीमून पर जाने का प्लान टाल दिया था. दोनों का वीकेंड ब्रिटेन में ही बीता. विलियम उस चार सदस्यीय चालक में शामिल हैं, जिसने बुधवार को हार्ट प्रॉब्लम से पीड़ित एक 70 साल के बुजुर्ग को रॉयल एयरफोर्स सी किंग हेलीकॉप्टर की हेल्प से हॉस्पिटल पहुंचाया.
  उसके बाद उन्होंने चार पर्वतारोहियों को बचाया. वहीं डचेस ऑफ कैंब्रिज मिडलटन ने आम लोगों की तरह मार्केट में जाकर खरीदारी की.

AK-47s, IEDs replace naxals cru

 इंडिया के अंदर नक्सलवाद एक बड़ी समस्या है और उससे बड़ी प्रॉब्लम यह है कि ये नक्सली अब और हाईटेक होते जा रहे हैं. जी हां, आमतौर पर ट्रेडिशन और ऑर्डिनरी वेपंस यूज करने वाले नक्सलियों के बीच में अब एक-47 और दूसर इंप्रूव्ड एक्सप्लोसिव्स का यूज तेजी से बढ़ रहा है. हाल ही में मुंबई और पुणे से पकड़े गए छह नक्सलियों के पास यही वेपंस पाए गए. इंवेस्टिगेशन कर रही एटीएस टीम ने इस पर चिंता जताई है. उनका मानना है कि उन्हें वेपंस लश्कर या फिर मुजाहिदीन के द्वारा प्रोवाइड कराए जा रहे हैं. पकड़े गए नक्सलियों के पास न सिर्फ यह वेपंस पाए गए हैं बल्कि उन्हें इनके यूज की भी जानकारी है.
  Internal security को खतरा
  इस खुलासे के साथ इंडिया की इंटरनल सिक्योरिटी सिचुएशन पर चिंता जताई जा रही है. एटीएस टीम का मानना है कि ऐसे सोफेस्टिकेटेड वेपंस का इस्तेमाल अभी तक लश्कर-ए-तैयबा और इंडियन मुजाहिदीन करते रहे हैं. पकड़े गए नक्सलियों में से पांच महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं, जिन्हें इस महीने की शुरुआत में मुंबई और थाणे से पकड़ा गया था. पूछताछ में पता चला है कि नक्सली बहुत तेजी से पुराने वेपंस और क्रूड बम का त्याग कर एके-47 और इंप्रूवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस को अपने हथियारों में शामिल कर रहे हैं. इंवेस्टिगेटिव एजेंसी इस डेवलपमेंट के साथ यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इस तरह के वेपंस नक्सलियों को प्रोवाइड कराने के पीछे रेडिकल इस्लामिस्ट ऑर्गनाइजेशंस का हाथ है. नक्सलियों के पास ऐसे वेपंस पाए जाने से उनके मंसूबे साफ नजर आते हैं कि वे देश में सिर्फ डिस्ट्रक्शन चाहते हैं. एक अफसर ने बताया कि उनके पास मिले आईईडी बहुत ही घातक हैं. जरूर नक्सलियों को किसी टेररिस्ट ऑर्गनाइजेशंस का सपोर्ट मिला हुआ है.
  मिली है training
  एटीएस चीफ राकेश मारिया ने बताया कि पकड़े गए छह नक्सलियों में से दो ने कंफेस किया है कि उन्हें एके-47 और आईईडीज का यूज करने के लिए लिए ट्रेनिंग दी गई है. यह ट्रेनिंग उन्हें चंद्रपुर के घने जंगलों के इलाके में दी गई है. राकेश मारिया ने बताया कि वे यह जानने की कोशिश में लगे हैं कि उन्हें यह वेपंस कैसे मिले और इसके पीछे किस एंटी नेशनल ऑर्गनाइजेशन का हाथ है. साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि नक्सलियों को इन वेपंस का इस्तेमाल करने की अच्छी जानकारी प्राप्त है और यह बखूबी उनका इस्तेमाल करते हैं.