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Friday, March 20, 2009

द वान्दार्स

7 वन्डर्स दुनिया की सैर कर लो ..

ताजमहल, द ग्रेट वॉल, पीसा की झुकती मीनार..! आप सोच रहे होंगे कि दुनिया के इन अद्भुत चीजों का नाम हम क्यों गिना रहे हैं? बच्चो, दरअसल, आज हम न केवल सात देशों के सेवन वन्डर्स के बारे में जानकारी इकट्ठा करेंगे, बल्कि नए साल की शुरुआत में यह भी जानने की कोशिश करेंगे कि दुनिया की सबसे खूबसूरत चीजों के पीछे की कहानी क्या है? अब आप सोच रहे होंगे कि सेवन वन्डर्स में सात अंक का ही प्रयोग क्यों.. पांच या आठ क्यों नहीं! दरअसल, दुनिया के सात आश्चर्यो की लिस्ट बनाने की पहल सबसे पहले ग्रीकवासियों ने ही की थी। वे लोग सात अंक को पूर्णता और समृद्धि का प्रतीक मानते थे, इसलिए उन्होंने सात को ही प्राथमिकता दी। अब आइए जानते हैं, दुनिया के सात प्रमुख देशों के सेवन वन्डर्स कौन-कौन से हैं..

भारत : आर्किटेक्चर का कमाल

1. खूबसूरती का अजूबा ताजमहल : भारत के सेवन वन्डर्स में पहला नाम ताजमहल का आता है। यह उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में स्थित है। इसे हाल ही में सेवन वन्डर्स की बनाई गई नई लिस्ट में शामिल किया गया है। इसे सत्रहवीं शताब्दी में मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज महल की याद में बनवाया था। पूरे विश्व में ताजमहल भारत के प्रतीक के रूप में माना जाता है। सफेद संगमरमर से बने ताजमहल की खूबसूरती को शब्दों में बयां करना कठिन है।

2. अजंता और एलोरा की गुफाएं : पत्थरों को काटकर बनाई गई अजंता और एलोरा की खूबसूरत गुफाएं महाराष्ट्र में स्थित हैं। इसकी गुफाएं बुद्ध, जैन और हिंदू धर्म को प्रदर्शित करते हैं। यह रॉक आर्किटेक्चर (स्थापत्य) का सबसे अच्छा उदाहरण है। एलोरा की गुफाओं में कैलाशनाथ मंदिर को एक ही पत्थर से काटकर बनाया गया है। इसे ईसा-पूर्व दूसरी शताब्दी तथा नौवीं शताब्दी में तैयार किया गया। यूनेस्को ने भी इसे व‌र्ल्ड हेरिटेज साइट घोषित किया है।

3. खजुराहो : खजुराहो मूर्तिकला की एक खास शैली के कारण आम तौर पर जाना जाता है। उत्तर भारतीय नागर मंदिर आर्किटेक्चर का यह सुंदर उदाहरण है।

4. महाबोधि मंदिर : बिहार में स्थित महाबोधि मंदिर बौद्धों का सबसे पवित्र तीर्थस्थल इसलिए माना जाता है, क्योंकि इसी स्थान पर गौतम बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। यह पूर्वी भारत का एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है, जहां वर्ष भर पूरी दुनिया से लाखों पर्यटक आते हैं।

5.कोनार्क सूर्य मंदिर : इस अजूबे को तेरहवीं शताब्दी में तैयार किया गया है। इसमें भगवान सूर्य को सात घोडों वाले रथ पर सवार होकर पृथ्वी के आर-पार जाते हुए दिखाया गया है। यह उडीसा के मंदिर निर्माण-कला को दर्शाता है।

6. हम्पी : विजयनगर की राजधानी हम्पी को सोलहवीं शताब्दी में बनाया गया था। दक्षिण भारतीय मंदिर का यह उत्कृष्ट नमूना है। यहां कई आकर्षक स्पॉट्स हैं, जिनकी वजह से इसे व‌र्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल किया गया है।

7. गोल्डन टेम्पल : भारत के सात अजूबों में गोल्डन टेम्पल को हाल ही में शामिल किया गया है। यह पंजाब के अमृतशर शहर में स्थित है। यह सिखों का धार्मिक स्थान है। इसे अठारहवीं शताब्दी में महाराजा रंजीत सिंह ने बनाया था। इसकी सबसे बडी खासियत है- इसके गुम्बद को सौ किलोग्राम सोने से कवर किया जाना। यहां सिखों के धार्मिक ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब को रखा गया है।

इटली : यूरोपीय ड्रॉइंग रूम

1. कोलोसियम : यह एक बहुत बडा नाचघर है, जो रोम शहर (इटली) के मध्य में स्थित है। इसे रोमन सम्राट वेस्पेशियन ने खेल प्रतियोगिताओं को आयोजित करने के लिए बनवाया था। इसमें कुल 50 हजार दर्शकों के बैठने की व्यवस्था है।

2. डेविड : यह पूरे विश्व में सबसे अधिक जाना-पहचाना जाने वाला स्टैचू है। यह मजबूत और स्वस्थ शरीर वाले आदमी का प्रतीक है।

3. पीसा की झुकती मीनार : पीसा की झुकती मीनार एक फ्री स्टैंडिंग बेल टॉवर है। यह कला का अद्भुत नमूना है, जिसे बनाने में कुल 174 वर्ष लगे। यह मीनार वर्टिकली खडा होने के बावजूद कुछ झुका-सा प्रतीत होता है।

4.पेंथियन : यह रोम का सबसे प्राचीन बिल्डिंग है। इसे केवल रोम का ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में सबसे सुरक्षित बिल्डिंग माना जाता है। यह प्राचीन रोम के सात ग्रहों के सात देवताओं का मंदिर है। इसे सातवीं शताब्दी में बनाया गया था।

5.पॉम्पेई : यह इटली का सबसे पुराना शहर है। इसे कई बार बसाया और उजाडा गया है, लेकिन इसकी खूबसूरती आज भी देखते ही बनती है।

6.द्दिवेई फाउन्टेन : यहां एक लोकोक्ति है कि यदि इस फव्वारे में तीन सिक्कों को डाला जाता है, तो सुख और समृद्धि आती है। इसलिए पर्यटक यहां आकर इसमें सिक्के जरूर डालते हैं।

7. पियाजा सेन मार्को : इसे यूरोप का ड्रॉइंग रूम भी कहा जाता है। यह वेनिस में एक बहुत बडा हॉलनुमा स्पेस है, जहां इनसानों की आवाज ट्रैफिक की आवाज पर भारी पडती है। स्पेसिफिक वाटर वेज सिस्टम इसकी मुख्य वजह है।

चीन : फोरबिडन सिटी

1. टेरा कोटा वॉरियर्स : यह चीन के जियान शांक्सी प्रोविंस में स्थित है। दरअसल, यह एक अंडरग्राउंड गुफा है, जिसमें लगभग आठ हजार चाइनीज योद्धाओं के विवरण मिलते हैं। इन योद्धाओं को टेरा-कोटा फॉर्म में सजाया गया है। इसकी रचना लगभग 221 बीसी की बताई जाती है।

2. हैंगिंग मोनास्ट्री : यह चीन के माउंट हेंग्शेन, शांक्सी प्रोविंस में स्थित है। लगभग चौदह सौ वर्ष पुराने वन्डर्स को देखने दुनिया भर से लोग यहां आते हैं। यह संरचना इतनी शक्तिशाली है कि वर्ष 1303 में आने वाले भयानक भूकंप से भी यह अप्रभावित रहा।

3. द ग्रेट वॉल : यह चीन के गंसु प्रोविंस में स्थित है। यह एक मैन-मेड आकृति है। इसकी विशाल दीवार लगभग चार हजार मील तक फैली हुई है। इसका निर्माण देश की आंतरिक सुरक्षा को ध्यान में रख कर किया गया था।

4. लेशन बुद्धा : यह विश्व की सबसे बडी बुद्ध की आकृति है, जो शिचुऑन प्रांत, लेशन सिटी में स्थित है। लगभग हजार वर्ष पहले बौद्ध साधुओं ने इसका निर्माण किया था। माना जाता है कि इसके निर्माण में कुल नब्बे साल लगे थे।

5. माउंट वुडैंग : माउंट वुडैंग चीन के वुडैंग, हुबी प्रोविंस में स्थित है। यह एक पवित्र धार्मिक स्थल है, जहां कि कई मंदिर, महल और ब्रीजेज बने हुए हैं। चीन ही नहीं, दुनिया का जाना-माना धार्मिक स्थल होने के साथ-साथ यह मार्शल ऑर्ट का भी एक प्रसिद्ध केंद्र है।

6. शाई बाओ झाई टेम्पल : यह टेम्पल चीन के यांग्जी रिवर के दक्षिणी किनारे पर बसा है। इसमें कुल बारह मंजिल हैं, जो कि एक ही चट्टान पर टिका है। सदियों पुराने माने जाने वाले इस मंदिर के आज भी बेहतर स्थिति में होने का श्रेय इसकी विशेष संरचना वाली खिडकियों को जाता है।

7. फोरबिडन सिटी : यह बीजिंग शहर में स्थित है। इसे विश्व का सबसे पुराना महल कहा जाता है। यह चीन के पांच सौ वर्ष पुराने पॉलिटिकल पॉवर को बखूबी प्रदर्शित करता है। सात लाख मिलियन स्क्वॉयर में फैले इस महल में कुल दस हजार कमरे हैं। इसे स्वर्ग में भगवान का महल भी कहा जाता है।

जापान : एटोमिक बम डम

1. टोकियो टावर : विश्व के ऊंचे टावरों में शुमार टोकियो टावर बिना किसी बाहरी सहायता का स्टील से बना हुआ एक कम्युनिकेशंस टावर है। इसकी ऊंचाई 332.6 मीटर यानी 1091 फीट है। यह जापान के मिंटो-कू, टोकियो के शिबा पार्क में स्थित है। एफिल टावर की तर्ज पर बना टोकियो टावर एक संचार टावर होने के साथ-साथ प्रमुख टूरिस्ट स्पॉट भी है।

2. हिरोशिमा पीस मेमोरियल : यूनेस्को व‌र्ल्ड हेरिटेज साइट का दर्जा प्राप्त करने वाले हिरोशिमा पीस मेमोरियल को एटोमिक बम डम भी कहा जाता है। इसे इसलिए भी जाना जाता है, क्योंकि 6 अगस्त, 1945 को न्यूक्लियर बम विस्फोट होने के बावजूद यह बिल्डिंग नष्ट नहीं हुआ। हिरोशिमा पीस मेमोरियल को विश्व में शांति लाने और सभी न्यूक्लियर हथियार को नष्ट करने के एक प्रतीक के रूप में देखा जाता है।

3. मीयाजी श्राइन : राजा मीयाजी और रानी शोकेन की याद में बनाया गया मीयाजी श्राइन जापान का एक प्रमुख टूरिस्ट प्लेस है। यह श्राइन टोकियो के हाराजूकु स्टेशन के नजदीक स्थित है। गौरतलब है कि वर्ष 1912 में यहां के राजा मीयाजी और वर्ष 1914 में रानी शोकेन की मृत्यु हो गई थी। हालांकि वर्ष 1920 में बनाई गई मीयाजी श्राइन की बिल्डिंग द्वितीय विश्व युद्ध के समय ध्वस्त हो गई थी और बाद में इसे फिर से बनाया गया। मीयाजी श्राइन की 175 एकड जमीन पेड-पौधों से ढंका हुआ है। जापान वासी यहां शांति और साधना की तलाश में आते हैं।

4. कियोमिजू-डेरा : ईस्टर्न क्योटो में स्थित ओटावा-सन कियोमिजू-डेरा जापानियों के पौराणिक बुद्ध-मंदिर में से एक है। यह मंदिर 798 ई. में बनाया गया था। हालांकि वर्तमान बिल्डिंग का निर्माण वर्ष 1633 में किया गया। इस मंदिर के निकट एक झरना भी है, जो इसे और भी मनोरम व आकर्षक बनाता है। कोयोमिजू-डेरा यूनेस्को के व‌र्ल्ड हेरिटेज साइट में भी शामिल है।

5. टोडाई-जी : प्रसिद्ध बौद्ध मंदिर टोडाई-जी जापान के नारा शहर में स्थित है। टोडाई-जी का अर्थ है ईस्टर्न ग्रेट टेम्पल। इस मंदिर का ग्रेट बुद्धा हॉल विश्व का सबसे बडा लकडी का भवन है। इसका निर्माण सन् 743 में किया गया था। यूनेस्को ने इसे व‌र्ल्ड हेरिटेज साइट के रूप में शामिल किया है।

6.माउंट फूजी : यह जापान का सबसे ऊंचा पर्वत है। सबसे खास बात यह है कि यह पर्वत पांच झीलों से घिरा हुआ है। यह ज्वालामुखी केंद्र होने के साथ-साथ फूजी-हकोनी-इजू नेशनल पार्क का हिस्सा भी है। माउंट फूजी जापान के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। यहां की सूर्योदय और सूर्यास्त की मनोरम छटा निराली होती है।

7.इतसूकूशिमा श्राइन : यह हातसुकईची शहर के इतसूकूशिमा स्थित आईसलैंड पर स्थित है। इसका पहला श्राइन भवन लगभग छठी शताब्दी में बनाया गया था। इसके बाद अनेक भवन बनाए गए। यहां कुछ भवन पानी के ऊपर बनाए गए हैं। यूनेस्को ने इसे व‌र्ल्ड हेरिटेज साइट घोषित कि या है।

फ्रांस : ऊंची इमारतों की शान

1. एफिल टावर : पेरिस का सबसे ऊंचा टावर है एफिल। यह पूरे विश्व में सबसे अधिक जानी-पहचानी जाने वाली टावर है। इस टावर के डिजाइनर इंजीनियर गुस्ताव एफिल के नाम पर इसका नाम रखा गया है एफिल। पूरे विश्व में सबसे अधिक संख्या में पर्यटक एफिल टावर को देखने पहुंचते हैं।

2. लॉ‌र्ड्स : बहुत पहले यह पाइरिन्स की तलहटी में स्थित एक छोटा टाउन था। उस समय बडे-बडे किले की स्थापना शहर की शान माने व समझे जाते थे। लॉ‌र्ड्स पत्थर के ढलानों पर बनाया गया है। वर्ष 1858 से इसे क्रिश्चियंस का पवित्र तीर्थस्थान माना जाने लगा है।

3.पैलेस ऑफ वर्सिलीज : वर्सिलीज गांव एक देश था, जहां बडे-बडे किले बनाए गए थे। किंग लुइस चौदहवें के शासन से पहले तक यह पुराने फ्रांस की सत्ता का मुख्य कें द्र था। आज यह पेरिस का उपनगर है।

4. मूसी डी लूव्रे : यह पेरिस में स्थित एक म्यूजियम है। विश्व में सबसे बडे, पुराने और मशहूर आर्ट गैलरी में से एक है लूव्रे म्यूजियम। बहुत पहले यह राजा का महल था। लेकिन आज इस म्यूजियम में महान चित्रकार लियोनार्डो द विंची की पेंटिग्स मोनालिसा, संत एनी, मेडोना ऑफ द रॉक्स, एलेक्जेंड्रो ऑफ एन्टिऑक्स वीनस डी मिलो आदि रखे हुए हैं।

5.आर्क डी ट्राइम्फ : आर्क डी ट्राइम्फ स्मारक पेरिस के चा‌र्ल्स डी गाले के मध्य में खडा है। दरअसल, यह स्मारक नेपोलियन सेना के उन अनजान सिपाहियों की याद में बनाया गया है, जिन्होंने फ्रांस की तरफ से लडाई लडी थी।

6.नोटरे डेम डी पेरिस : नोटरे डेम डी पेरिस को इंग्लिश में नॉट्रे डेम कहते हैं। यह पेरिस का एक बहुत बडा गिरजाघर है, जिसका प्रवेश द्वार है पश्चिम दिशा में। यह फ्रांस की स्थापत्य कला का सबसे बेहतरीन नमूना है। इसे फ्रांस के मशहूर आर्किटेक्ट वॉयलेट-ली-डॅक ने बनाया था।

7.क्लूनी एबी : क्लूनी एबी फ्रांस का एक पुराना चर्च है, जिसकी रचना आज भी दुनिया भर के लोगों को प्रेरित करती हैं।

अमेरिका : स्टैचू ऑफ लिबर्टी

1. गोल्डन गेट ब्रिज : ऑरेंज कलर से बने इस ब्रिज की खासियत यह है कि इसे आप फॉग में भी देख सकते हैं, क्योंकि जब इसे बनाया गया था, तो आर्किटेक्ट ने बहुत बारीकी से इसके रंगों और प्राकृतिक सुंदरता का खयाल रखा था। यह दुनिया का सबसे बेहतरीन ब्रिज इंजीनियरिंग उदाहरण है।

2.टाइम्स स्क्वॉयर : यह मॉस्को के रेड स्क्वॉयर, पेरिस के चैम्प इलिज या लंदन के ट्रैफॅलगर की तरह ही न्यूयार्क का कॉमर्शियल सेंटर है। हालांकि इसे केवल यूएसए का ही नहीं, बल्कि व‌र्ल्ड का सबसे बेहतरीन कॉमर्शियल सेंटर का दर्जा हासिल है। यहां दर्शकों के लिए आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किए गए विज्ञापन और एनिमेशन की सुंदरता अद्भुत है।

3. स्टैचू ऑफ लिबर्टी : वर्ष 1885 में यूनाइटेड स्टेट को यह स्टैचू फ्रांस से मिला था। हड्सन रिवर के मुहाने पर बसे न्यूयार्क हार्बर में खडी इस मूर्ति को देखकर ऐसा लगता है कि मानो जैसे यह आगंतुकों का स्वागत कर रही हो!

4.वॉल्ट डिज्नी व‌र्ल्ड : लगभग बीस हजार हेक्टेयर में फैला यह दुनिया का सबसे बडा थीम-पार्क रिसॉर्ट है। यहां दुनिया भर के लोग छुट्टियां मनाने आते हैं। यह यूएसए के सेंट्रल फ्लोरिडा में स्थित है।

5. लिंकन मेमोरियल : यह ग्रीक डोरिक टेम्पल का ही एक रूप है। यहां बडे-बडे स्कल्पचर्स दर्शनीय और काफी लुभावने हैं। ये लिंकन के स्कल्पचर हैं और यहां के शिलालेख पर लिंकन के लिखे स्पीच के साथ-साथ मार्टिन लूथर किंग के स्पीच भी देखे जा सकते हैं।

6. ग्रैंड कैनियन : कोलेरेडो रिवर से घिरे हुए ग्रैंड कैनियन की सुंदरता देखते ही बनती है। यह यूएस के स्टेट ऑफ अरिजोना में स्थित है। यहां ग्रैंड कैनियन नेशनल पार्क है, जो कि यूनाइटेड स्टेट का पहला नेशनल पार्क है।

7. गेटवे ऑर्क : इसे फिनिश-अमेरिकन ऑर्किटेक्ट इयरो सारिनेन ने डिजाइन किया था। यह दुनिया का सबसे लम्बा मैन-मेड बिल्डिंग है। इसकी दीवारें स्टेनलेस-स्टील से बनी है। यह सेंट लुइस और मिसौरी का आइकॉनिक इमेज है, जिसे यूएसए के सेवन वन्डर्स में से एक माना गया है।

यूके : अद्भुत स्टोनहेंज

1. विन्डसर कॉस्टल : यह लंदन के विन्डसर शहर में स्थित है। इसका इतिहास करीब-करीब हजार वर्ष पुराना है। यह लंदन का एक खूबसूरत राजसी आवास है। इसे दुनिया का सबसे बडा मैन-मेड किला माना जाता है। यहां मनाए जाने वाले रॉयल फेस्टिवल बेहद शानदार होते हैं। आमतौर पर लोग यहां हॉर्स-शो देखने आते हैं। आम पब्लिक के लिए विन्डसर कॉस्टल का दरवाजा अक्सर मई माह में खुलता है।

2. स्टोनहेंज : दुनिया में मानव द्वारा बनाई गई अद्भुत कृतियों में स्टोनहेंज का नाम भी आता है। इसका इतिहास लगभग हजार वर्ष पुराना माना जाता है। हालांकि इसके निर्माता का नाम ज्ञात नहीं है। वैसे, कहा यह भी जाता है कि इसका निर्माण कुल तीन स्टेज में किया गया है। ब्रिटेन के इस विशाल आइकॉन की सुंदरता सूर्योदय के समय देखते बनती है।

3. द नियोलिथिक हार्ट ऑफ ऑर्कने : यूके के द नियोलिथिक हार्ट ऑफ ऑर्कने की आकृति हर किसी को लुभाती है। यह न केवल यूके के सेवन वन्डर्स में शामिल है, बल्कि यूनेस्को ने भी वर्ष 1999 में इसे व‌र्ल्ड हेरिटेज घोषित किया है। पांच हजार वर्ष पुरानी इस आकृति की मदद से आरंभिक मानवीय इतिहास को बखूबी जाना जा सकता है।

4. द सेवन सिस्टर्स : सफेद चट्टानों से निर्मित इस संरचना को मीलों दूर से देखा जा सकता है। दरअसल, इसका कारण इसका सफेद रंग और इसकी प्राकृतिक सुंदरता है। यह आकृति सचमुच वंडरफुल है। माना जाता है कि इसका निर्माण हजारों वर्ष पहले हुआ है।

5. यार्क मिन्सटर : इसे ब्रिटेन ही नहीं, बल्कि नॉर्दन यूरोप का सबसे बडा चर्च माना जाता है। यह चर्च लगभग ढाई सौ साल पुराना है। यूके के यार्क शहर में स्थित इस चर्च के पीछे स्थित शीशे की खिडकी काफी विशाल है, बिल्कुल टेनिस के कोर्ट के जितना।

6. ब्रिटिश म्यूजियम : मानवीय इतिहास, संस्कृति और कला के संग्रह के लिहाज से इसे दुनिया का सबसे बडा म्यूजियम माना जाता है। यहां इजिप्ट की ममीज से लेकर मेसोपोटामिया किंगडम की कलात्मक और साहित्यिक संग्रह भी देखे जा सकते हैं। यह म्यूजियम लंदन के ग्रेट रसैल में स्थित है।

7. द जेंट कॉजवे : जेंट कॉजवे इतना तराशा हुआ है कि इसे देखकर सहसा यह यकीन करना कठिन है कि यह एक प्राकृतिक संरचना है! दरअसल, यह देखने में ऐसा लगता है कि मानो समुद्र में कोई सडक बनी हुई हो! यह लगभग चालीस हजार इंटर-लॉकिंग बैसाल्ट के चट्टानों से बना हुआ है। कुछ चट्टान तो बारह मीटर ऊंचे हैं। यूनेस्को ने इसे वर्ष 1986 में व‌र्ल्ड हेरिटेज घोषित किया है।

प्रस्तुति: स्मिता, सीमा, अमरेन्द्र

दोस्तो, हम आपके साथ नए साल की शुरुआत सात देशों के सात अजूबों ,के बारे में जानकारी प्राप्त कर करना ,चाहते हैं। यह अंक निश्चित ही हमारे ,और आपके लिए पठनीय और ,संग्रहनीय होगा।


यह सामग्री http://www.inext.co.in/epaper/default.aspx से ली हैं।

Thursday, March 19, 2009

ये हैं अरबपतियों के आशियाने

i next desk
KANPUR (14 March):
अरबपतियों के शौैक निराले होते हैं हों भी क्यों न अरबपति जो ठहरे. कभी इनके आलीशान महल चर्चा में आते हैं तो कभी प्राइवेट जेट या लग्जरी याट. अमेरिकी बिजनेस मैगजीन फो‌र्ब्स ने व‌र्ल्ड बिलिनायर्स लिस्ट 2009 के साथ दुनिया के अरबपतियों के आशियाने के बारे में जानकारी भी जुटाई है. आइए जानते हैं क्या हैं इनके आशियानों की खासियतें..
लक्ष्मी का निवास
बिजनेस मैगजीन ने लक्ष्मी मित्तल के घर के बारे में लिखा है कि उनके घर में तुर्की स्टाइल का बाथरूम है और 20 कारों के लिए गैराज है. इस घर में उसी माइन के संगमरमर लगे हुए हैं जिनका यूज ताजमहल को बनाने में किया गया था. लंदन के पास लक्स किंगस्टन में बना 12 बेडरूम का उनका घर दरअसल महल ही है. लक्ष्मी मित्तल अरबपतियों की लिस्ट में 8वें नंबर है उनकी नेटवर्थ 19.3 अरब डालर आंकी गई है.

बिल गेट्स
दिग्गज साफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसाफ्ट के चेयरमैन बिलगेट्स एक बार फिर दुनिया के सबसे रिच पर्सन बन गए हैं. इनकी जायदाद 40 अरब डालर आंकी गई है. फो‌र्ब्स के मुताबिक उनका घर एक झील के किनारे बना है. ये घर किसी महल की तरह है, जहां कि सुख-सुविधाओं की कोई तुलना नहीं की जा सकती है. इस घर में 60 फुट का स्वीमिंग पूल है, जिसमें अंडर ग्राउंड म्यूजिक सिस्टम है. इसमें 2500 स्वायर फुट का जिम है और 1000 स्क्वायर फुट का डायनिंग हाल है. इसमें एक साथ 24 गेस्ट बैठकर डिनर कर सकते हैं.
लेव लिवएव का पैलीडियो
फो‌र्ब्स की रिच लिस्ट में लेव (468 वें नंबरपर) भले ही काफी पीछे हों लेकिन उनका घर इस रैंक के हिसाब से काफी ऊपर है. लंदन स्थित लेव के घर में गोल्ड प्लेटेड स्वीमिंग पूल है और घर में ही नाइट क्लब है. इस घर की कीमत 6.5 करोड़ डालर और इसका नाम पैलाडियो है. ये 17 हजार स्क्वायर फुट में फैला हुआ है. इसमें सात बेडरूम है और इसमें तमाम सुख-सुविधाओं का इंतजाम है.
लैरी एलिसन
फो‌र्ब्स के मुताबिक ओरैकल के को-फाउंडर लैरी एलिसन का घर 16वीं सेंचुरी के किसी जापानी महल की याद दिलाता है. लेरी एलिसन फो‌र्ब्स के अरबपतियों की लिस्ट में चौथें नंबर पर हैं और उनकी जायदाद 22.5 अरब डालर है. उनका वुडसाइड में बने घर के बारे में कहा जाता है कि इसे बनाने में 10 करोड़ डालर का खर्च आया है. यह 23 एकड़ में फैला हुआ है.
जार्ज लुकास
अरबपति फिल्म मेकर जॉर्ज लुकास का शानदार घर भी इस लिस्ट में काफी ऊपर है. इस घर के लिए अलग से फायर बिग्रेड है. घर के चारों तरफ पांच एकड़ में जैतून के बाग हैं. इस घर में मधुमक्खियों की पूरी बस्ती है और पेट के लिए ढेर सारी जगह है. लुकास फो‌र्ब्स की लिस्ट में 205वें नंबर पर हैं और उनकी जायदाद है तीन अरब डालर.
मुकेश का घर होगा सबसे महंगा
फो‌र्ब्स की व‌र्ल्ड रिच लिस्ट में देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के ेचयरमैन मुकेश अंबानी भले ही सातवें नंबर पर हो लेकिन उनका मुंबई में बन रहा सपनों का आशियाना दुनिया का सबसे महंगा आशियाना होगा. फो‌र्ब्स ने लास्ट ईयर इसको दुनिया का सबसे महंगा घर करार दिया था. मुकेश के इस घर का नाम अंटीला है और यह 27 मंजिला होगा लेकिन इसकी ऊंचाई 60 मंजिल के बराबर होगी. इसकी कीमत 2 अरब डालर होगी. इसकी खास बात यह है कि इसमें हर फ्लोर डिफरेंट होगा यानि किसी फ्लोर की बनावट रिपीट नहीं होगी यानि 9 वें फ्लोर में मेटल, वुड और क्रिस्टल का यूज किया गया तो 11 फ्लोर में इन मैटेरियल्स का बिल्कुल भी यूज नहीं किया जाएगा.



पॉपुलर नहीं था राबिनहुड!

LONDON (14 March, Agency): आज रोबिनहुड किसी पहचान का मोहताज नहीं. उसके कारनामें शायद ही किसी की नॉलेज में न हो.अमीरों को लूट कर गरीबों को बांटने वाला मध्ययुगीन इंग्लैंड के इस हीरो की मिसाल आज भी दी जाती है. लेकिन हाल ही में मिली कुछ पुरातन पांडुलिपियों पर यकीन किया जाए तो राबिनहुड और मेरी मेन कहलाने वाले उसके साथी जनता में उतने फेमस नहीं थे, जितने कि लोककथाओं में बताए जाते हैं.
कहानियों, नाटकों और जाने कितनी हॉलीवुड फिल्मों का सब्जेक्ट बन चुके रोबिनहुड के विषय में इस 550 साल पुरानी पांडुलिपी में काफी नकारात्मक टिप्पणी की गई है. इटन कॉलेज की लाइब्रेरी में मिली लैटिन में लिखी 23 शब्दों की इस पांडुलिपि में कहा गया है कि लोगों के मुताबिक इस समय रोबिनहुड और उसके साथियों ने इंग्लैंड के शेरवुड और उसके आस-पास के इलाकों में आतंक फैलाया हुआ है. यह पांडुलिपि मध्ययुगीन इतिहास की एक बुक पोलीक्रानिकान का हिस्सा है. किसी अज्ञात भिक्षु द्वारा लिखी ये बुक स्काटलैंड की सेंट एंड्रयूज यूनिवर्सिटी में कला का इतिहास पढ़ाने वाले डा. जूलियन लक्सफोर्ड को मिली. दरअसल डा.लक्सफोर्ड 15वीं शताब्दी के रेखाचित्रों पर रिसर्च के सिलसिले में इटन कालेज आए हुए थे. यहां लाइब्रेरी में उन्हें ये बुक और उसमें रोबिनहुड के बारे में ये टिप्पणी मिली.
लक्सफोर्ड बताते हैं कि जब मैंने हस्तलिपि में रोबिनहुड के बारे पढ़ा तब मुझे लगा कि मैंने कुछ विशेष ढूंढ निकाला है. पोलीक्रानिकान किताब 1340 ई. में लिखी गई थी. इटन कॉलेज में मौजूद कॉपी 1420 ई. की है और डा. लक्सफोर्ड के मुताबिक उसमें राबिनहुड के विषय में की गई टिप्पणी 1460 ई. में जुड़ी. वैसे राबिनहुड के विषय में पहले भी नकारात्मक टिप्पणियां मिलती रही हैं, मगर अब तक इस मध्ययुगीन नायक का उल्लेख या तो गरीबों के मसीहा के रूप में होता था या फिर एक ऐसे लुटेरे के रूप में जिसमें कुछ अच्छे गुण भी थे. मगर ये पहली बार है जब रोबिनहुड के बारे में एक पूर्णतया नकारात्मक टिप्पणी सामने आई है. डा. लक्सफोर्ड बताते हैं ये पांडुलिपी बताती है कि उस समय आम जनता और चर्च में राबिनहुड के प्रति रोष था. राबिनहुड के विषय में ये दुर्लभ टिप्पणी सोमरसेट के विथम मठ में की गई थी.



Pair dies together at Swiss clinic



i next desk
(6 March): अपने लाइफ पार्टनर के साथ जीने और साथ ही मरने की कसम तो सभी खाते हैं लेकिन कुछ ही लोग होते हैं जो इस कसम को निभाते हैं. ब्रिटेन में एक दूसरे से प्यार करने वाले ऐसे ही एक मैरीड कपल ने एक साथ दम तोड़ा. यह कपल पिछले काफी समय से कैंसर से पीड़ित था और लास्ट वीक स्विटजरलैंड के एक इयूथेरेसिया क्लिनिक में उनकी मौत हो गई. यह पहला ब्रिटिश कपल है जिसने मौत के लिए सुसाइड क्लिनिक का यूज किया.
फेमस बिजिनेसमैन
80 साल के पीटर डफ ब्रिटेन के फेमस बिजनेसमैन थे. उन्हें वाइन के एक्सपर्ट के रूप में जाना जाता था. पिछले काफी सालों से वे लीवर कैंसर से पीड़ित थे. उनकी 70 साल की वाइफ पॉपी भी एक रेयर कैंसर का शिकार थीं. दोनों का ही कैंसर एडवांस स्टेज पर पहुंच चुका था. दो बच्चों के पिता पीटर पिछले दिनों ज्यूरिक इयूथेनेसिया क्लिनिक गए ताकि उन्हें पेनलेस डेथ मिल सके.
शायद न लौट पाऊं
पीटर के एक फ्रेड्स के अनुसार पिछले दिनों पीटर ने उससे कहा था कि वे बाथ में बने अपने करोड़ों रुपए के बंगले को छोड़कर डोरसेट स्थिति दूसरे घर जा रहे हैं और शायद लौटकर न आएं. बाद में वे ज्यूरिक के क्लिनिक चले गए. कैंसर पीड़ित हसबैंड और वाइफ ने यहां साथ-साथ दुनिया से रुखसत होने का फैसला किया. लास्ट वीक उनकी मौत हो गई.
इट वास शॉकिंग
पीटर के पड़ोसियों का कहना है कि वे एक एक्टिव पर्सन थे. अपने आखिरी समय तक अपने अपना काम खुद करते थे. जब उन लोगों को पीटर और उनकी वाइफ की बीमारी के बारे में पता चला तो वे लोग शाक्ड रह गए. पीटल का इंटरेस्ट आर्ट में बहुत था. तीस साल पहले ही इस कपल ने बाथ में करोड़ों रुपए का मकान खरीदा था. पूरे घर को पेंटिंग्स से सजाया था.


Goody’s cancer spreads to brain

LONDON (3 March, Agency): पेट के भयानक दर्द से छुटकारा दिलाने के लिए किए गए ऑपरेशन के बाद रियलिटी स्टार जेड गुडी का कैंसर ब्रेन तक पहुंच गया है.
27 वर्षीया गुडी को मंगलवार को सुबह लंदन के रायल मार्सडन से निकटवर्ती चेलसी और वेस्टमिंस्टर हॉस्पिटल में सर्जरी के लिए एडमिट कराया गया. बिग ब्रदर की स्टार को लास्ट इयर सर्विकल कैंसर हो गया था जो लीवर और पेट तक फैल गया था. गुडी की एक फ्रेंड ने कहा था कि जेड को सप्ताहांत में हॉस्पिटल में बताया गया था कि कैंसर उनके ब्लड के फ्लो के साथ बहते बहते उनके ब्रेन तक पहुंच गया है. कैंसर के ब्रेन में पहुंचने के बाद बार-बार दौरे, तेज सिर दर्द, मितली और चक्कर आने की शिकायत जैसे लक्षण हो सकते हैं.
फ्रेंड ने बताया कि निश्चित तौर पर यह काफी भयावह है लेकिन असंभावित नहीं है. इससे उसकी उम्र पर कोई असर नहीं पड़ेगा क्योंकि अभी उनका जीवन कुछ हफ्ते का और है लेकिन निश्चित तौर पर यह इस बात को याद दिला रहा है कि अभी आगे क्या कुछ होना है.



Issue: World Trade Centre attack
CIA ने नष्ट किए विवादास्पद टेप


NEW YORK/WASHINGTON (3 March, Agency): सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए) ने पूछताछ संबंधी 92 विवादास्पद टेपों को नष्ट कर दिया है. यह बात बराक ओबामा एडमिनिस्ट्रेशन ने न्यूयॉर्क की एक कोर्ट को बताई है. एडमिनिस्ट्रेशन ने इस घटना को दुखद बताया है. टेप 11 सितंबर के अटैक्स के बाद सीआईए द्वारा की गई पूछताछ से जुड़े हैं.
यह जानकारी अमेरिकी सिविल लिबर्टीज यूनियन की पेटीशन के जवाब में फॉर्मर बुश एडमिनिस्ट्रेशन के तहत सीआईए द्वारा पूछताछ संबंधी 92 टेपों को नष्ट करने के बारे में ला मिनिस्ट्री ने दी. पेटीशन में फॉरेन में अमेरिकी कस्टडी में रह रहे कैदियों के साथ किए गए बर्ताव के बारे में रिकॉर्ड तलब किया गया था.
सबूतों को छिपाने की कोशिश
आर्गनाइजेशन की एडवोकेट अमृत सिंह ने एक बयान में आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में वीडियो टेप को नष्ट करने से इस बात की पुष्टि होती है कि एजेंसी अवैध पूछताछ और कोर्ट के आदेश के पालन से बचने के लिए सबूतों को छिपाने की कोशिशों में लगी थी.
अमृत इंडियन प्राइम मिनिस्टर मनमोहन सिंह की बेटी हैं. अमृत सिंह ने कहा, हमारी कंटेंप्ट पेटीशन साल भर से अधिक समय से लंबित है. अब समय आ गया है जब ला का कंटेंप्ट करने के लिए सीआईए को जवाबदेह ठहराया जाए. कार्यकारी अमेरिकी एडवोकेट लेव दासिन ने न्यूयॉर्क की कोर्ट को दिए एक लेटर में कहा कि सीआईए अब नष्ट की गई टेप की संख्या बता सकती है. 92 टेपों को नष्ट किया गया. नष्ट किए गए टेप के डिटेल की जानकारी नहीं दी गई.
यह बेहद दुखद है
इस इश्यू पर एक सवाल के जवाब में व्हाइट हाउस के स्पोक्सपर्सन रॉबर्ट गिब्स ने कहा, निश्चित तौर पर यह अच्छी बात नहीं है. यह बेहद दुखद है. गिब्स ने कहा कि नए सीआईए डायरेक्टर और नए अमेरिकी एडमिनिस्ट्रेशन के तहत हम लोगों को यह बताना चाहते हैं कि सीआईए में काम-काज और हमें सुरक्षित रखने के लिए वे जिन तौर-तरीकों का यूज करते हैं, वे सुरक्षित हैं लेकिन उन्हें इस तरह करना चाहिए ताकि हमारे मूल्यों को भी सुरक्षित रखा जा सके.



UK nuclear HQ under terror threat


LONDON (2 March, Agency): टॉप सिक्योरिटी एक्सप‌र्ट्स ने चेतावनी दी है कि ब्रिटेन के सेंसटिव मिलिट्री साइट पर गूगल अर्थ के जरिए टेररिस्ट्स का खतरा मंडरा रहा है. इसमें न्यूक्लियर डिफेंस हेडक्वॉर्टर भी शामिल है.
इंटरनेट पर ब्रिटेन के टॉप इंटेलिजेंस नेवल अड्डे समेत सेंसटिव मिलिट्री साइट के करीब के हवाई सीन उपलब्ध हैं. 16 न्यूक्लियर मिसाइलों को ले जाने में सक्षम ब्रिटेन की दो सबमैरीन को इंटरनेट पर साफतौर पर देखा जा सकता है. आर्मी के सीनियर अफसरों ने आशंका जताई है कि गूगल अर्थ का इस्तेमाल करके टेररिस्ट ब्रिटेन के न्यूक्लियर डिफेंस हेडक्वार्टर पर आसानी से मोर्टार या रॉकेट दाग सकते हैं.
निशाने पर ऑफिस
द सन ने एक टॉप सिक्योरिटी एक्सपर्ट के हवाले से कहा है कि हमारे न्यूक्लियर सेंटर पर हवाई हमला हो सकता है. उन्होंने कहा कि टेररिस्ट्स को पता हो सकता है कि उन्हें कहां निशाना साधकर हमला करना है. रिपोर्ट में कहा गया है कि नॉर्थ लंदन के नॉर्थवुड स्थित ब्रिटेन के न्यूक्लियर हेडक्वार्टर, एमआई 6 के लंदन ऑफिस और एसएएस ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट्स को इंटरनेट सर्च इंजन के जरिए निशाना बनाया जा सकता है. आर्मी के एक स्पोक्सपर्सन के हवाले से न्यूजपेपर ने कहा है कि यदि कोई इन ठिकानों को निशाना बनाना चाहे तो वह इनकी तस्वीरें खोज सकता है और उन्हें रोकने के लिए हमारे पास करने के लिए कुछ नहीं है.

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अगले साल खुलेगा नौकरियों का खजाना


NEW DELHI (15 March, Agency): इस समय मंदी के दौरानछंटनियां तथा भर्तियों पर रोक कीखबर ही सुनने को मिल रही है लेकिनइस बीच एक अच्छी खबर देश केपैरामिलिट्री फोर्सेज से आ रही है. गवर्नमेंट ने छह पैरामिलिट्री फोर्सेजको मजबूत करने की प्लानिंग बनाईहै. इस पर अमल होने पर ये फोर्सनौकरियों का खजाना खोल सकते हैं.
होम मिनिस्ट्री के अफसरों ने यहां कहाकि सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबीतथा एनएसजी को 123 नईबटालियनें बनाने को अधिकृत कियागया है. ये बटालियनें अगले दो सेतीन साल में बनेंगी.
हर बटालियन में लगभग 1,100 लोगहोंगे और कुल मिलाकर भर्तियों कीसंख्या 1.35 लाख से अधिक रहेगी.
महिलाओं के लिए भी होंगी
ये नौकरियां महिलाओं के लिए भीहोंगी. अगले फाइनेंसियल ईयरमें लगभग 25 नईबटालियन बनेंगी जिनमें देश भर सेलगभग 28,000 भर्तियां की जाएंगी.
एक अफसर ने कहा कि मुंबई में लास्टइयर टेररिस्ट अटैक्स के बाद सेपैरामिलिट्री फोर्सेज के मॉडर्नाइजेशनपर जोर दिया जा रहा है. यहमॉडर्नाइजेशन ह्यूंमन रिसोर्स तथावेपन दोनों रूपों में किया जाएगा. नईबटालियन बनाने की मंजूरी मौजूदातथा भविष्य की जरूरतों को ध्यान मेंरखते हुए दी गई है.
अभी ये है स्थिति
(2009-10)
फिलहाल सीआईएसएफ, सीआरपीएफ, बीएसएफ, एनएसजी, आईटीबीपी, एसएसबी तथा असमराइफल्स में 7,17,909 जवान हैं. सीआरपीएफ में सर्वाधिक 201 बटालियन हैं. सोर्सेज ने कहा किसीआईएसएफ को अपनी संख्या कोबढ़ाकर 1,45,000 करने की मंजूरी दीगई है जो फिलहाल 1,12,000 है.



Battling with recession
BANGALURU (25 Aug, Agency): अगर आप या आपके आसपास कोईआईटी सेक्टर में काम करने वाले कोगुलाबी पर्ची यानी टर्मीनेशन लैटर कासामना करना पड़ा है तो यह खबरउनके लिए एक खुशखबरी बन सकतीहै. क्योंकि गुलाबी पर्ची होल्डर्स केलिए एक स्पेशल वेबसाइट शुरू कीगई है. यह वेबसाइट उन लोगों कोजॉबलेस होने पर केवल काउंसलिंगबल्कि आईटी सेक्टर में वेकेंट पोस्टकी भी जानकारी देगी. दिलचस्प यहहै कि यह साइट भी आईटीप्रोफेशनल्स द्वारा ही लॉन्च की गई है. दरअसल रिसेशन की वजह से यहसेक्टर बुरी तरह प्रभावित हुआ है. जाने कितनों को अपनी जॉब से हाथधोना पड़ा और कितनों को कम पैकेजपर डबल ड्यूटि करनी पड़ रही है. यहांतक कि कईयों ने तो सुसाइड की भीकोशिश की. इन सारे दृश्यों को देखतेहुए यहां के सात पेशेवरों ने यह साइटलॉन्च करने का फैसला किया. उनकामानना है कि यह साइट आईटी एवंआईटीज (बिजनेस प्रोसेसआउटसोर्सिंग) कम्युनिटी के लोगों कीसहायता की पूरी सहायता करेगी. टीमके चीफ टीएन थंडवा गोड्डा ने कहा, यह विचार तीन महीने पहले आयाजब हमें अखबार की खबरों से पताचला कि दो आईटी प्रोफशनल्स नेबंगलुरू और एक ने चेन्नई में सुसाइडकर लिया. यह इस सेक्टर के लिए बड़ीबात थी.
एक प्लेटफार्म मिलेगा
गोड्डा ने कहा, इस पोर्टल के माध्यमसे आईटी प्रोफेशनल्स के लिए हमनेएक प्लेटफार्म तैयार किया है जहांउनके विचार एवं उनकी कंपनियों मेंपोस्ट वेकेंसी से संबंधित सूचनाएंसाझा की जाएंगी. उन्होंने कहा किअपने प्रतिष्ठानों में रिक्तियों की सूचनादेना एक अद्भुत मॉडल है और ऐसेअवसर जाबसाइट्स पर नहीं मिलते. इंडस्ट्री सोर्स का हवाला देते हुए गोड्डाने कहा कि पिछले महीने बंगलुरू मेंतीन हजार आईटी जॉब्स खत्म होगई. इससे पहले यह संख्या औरअधिक थी. दुर्भाग्य से जिन्हें गुलाबीपर्ची मिली उन्हें फिर कहीं अवसर नहींमिला. गोड्डा ने कहा, यह वेबसाइटसिर्फ नौकरी पाने के लिए नहीं है. हमआर्थिक मंदी पर बात कर सकते हैं. उन्होंने दावा किया कि वेबसाइट काअच्छा रिस्पांस मिल रहा है और हरमहीने इसे एक लाख हीट्स मिल रहेहैं.
नए वेब फोरम की खूबियां
टीम ने अपनी नई वेब फोरम कीखुबियों के बारे में बताया कि इसमेंइंट्रस्टिंग सेक्शन हैं। जैसे रिसेशनफोरम में फाइनेंशियल रिसेशन सेसंबंधित जानकारी साझा की जासकती है. हॉट जाब्स: हेल्पिंग हैंड सेनौकरी तलाश करने वालों को लाभ होसकता है. इंडिया एंड रिसेशन में मंदीसे जूझने के लिए कई सुझाव हैं. न्यूजअपडेट में इंडस्ट्री से संबंधित ताजाखबरें है जिससे इंडस्ट्री मेंहाल-फिलहाल की घटनाओं से अपनेको अपडेट रखा जा सकता है.



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PC sale fall 19%

NEW DELHI(16 March, Agency): देश में करेंट फाइनेंशियल ईयर के थर्ड क्वार्टर (अक्टूबर-दिसंबर) के दौरान पर्सनल कंप्यूटर (पीसी) की सेल में लास्ट ईयर के मुकाबले 19 परसेंट की भारी गिरावट दर्ज की गई है. द मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन फॉर इंफार्मेशन टेक्नोलॉजी (मैट) ने कहा कि डोमेस्टिक मार्केट में डिमांड घटने और रुपए की तुलना में डालर में आई मजबूती से पर्सनल कंप्यूटर्स की सेल पर असर पड़ा है. इस पीरिएड में लैपटॉप्स और डेस्कटॉप्स की सेल 14 लाख यूनिट रह गई.
मैट की तरफ से जारी स्टेटमेंट में बताया गया है कि इंडस्ट्री के लिए यह क्वार्टर बेहतर हो सकता है. मैट ने कहा है कि हालांकि करेंट फाइनेंशियल ईयर में ओवरऑल पीसी की सेल लास्ट फाइनेंशियल के बराबर यानि 73 लाख यूनिट बनी रहेगी.
थर्ड क्वार्टर के दौरान पीसी में में आई गिरावट के लिए मैट का कहना है कि जॉब सिक्योरिटी के चलते रिटेल, आईटी, स्माल एंड मीडियम इंडस्ट्री की डिमांड कम रही है. रुपए की तुलना में डालर में जारी लगातार मजबूती का असर भी है. डालर के मजबूत होने से मार्जिन पर असर होने के साथ-साथ आईटी प्रोडक्ट्स की कीमतें कम नहीं हो रही हैं.

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Love Guru in poll fight

PATNA (16 March, Agency): गुरु से लव गुरु बने पटना के बीएन कॉलेज में हिन्दी के प्रो. मटुकनाथ चौधरी अब पार्लियामेंट में एंट्री लेने की कोशिश रहे हैं. लव गुरु पटना साहिब से चुनाव लड़ने का मन बना चुके हैं. अपने से आधी उम्र की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट जूली के साथ अपनी लव स्टोरी से चर्चा में आए प्रो. मटुकनाथ ने डेमोक्रेसी में प्यार के मतलब को अपना चुनावी एजेंडा बनाएंगे. मटुकनाथ के चुनाव लड़ने से अब स्टार कैंडीडेंट्स की फेहरिश्त में एक और नाम जुड़ गाएगा.
अंदाज-ए-खास: मटुकनाथ
लव गुरु मटुकनाथ कहते हैं कि उनका इलेक्शन लड़ने का खास मकसद दुनिया में प्रेम का विस्तार करना है. प्यार को डेमोक्रेटिक जामा पहनाने वाले लव गुरु कहते हैं कि डेमोक्रेसी में अब प्यार की जरूरत है. वो इलेक्शन कैंपेन में अपने ही अंदाज में प्यार के खास संदेश देंगे. वो अपने फलसफा को विस्तार देते हुए बताते हैं कि जनता से नाता जोड़ने भर से ही प्रेम फैलने लगता है. खबर है कि लवगुरु ने होली के रंगारंग समारोहों में भी प्रेम का पाठ पढ़ाकर लोगों को प्रेम के रंग में सराबोर कर दिया. पिछले दिनों प्रेम का असली पाठ पढ़ाते हुए मटुकनाथ ने फिजा और चांद मोहम्मद की लव स्टोरी पर भी अपने बेबाक बयान जारी किए. उन्होंने साफ कर दिया था कि चांद और फिजा में सच्चा प्यार था ही नहीं. अगर सच्चा प्यार होता तो फिजा और चांद आज अलग-अलग नहीं होते. प्यार में वह ताकत होती है जो दोनों को बांधकर रखती है.
नि:शब्द के किरदार
दरअसल प्रोफेसर और जूली की बोल्ड लवस्टोरी जब ऑन एयर हुई तो लोगों के मुंह से एक ही बात निकल रही थी कि यह स्टोरी फिल्म नि:शब्द के इर्द गिर्द घूमती है. मटुकनाथ कहां चूकने वाले थे, अपनी प्रेयसी के साथ नि:शब्द देखने एक थियेटर में पहुंचे तो वहां बवाल हो गया. उन्हें और जूली को वहां दर्शकों के कोपभाजन का शिकार होना पड़ा. प्रोफेसर साहब और जूली का प्यार जब सुर्खियों में आया तो रोज ही उनके प्यार से जुड़ी एक नई स्टोरी सामने आने लगी. कहीं उनकी पत्नी के विरोध का सामना करना पड़ा, तो कई जगह उनके प्यार को सपोर्ट भी मिला.
विरोधियों ने मटुकनाथ के चेहरे तक को काला कर दिया और उनकी पत्नी ने तो जूली को बुरी तरह पिटाई कर दी. लेकिन मटुकनाथ और जूली अपने प्रेम को लेकर तब भी समर्पित थे और आज भी हैं. अब इस इलेक्शन के जरिये वो प्रेम का संदेश देंगे. बताते हैं कि लव मैसेंजर के रूप में जूली उनकी हमकदम बनेंगी.

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सेव द टाइगर

HAMILTON (17 March): मास्टर ब्लास्टर सचिनतेंदुलकर अपोनेंट्स टीम के बॉलर्स केखिलाफ जितने बेरहम हैं उतना हीएनीमल्स के लिए उनके दिल में रहमभी है. इसका एग्जांपल तब मिला जबसचिन ने मंगलवार को सेव टाइगरप्रोजेक्ट में मदद करने का बीड़ाउठाया. तेंदुलकर ने मंगलवार कोइंडियन टीम के सेव टाइगर बैनरपर साइन करते हुए कहा कि सिर्फ मैंही नहीं बल्कि पूरी टीम इंडिया तेजी सेलुप्त हो रही इस प्रजाति को बचाने कीहरसंभव मदद करेगी. उन्होंने कहा किटाइगर्स की लगातार घटती संख्याचिंता का विषय है. सदी की शुरुआत मेंइंडिया में करीब 40 हजार टाइगर थेलेकिन आज सिर्फ 1700 बचे हैं. हमहर महीने कम से कम एक बाघ खो रहेहैं. बाघों के शिकार की बढ़ती संख्याभी चिंता का सबब है. सचिन ने कहाकि जब मैं छोटा था तब मुझे बतायागया था कि डाइनासोर नाम का एकएनीमल होता था. कल शायद हमआने वाली पीढ़ी को टाइगर के बारे मेंऐसे ही बताएंगे.


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Wednesday, March 18, 2009

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