वीडियो गेम से लर्निग ग्रेट आइडिया!




वीडियो गेम मशीन के प्रति जहां एक ओर बच्चों का जबरदस्त क्रेज होता है, वहीं दूसरी ओर अधिकतर पैरेन्ट्स का यही मानना है कि इससे बच्चों की पढाई बाधित होती है। खेल या फन के प्रति बच्चों का झुकाव स्वाभाविक है, तो पैरेन्ट्स की इस बात में भी दम है कि आजकल के इस कॉम्पिटीटिव माहौल में वही आगे बढ सकेगा, जो पढाई को गंभीरता से लेगा।

जरा कल्पना करो उन दिनों की, जब सभी स्टूडेंट्स गेमिंग कांसोल लेकर स्कूल जाएंगे। और जब ऐसा होगा, तब बुक्स या नोटबुक्स की कोई जरूरत ही नहीं रह जाएगी..। तुम सोच रहे होगे कि भला ऐसा भी हो सकता है क्या? बिल्कुल हो सकता है, अगर सारा स्टडी मैटीरियल एक कम्प्यूटर चिप में मौजूद हो! या फिर खास तरह के सॉफ्टवेयर/हार्डवेयर तैयार किए जाएं, जिससे पढाई से संबंधित सारी सामग्री पलक झपकते ही कम्प्यूटर या वीडियोगेम स्क्रीन पर आ जाए? आजकल इसी थीम पर दुनिया भर के साइंटिस्ट, एजुकेटर्स, इंजीनियर्स व टेक्नॉलॅजि प्रॅफेशनल्स काम कर रहे हैं, ताकि गेम कांसोल के माध्यम से रीडिंग, राइटिंग व कैलकुलेशन्स - तीनों एक साथ संभव हो जाए।

दरअसल, इस बात को दुनिया के सभी एजुकेटर्स मान रहे हैं कि किसी भी चीज को बच्चे तभी अच्छी तरह सीख पाते हैं, जब सिखाने वाला माध्यम उनकी पसंद का हो। यानी कि महत्वपूर्ण यह नहीं कि आप बच्चों को क्या सिखाना चाहते हैं, बल्कि कैसे सिखाते हैं - यह अधिक महत्वपूर्ण है। इस प्रॉजेक्ट में जबरदस्त सफलता मिली है और दुनिया भर में कई जगहों पर इसे तैयार कर लिया गया है और धीरे-धीरे आजमाया भी जा रहा है। इसे लागू करने से पहले बच्चों की पसंद के हिसाब से विभिन्न श्रेणियां तय की गई - एचीवर्स, ट्रैडिशनल्स, क्रिएटिव्स, रिबेल्स व लोनर्स और उसी हिसाब से अलग-अलग तरह के लर्निग टूल्स भी ईजाद किए जा रहे हैं।

वीडियो गेम मशीन के प्रति जहां एक ओर बच्चों का जबरदस्त क्रेज होता है, वहीं दूसरी ओर अधिकतर पैरेन्ट्स का यही मानना है कि इससे बच्चों की पढाई बाधित होती है। खेल या फन के प्रति बच्चों का झुकाव स्वाभाविक है, तो पैरेन्ट्स की इस बात में भी दम है कि आजकल के इस कॉम्पिटीटिव माहौल में वही आगे बढ सकेगा, जो पढाई को गंभीरता से लेगा।

इन्हीं बातों के मद्देनजर एक ऐसा रास्ता निकाला गया है, जिससे बच्चे और पैरेन्ट्स दोनों खुश हो जाएंगे। जी हां, वीडियो गेम कांसोल के माध्यम से पढाई की तकनीक ने जापान के क्लासरूम में अपनी खास जगह बना ली है। अब बच्चे नाइन्टेंडो डीएस गेम कांसोल के डबल स्क्रीन पर मैथेमेटिकल कैलकुलेशन्स करते नजर आएंगे।

मल्टी-टास्किंग को अंजाम देने वाले इन गेमिंग कांसोल की मदद से बच्चों को अंग्रेजी के शब्द भी सिखाए जा रहे हैं। ऐसे गेमिंग कांसोल के साथ मजेदार बात यह है कि बच्चे एक ही समय में अंग्रेजी के शब्दों को स्क्रीन पर देख सकते हैं, उनका सही उच्चारण सुन व सीख सकते हैं और अपने अभ्यास के लिए उसे लिख भी सकते हैं।

दरअसल, गेमिंग कांसोल के साथ लर्निग का एक विशेष लाभ यह होता है कि सीखने की स्पीड भी तेज हो जाती है। इसके अलावा, किसी भी विषय पर मस्तिष्क को फोकस करने की क्षमता यानी कि एकाग्रता भी बढती है।

नासा की ओर से एजुकेटर्स के लिए ग्लेन लर्निग टेक्नॉलॅजि प्रॉजेक्ट मुफ्त उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे मिड्ल, जूनियर व हाई स्कूल के स्टूडेंट्स को वैज्ञानिक तरीके से सिखाने में मदद मिलती है। कम्प्यूटर गेम की तरह के इस FoilSim को नासा ग्लेन रिसर्च सेंटर के एयरोडाइनैमिसिस्ट टॉम बेन्सन ने तैयार किया है। इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए लॉग ऑन कर सकते हैं - www.grc.nasa.gov पर। अब ऐसे गेम्स तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें मोबाइल फोन के स्क्रीन पर भी खेला जा सकता है और खेल-खेल में कई चीजें सीखी जा सकती हैं। प्लेफुल लर्निग का यह तरीका मजेदार है न?

जेजे डेस्क

वीडियो गेम अब बच्चों के लिए सिर्फ एंटरटेंमेंट का साधन नहीं रह गया है। विदेशों में गेम कांसोल के माध्यम से स्टूडेंट्स की लर्निग स्किल्स बढ़ रही हैं। तुम लोगों के लिए यह कॉन्सेप्ट नया जरूर है, पर खेल-खेल में सीखने का यह नायाब तरीका तुम्हें भी पसंद जरूर आएगा। क्या है यह लर्निग फंडा?
वीडियो गेम से लर्निग ग्रेट आइडिया! वीडियो गेम से लर्निग ग्रेट आइडिया! Reviewed by Brajmohan Saini on 6:51 AM Rating: 5

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