Save tigers before it’s too late

अगर हम यूं ही अनदेखी करते रहे, तो एक दिन आएगा जब धरती पर बाघ का नामोनिशान तक नहीं बचेगा. इंडोनेशियन फॉरेस्ट्री मिनिस्ट्री द्वारा रविवार को जारी की गई रिपोर्ट में सामने आया है कि पूरे व‌र्ल्ड में अब केवल 3200 बाघ ही बचे हैं.
बचीं छह प्रजातियां
रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया में बाघों की मात्र छह प्रजातियां बची हैं. सुमात्राई, बंगाल टाइगर, अमूरसी, इंडो-चाइनीज, दक्षिणी चीनी और मलेशियाई. यह रिपोर्ट सोमवार को यहां बाघ बचाओ अभियान के लिए सोमवार को हुई 13 देशों के सदस्यों की बैठक से एक दिन पहले जारी की गई.
तस्करी बनी अभिशाप
रिपोर्ट के अनुसार, बाघों के प्राकृतिक आवास नष्ट होने के कारण उनकी संख्या तेजी से घट रही है. गैर कानूनी तौर पर इनका शिकार और तस्करी भी किसी अभिशाप से कम नही है. लोग बाघों के रहने के स्थान जंगलों को उजाड़कर अपने रहने के ठिकाने बना रहे हैं. बाली में हुई बैठक का उद्घाटन इंडोनेशिया के वन मंत्री जुल्फिकार हसन ने किया. इस मुद्दे पर अगली बैठक इस साल सितंबर के महीने में रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में 15 से 18 तारीख तक आयोजित होगी.
Save tigers before it’s too late Save tigers before it’s too late Reviewed by Brajmohan Saini on 5:18 AM Rating: 5

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