शहर की हर गली में मिलेगी डिंपी

KANPUR NEWS 30 July : सात फेरों के साथ राहुल महाजन और डिंपी ने जीवन भर साथ निभाने की कसमें खाई थी. उनकी ये कसमें चार महीनें में ही तार-तार हो गईं. राहुल महाजन ने डिंपी की इतनी पिटाई की कि वो घर छोड़ने को मजबूर हो गई. हालांकि वह फिर लौट आई. यह तो थी डिंपी की बात, लेकिन शहर में डिंपी जैसी कई लड़कियां हैं. इन लड़कियों ने घर छोड़ा नहीं बल्कि इन्हें घर से निकाल दिया गया या इतना मजबूर कर दिया गया कि वो घर छोड़ने को मजबूर हो गई.
वो मेरे स्टैंडर्ड की नहीं.
रतनलाल नगर के शोभराज केसवानी ने अपनी बेटी सारिका की शादी 13 दिसम्बर 2004 में बनारस के भरत छाबड़ा से की थी. बनारस में एकाउंट्स का काम करने वाले भरत ने शादी की पहली रात को ही सारिका की पिटाई की. इसके बाद भरत के लिए सारिका को पीटना रोज की बात हो गई. शादी के छह महीने भी नहीं बीते की भरत ने एक रात सारिका को मारपीटकर घर से निकाल दिया. उस समय सारिका के पास एक फूटी कौड़ी तक नहीं थी जिससे वो अपने घर वापस आ सकती या घर वालों को सूचना दे पाती.
रात में सड़क पर कराहती सारिका को देखकर भरत के कुछ पड़ोसी उसे घर तक छोड़ गए. सारिका के घर वालों ने कई बार भरत के घर वालों से बात करनी चाही पर वो बात करने को राजी नहीं हुए. उन्होंने डोमेस्टिक वॉइलेंस का मामला दर्ज कराया. सारिका अपनी ससुराल जाना चाहती है पर भरत का कहना है कि सारिका उसके और अपनी फैमली के स्टैंडर्ड की नहीं है. उसके घर के माली हालत इतनी अच्छी नहीं. पिता कब तक उसे रख सकेंगे. इसलिए वो कोर्ट में हर बार भरत से चीख-चीखकर घर ले जाने को कहती है.
शादी के चार साल बाद रंग बदला
किदवई नगर की मीनू की शादी चार साल पहले लखनऊ के आशीष से हुई थी. आशीष उस समय कम्पटीटिव एग्जाम्स की तैयारी कर रहा था. शादी के बाद उसका सलेक्शन आईआरएस में हो गया. ऑफीसर की पोस्ट मिलते ही आशीष ने अपना रंग बदला और मीनू को प्रताड़ित करना शुरु कर दिया. मीनू को प्रेगनेंट हुए दो महीने हुए थे. आशीष ने मीनू के पेट में इतनी जोर से लात मारी की उसका मिसकैरेज हो गया. मीनू की हालत बिगड़ते देख आशीष उसे जयपुर के एक हॉस्पिटल में एडमिट कराकर चला गया. दो दिनों बाद जब मीनू की हालत में सुधार हुआ तो उसने अपने घरवालों को सूचना दी. उसके पिता उसे लेकर घर आ गए. मीनू के पिता ने आशीष के खिलाफ मामला दर्ज कराया. लेकिन आजतक कुछ नहीं हो पाया. मीनू कहती है कि आशीष की तरफ से उसके घरवालों को आए दिन धमकियां मिलती है. वो चाहती है कि आशीष उसे अपना ले क्योंकि उसके मम्मी पापा के बाद वो दुनिया में अकेली हो जाएगी. पर आशीष उसे अपनाना नहीं चाहता. मीनू का आरोप है कि आशीष ने दूसरी शादी भी कर ली है.
ग्यारह साल तक टॉर्चर
शास्त्री नगर की सुमन की शादी रामबाबू से 12 साल पहले हुई थी. रामबाबू ने शादी के बाद से ही सुमन को पीटना शुरु कर दिया. रोज रात में रामबाबू शराब पीकर आता और सुमन को पीटता. यह सिलसिला रोज चलता रहा. इस दौरान उसे दो बेटे शिवम और शुभम हुए. बेटे एक-एक बूंद दूध के लिए रोते तो उससे देखा नहीं गया. उसने दूसरों के घरों में चौका-बर्तन शुरु किया. रामबाबू की प्रताड़ना कम नहीं हुई सुमन जब भी घरों में काम करके लौटती तो उसे सड़क पर ही पीटना शुरु कर देता. इसके बाद सुमन दोनों बेटों को लेकर मौसी के घर चली आई.
दर्ज हुआ मुकदमा
सुमन को स्वीपर की नौकरी मिल गई इस पर रामबाबू ने उसे इज्जत का हवाला देते हुए जमकर पीटा. इस बार सुमन ने उसके खिलाफ डोमेस्टिक वॉइलेंस का मुकदमा दर्ज करा दिया. पिछले आठ दिनों से सुमन का बीमार है. वह कई लोगों से उधार ले चुकी है. उसे लगता है कि उसके जीवन में सिर्फ संघर्ष ही लिखा है.
शहर की हर गली में मिलेगी डिंपी शहर की हर गली में मिलेगी डिंपी Reviewed by Brajmohan Saini on 1:46 AM Rating: 5

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