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Wednesday, April 29, 2009

पाकिस्तान विफल देश बन सकता है

कुछ दिनों का मेहमान पाकिस्तान! NEW YORK (6 April, Agency): पाकिस्तान में बढ़ता टेररिज्म घातक रूप लेता जा रहा है. अगर यह इसी तरह चलता रहा तो पाकिस्तान अगले छह महीने के भीतर बिखर सकता है. यह आशंका गुरिल्ला युद्ध के एक सीनियर एक्सपर्ट ने जताई है. यह भयावह भविष्यवाणी शीर्ष अमेरिकी कमांडर जनरल डेविड एच पेट्रास के पूर्व सलाहकार डेविड किलकुलेन ने की है. विफल देश बन सकता है लास्ट वीक पेट्रास ने भी यही विचार व्यक्त किया था कि बढ़ते टेररिज्म के कारण पाकिस्तान विफल देश बन सकता है जो अल-कायदा और न्यूक्लियर वेपंस का गढ़ है. किलकुलेन का बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान में टेररिस्ट अटैक्स बढ़ गए हैं और पाकिस्तान एवं वाशिंगटन में कुछ विश्लेषक भविष्यवाणी कर समय सीमा तय करने लगे हैं. भारत को दुश्मन न.1 मानते हैं न्यूयार्क टाइम्स ने प्रेसीडेंट ओबामा की पॉलिसी की सफलता पर संदेह जताया है जिसमें टेररिज्म को समाप्त करने के लिए पाक को भागीदार बनाया गया है. पाक भारत को अब भी दुश्मन नंबर एक मानते हैं. न्यूजपेपर ने लिखा है कि पाक सरकार ने अमेरिकी धन के कारण ओबामा की नीति का स्वागत किया है और पॉजिटिव चेंज बताकर इसे एप्रीसिएट किया है. इसने कहा कि ओबामा प्रशासन भले ही पाकिस्तानी लोगों को अपने पक्ष में करने का प्रयास कर रहा हो लेकिन जनता, पॉलिटिकल ग्रुप और आर्मी ने योजना को नकार दिया है. वह अल-कायदा और तालिबान को खतरा नहीं मानते जिसे वाशिंगटन साझा दुश्मन कहता है. आर्मी चीफ कियानी और प्रेसीडेंट जरदारी सहित कुछ लोग भले ही अमेरिका से सहमत हों लेकिन कम से कम आर्मी के लिए भारत ही बड़ी प्राथमिकता है. लड़ाई की बजाए समझौता हो टाइम्स ने कहा कि तेजी से बढ़ रहे इस्लामी चरमपंथ को हराने के लिए पाकिस्तान की प्राथमिकता में कैसे बदलाव लाया जाए इसके लिए ज्वाइंट चीफ आफ स्टाफ के अध्यक्ष माइक मुलेन और क्षेत्र के लिए विशेष दूत रिचर्ड हालब्रुक इसी हफ्ते पाकिस्तान जा रहे हैं. न्यूजपेपर ने कहा है कि हिंसा में बढ़ोतरी के बावजूद पाकिस्तानी लोगों का मानना है कि आतंकवादियों से लड़ाई के बजाए उनसे समझौता किया जाए. आर्मी के कुछ जवानों सहित कुछ लोग टेररिस्ट्स को अपना दुश्मन नहीं मानते हैं और उनके प्रति सहानुभूति रखते हैं.

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