इस दीपावली दो बड़ी फिल्में एक्शन री प्ले और गोलमाल-3 रिलीज होंगी. अगर गौर करें तो दोनों ही फिल्में फनी मूड की हैं. गोलमाल सिरीज ने हॉलीवुड की अमेरिकन पाई की तरह अपनी फ्रेंचाइजी डेवलप कर ली है. हिंदी में यह पहली फिल्म है जिसका दूसरा सीक्वेल बना है. वहीं एक्शन री प्ले के निर्देशक विपुल शाह भी लाइट मूड की फिल्में बनाने के लिए जाने जाते हैं.
इस बीच कुछ छोटे बजट की फिल्में जो रिलीज होने की बाट-जोह रही थीं, फटाफट दीपावली से पहले वाले हफ्ते में थिएटर में पहुंच गई. यानी एक बात साफ है कि दीपावली में सीरियस स्टफ के लिए कोई जगह नहीं. सूरज बड़जात्या ने अभी हाल में अपने एक इंटरव्यू में कहा कि वे अपनी फिल्में दीपावली के मौके पर ही रिलीज करना पसंद करते हैं. उनका मानना है कि दीपावली का समय फेमिली मूवीज के लिए सबसे बेहतर होता है. लोग फेमिली के साथ सिनेमा देखने जाना पसंद करते हैं. पिछले कुछ सालों में फेमिली फिल्मों का जोर कम हुआ है. उसकी जगह कॉमेडी या रोमांटिक कॉमेडी ने ली है. आम तौर पर यह माना जाता है कि हर साल की सबसे बड़ी फिल्म दीपावली के मौके पर ही रिलीज होती है. दक्षिण में, खास तौर पर तमिलनाडु में दीपावली पर कई बड़े बजट की फिल्में मैदान में होती हैं. दीपावली पर फिल्में रिलीज करने का चलन रजनीकांत की दलपति से बढ़ा.
दिलचस्प बात यह है कि भले ही फिल्म इंडस्ट्री को अपनी बड़े बजट की फिल्मों के साथ सेफ गेम खेलने के लिए दीपावली का इंतजार रहता हो, फिल्मों में कभी भी दीपावली को होली जितनी अहमियत नहीं मिली. दीपावली कहानी का हिस्सा बनकर बहुत कम आता है. हां, सत्तर के दशक में साउथ के एक्टर दीपावली की आतिशबाजी के बीच गीत गाते दिख जाते थे.
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